गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी


Antarvasna, kamukta: मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं था मैं बहुत ज्यादा परेशान होने लगा था मेरी पत्नी के साथ मेंरी बिल्कुल भी नहीं बनती थी जिस वजह से मैं उससे अलग होना चाहता था। कई बार मैंने उससे डिवोर्स के बारे में बात की थी लेकिन मेरी पत्नी थी कि वह मेरी बात मानती ही नहीं थी। हम दोनों के बीच अक्सर किसी ने किसी बात को लेकर झगड़े हो ही जाते थे मेरी पत्नी बड़े घराने से है। जब मेरी उससे शादी हुई थी तो सब कुछ हम दोनों के बीच ठीक था लेकिन अब मुझे लगने लगा था कि हम दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है वह बात बात पर मुझसे झगड़ा करने लगी थी। मेरे और मेरी पत्नी के बीच में काफी ज्यादा दूरियां बढ़ने लगी थी और मैं बहुत ज्यादा परेशान भी रहने लगा था। मैं और मेरी पत्नी अब एक दूसरे से डिवोर्स लेना चाहते थे। मैंने अपनी पत्नी को डिवोर्स देने का फैसला कर लिया था और जब मैंने उसे डिवोर्स दिया तो उसके बाद मैं अपनी जिंदगी में बिजी रहने की कोशिश करने लगा था लेकिन फिर भी मुझे कई बार बहुत ही अकेलापन महसूस होता है।

मेरी लाइफ पूरी तरीके से अकेली हो चुकी थी मैं अपने दोस्तों से भी नहीं मिला करता था क्योंकि मुझे उन लोगों से मिलना भी अब ज्यादा अच्छा नहीं लगता था। मैं अपनी जिंदगी में परेशान होता चला गया था। एक दिन मेरे दोस्त का मुझे फोन आया जब उस दिन मुझे रजत का फोन आया तो मैंने रजत से मिलने का फैसला किया और हम दोनों उस दिन मिले। रजत और मैं उस दिन काफी समय के बाद मिल रहे थे उस दिन मैं रजत के घर पर ही गया था उसने मुझे अपने घर पर बुला लिया था। रजत मेरा काफी अच्छा दोस्त है लेकिन काफी समय से मैंने उससे भी दूरियां बना ली थी और कहीं ना कहीं यह दूरियां सिर्फ इसी वजह से थी कि मैं अपनी जिंदगी में परेशान था और मैं किसी से भी मिलना नहीं चाहता था। रजत ने मुझे कहा कि तुम्हें कम से कम मुझे एक बार फोन कर के तो बताना चाहिए था। मैंने रजत को सारी बात बता दी थी और उसके बाद मैं और रजत एक दूसरे के साथ ही बातें कर रहे थे। रजत यह बात अच्छे से जानता था कि मैं बहुत ज्यादा परेशान हूं और मेरी परेशानी की वजह यही है कि मैं अपनी पत्नी से अलग हो चुका हूँ। मैं और रजत बहुत अच्छे दोस्त है हम दोनों साथ में काफी देर तक रहे और हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगा जब हम दोनों साथ में थे।

काफी समय के बाद मैं रजत के साथ था तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा और रजत ने भी मुझे काफी समझाने की कोशिश की। मैंने उसे कहा कि मुझे मालूम है कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए या मुझे किसी ऐसे का साथ चाहिए जो कि मुझे समझ सके। रजत हमेशा से ही मेरे बहुत करीब रहा है और वह मेरे स्कूल के दिनों से मेरे साथ है। उसने मुझे काफी समझाने की कोशिश की और उसके बाद मैंने भी अपने आप को बदलने की कोशिश की। समय के साथ सब कुछ बदलता जा रहा था और मैं भी अब खुश होने की कोशिश करने लगा था। एक दिन उसने मुझे अपनी एक फ्रेंड कंचन से मिलवाया कहीं ना कहीं कंचन और मेरी जिंदगी बिल्कुल एक जैसी ही थी कंचन के डिवोर्स को हुए अभी एक वर्ष ही हुआ था और वह भी बहुत ज्यादा परेशान थी। मुझे क्या मालूम था कि कंचन से मिलने के बाद मैं और कंचन साथ में समय बिताने लगेंगे। जब भी हम दोनों साथ में होते तो हम दोनों को अच्छा लगता। हम दोनों की मुलाकात काफी ज्यादा बढ़ने लगी थी और मेरी सारी परेशानी का हल भी कंचन के पास ही था क्योंकि कंचन से जब भी मैं मिलता तो वह मेरी परेशानी पल भर में ही दूर कर दिया करती।

मेरी जिंदगी में अब सब कुछ ठीक से चलने लगा था और मैं बहुत ज्यादा खुश था जिस तरीके से मैं और कंचन एक दूसरे के साथ थे। हम दोनों की जिंदगी अच्छे से चल रही थी और एक दिन मैं और कंचन साथ में बैठे हुए थे हम दोनों साथ में बहुत ही अच्छा टाइम बिताया करते। कंचन और मैं एक दूसरे के साथ काफी अच्छा टाइम स्पेंड कर रहे थे। मैंने एक बार कंचन से कहा कि मुझे तुम्हारे साथ में बहुत ही अच्छा लगता है तो कंचन मुझे कहने लगी कि संजय मुझे भी तुम्हारे साथ बहुत अच्छा लगता है। हम दोनों एक दूसरे के काफी करीब आ चुके थे और हम लोग एक दूसरे को समझने भी लगे थे यही वजह थी कि हम दोनों के बीच बहुत ज्यादा प्यार बढ़ने लगा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ शादी करने के लिए तैयार थे। मैं तो कंचन के साथ शादी करने के लिए बिल्कुल तैयार था और कंचन भी मेरे साथ शादी करने के लिए तैयार थी। हम दोनों ने अब शादी करने का फैसला कर लिया था मेरे और कंचन के बीच बहुत ज्यादा प्यार बढ़ चुका था और कुछ ही समय मे हम दोनों शादी कर चुके थे। हम दोनों एक दूसरे के बिना बिल्कुल भी रह नहीं पाते थे मैंने कंचन के साथ कोर्ट मैरिज कर ली थी और कंचन भी बहुत ज्यादा खुश थी जब हम दोनों ने शादी कर ली।

हम दोनों की शादी हो जाने के बाद हम दोनों साथ में काफी अच्छे से रहते और मैं कंचन के साथ बहुत ही खुश था। कंचन मेरी जिंदगी में जब से आई थी तब से मेरी जिंदगी में खुशियां लौट आई थी और मैं उसके साथ बहुत ही अच्छे से समय बिताया करता था। कंचन के मेरे जीवन में आने से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी है मैं बहुत खुश हूं। हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से देते हैं हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ही ज्यादा खुश है। मुझे जब भी कंचन की जरूरत होती है तो कंचन हमेशा ही मेरा साथ देती। मैं कंचन के गदराए हुए बदन का मजा हमेशा लेता हूं। जब भी मुझे उसके साथ सेक्स करना होता है वह मेरे साथ हमेशा ही सेक्स करने के लिए तैयार रहती है। उस दिन जब मैं और कंचन एक दूसरे के होठों को चूम रहे थे तो हम दोनों को ही अच्छा लग रहा था मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया था। मैंने कंचन की गर्मी को बढ़ा दिया था वह बहुत ही अधिक गर्म हो चुकी थी। मेरी गर्मी बहुत बढ़ चुकी थी कंचन और मैं बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे। हम दोनों की गर्मी अब इतनी ज्यादा बढने लगी थी मै बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था। ना तो मैं अपने आपको रोक पा रहा था ना ही कंचन अपने आपको रोक पा रही थी। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को बढा दिया था जब मैं और कंचन एक दूसरे के साथ में किस कर रहे थे।

मैं कंचन के स्तनों को दबाने लगा था कंचन के स्तनों को दबाने में मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और कंचन को भी काफी ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी। हम दोनों की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कंचन और मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। उसने मेरे मोटे लंड को अपने हाथों में ले लिया और वह उसे हिलाने लगी। जब वह ऐसा करने लगी तो मुझे मजा आ रहा था और कंचन को भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा था जिस तरीके से मैं और कंचन एक दूसरे के साथ में सेक्स करने के बारे में सोच रहे थे वह बहुत ही ज्यादा खुश हो चुकी थी। उसने मेरे मोटे लंड से पानी बाहर निकाल दिया था उसने मेरे लंड को अच्छे से चूसा वह तब तक मेरे लंड को चूसती रही जब तक उसने मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी बाहर नहीं निकाल दिया था। मै कंचन की चूत को चाटना चाहता था। मै कंचन की चूत को चाटता तो मुझे मजा आता और मैं कंचन की योनि को चाटे जा रहा था मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जिस तरीके से मै कंचन की चूत को चाट रहा था। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया था।

हम दोनों को बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था मैं और कंचन एक दूसरे के साथ सेक्स करना चाहते थे। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को प्रवेश करवाया और उसकी चूत में मेरा लंड जाते ही वह चिल्ला रही थी वह मुझे बोली मेरी चूत में दर्द हो रहा है। मैं इस बात से और भी ज्यादा खुश हो गया था मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था। कंचन की चूत मुझे टाइट महसूस हो रही थी मुझे उसे चोदने में मजा आ रहा था जिस तरीके से मैं उसे धक्के मरता तो वह बहुत ज्यादा गर्म होती जा रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे चोदते जाओ। मैंने उसे काफी देर तक चोदा मुझे बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से हम दोनो एक दूसरे का साथ दे रहे थे। हम दोनों की गर्मी बढ़ती जा रही थी मैंने कंचन से कहा मेरी गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है।

कंचन मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है कंचन और मैं एक दूसरे के साथ जमकर सेक्स का मजा ले रहे थे मेरा वीर्य बाहर आने को था लेकिन मैं उसे बड़ी तेजी से चोद रहा था। जिस तरीके से मै उसे चोद रहा था उस से मेरी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से सेक्स संबंध बना रहे थे हम दोनों बहुत ज्यादा खुश थे। मै बिल्कुल भी गर्मी को झेल नहीं पा रहा था। मैंने कंचन से कहा मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा हूं। जब मैंने कंचन की चूत में अपने माल का गिराया तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है जिस तरीके से हम दोनों ने एक दूसरे के साथ में सेक्स किया है।


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