ड्राइव पे जाने के बाद वह चुदाई


Antarvasna, kamukta: मैं अपनी सहेली की शादी के लिए जयपुर जाने वाली थी थोड़े ही दिनों बाद उसकी शादी होने वाली थी, मैं मुंबई की रहने वाली 24 साल की लड़की हूँ। मेरी सहेली जो कि जयपुर में ही रहती है वह मेरे साथ कॉलेज में पढ़ा करती थी लेकिन उसने अचानक से शादी का फैसला कर लिया इस बात से मैं थोड़ा हैरान जरूर थी। उसकी शादी करने के पीछे की वजह यही थी कि वह जिस लड़के से शादी कर रही थी वह दोनों आपस में एक दूसरे को प्यार करते हैं मेरी सहेली का नाम रचना है। रचना जब मुझे पहली बार कॉलेज में मिली तो वह बहुत शरमाती थी लेकिन धीरे-धीरे उसके अंदर की शरम भी खत्म होने लगी थी। रचना पढ़ने में बहुत ही अच्छी थी और उसने हमारे कॉलेज में टॉप भी किया था मैंने रचना को फोन किया और रचना से पूछा क्या तुम्हारी सारी शॉपिंग हो चुकी है?

वह कहने लगी कि मनीषा मेरी तो सारी शॉपिंग हो चुकी है। मैंने उसको कहा आखिरकार तुमने शादी करने का फैसला कर ही लिया वह कहने लगी कि मनीषा तुम्हें तो पता ही है ना कि मैं रजत से कितना प्यार करती हूं और उससे तो मुझे शादी करनी ही थी। उन दोनों का प्यार उस वक्त परवान चढ़ा जब रचना मुंबई में पढ़ती थी और रजत अपने बिजनेस के सिलसिले में मुंबई आया हुआ था उसी दौरान उन दोनों की मुलाकात हो गई। वह दोनों एक ही शहर के रहने वाले थे इस वजह से उन दोनों के बीच कुछ ज्यादा ही नजदीकियां बढ़ने लगी उसके बाद भी रचना और रजत का आपस में मिलना जारी रहा जिसके बाद उन दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। मुझे रचना कहने लगी कि मनीषा तुम जयपुर कब आ रही हो तो मैंने रचना को कहा मैं बस कुछ ही दिनों में जयपुर आ जाऊंगी। रचना इस बात से बहुत ही खुश थी लेकिन फिलहाल मेरा कुछ जरूरी काम था इसलिए मुझे कुछ दिनों के लिए पुणे जाना था और मैं कुछ दिनों के लिए पुणे चली गई। पुणे में कुछ दिन रुकने के बाद मैं वापस मुंबई लौटी और उसके कुछ ही दिन बाद मैंने जयपुर की फ्लाइट की टिकट बुक करवा ली। मैंने जब जयपुर की फ्लाइट की टिकट बुक करवाई तो रचना मुझे कहने लगी की मनीषा तुम आ तो रही हो ना।

मैं चाहती थी कि मैं रचना को सरप्राइज़ दूँ, मैं जब जयपुर पहुंची तो मैंने किसी तरीके से रचना के घर का पता करवाया और उसके घर तक पहुंच गई क्योंकि रचना ने मुझे पहले ही घर का एड्रेस भेज दिया था। मैं जब रचना के घर पहुंची तो वह मुझे देख कर खुश हो गई और कहने लगी कि आखिरकार तुम आ ही गई मैंने रचना को कहा मुझे तो आना ही था यदि मैं नहीं आती तो और कौन आता तुम्हारी शादी में। रचना ने मुझे गले लगाया और कहने लगी कि तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो मैंने उससे कहा क्या तुमने शादी की तैयारियां पूरी करवाली है तो वह मुझे कहने लगी कि यह सब तो मेरे भैया और पापा देख रहे हैं उन्होंने ही शादी की पूरी तैयारियां करवाई है। मैं कुछ दिनों तक जयपुर में ही रुकने वाली थी और रचना की शादी होने में भी कुछ दिन थे। रचना ने मुझे कहा मनीषा तुम जल्दी से फ्रेश हो जाओ उसके बाद हम लोग घूमने के लिए चलते हैं मैंने रचना को कहा क्यों ना हम लोग शाम के वक्त घूमने के लिए जाएं वह कहने लगी कि ठीक है जैसा तुम्हें अच्छा लगता है। मैं फ्रेश होने के लिए बाथरूम में चली गई और उसके बाद जब मैं बाहर आई तो रचना मेरा इंतजार कर रही थी हम दोनों रचना के रूम में ही बैठे हुए थे रचना ने मुझसे कहा तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है। मैंने उससे कहा मेरी जॉब तो अच्छी चल रही है लेकिन तुम अब शादी कर के अपनी नई जिंदगी शुरू करने जा रही हो। वह मुझे कहने लगी कि हां मैं अपनी नई जिंदगी शुरू करने जा रही हूं और मैं अपनी शादी से भी बहुत खुश हूं क्योंकि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि रजत से मेरी शादी हो जाएगी। हम दोनों बातों में इतना खो गए कि समय का पता ही नहीं चला, जब शाम होने वाली थी तो रचना ने मुझे कहा कि मनीषा चलो हम लोग घूम आते हैं। हम दोनों घूमने के लिए चले गए रात को जयपुर का नजारा बहुत ही सुंदर था और मुझे इस बात की बहुत खुशी थी कि मैं रचना से काफी समय बाद मिल रही थी। रचना और मैं अपने कॉलेज के दिनों को याद करने लगे हम लोग जिस रेस्टोरेंट में बैठे थे वहां से जयपुर का नजारा बहुत ही सुंदर लग रहा था। मैंने रचना को कहा रचना मैं एक फोटो लेना चाहती हूं तो रचना ने मुझे कहा ठीक है तुम फोटो ले लो। मैंने रेस्टोरेंट की खिड़की से जब बाहर की तरफ देखा तो वह नजारा और भी अच्छा लग रहा था मैंने अपने मोबाइल में वह फोटो खींच ली और उसके बाद हम दोनों काफी देर तक उसी रेस्टोरेंट में बैठे रहे।

रचना मुझे कहने लगी कि क्या अब हम लोग चलें मैंने उससे कहा ठीक है हम लोगों को घर चलना चाहिए क्योंकि काफी समय भी हो चुका है। रात के 9:00 बज चुके थे और हम लोग जब घर पहुंचे तो रचना की मां कहने लगी कि बेटा तुम लोग इतनी देर से आ रहे हो। रचना ने जवाब दिया और कहा कि आने में थोड़ा देर हो गई रचना की मां कहने लगी ठीक है  और फिर वह चली गई हम लोग भी अब रचना के रूम में चले गए थे। हम दोनों साथ में बैठकर बात करने लगे रात को भी हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे से बात करते रहे मुझे तो नींद ही नहीं आ रही थी। मैंने रचना को कहा कि मुझे सिगरेट पीनी है तो रचना कहने लगी कि मनीषा यहां रहने दो यदि यहां किसी को पता चला दो पापा मुझे बहुत डांटेंगे मैंने रचना को कहा ठीक है फिर कल सुबह ही मैं सिगरेट पी लुंगी। मैंने और रचना ने उस रात काफी देर तक बात की और उसके बाद बातें करते करते हम दोनों पता नहीं कब सो गए कुछ मालूम ही नहीं पड़ा।

रचना की शादी की सब तैयारियां हो चुकी थी और अगले दिन रचना के कुछ और रिश्तेदार भी घर पर आ चुके थे कुछ ही दिनों बाद रचना की शादी होने वाली थी और जल्द ही सारी तैयारियां हो चुकी थी। जिस दिन रचना की शादी थी उस दिन वह बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही थी मैं बहुत ही ज्यादा खुश थी की रचना को उसका प्यार मिल ही गया। वह और रजत एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और उन दोनों की शादी हो जाने से मैं बहुत ही खुश थी। रचना की शादी हो चुकी थी और मैं भी मुंबई लौटने की तैयारी कर रही थी। मैं जब मुंबई लौटने के लिए एयरपोर्ट पहुंची तो जिस फ्लाइट से मैं मुंबई जाने वाली थी उसी फ्लाइट में मेरी मुलाकात अमन के साथ हुई। जब मैं अमन से मिली तो मुझे अमन से बात करके अच्छा लगा। अमन ने मुझसे पूछा तुम क्या जयपुर घूमने आई हुई थी? मैंने उससे कहा नहीं मैं अपनी सहेली की शादी में आई थी मैंने उसे शादी की कुछ तस्वीरें भी दिखाई। अमन भी कहने लगा तुम्हारी सहेली और उसके पति बहुत ही अच्छे लग रहे हैं उन दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी लग रही है। मैं अमन की तरफ देख रही थी जब हम लोग मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे तो वहां से हम दोनों साथ में ही घर आए अमन मुझे छोड़ता हुआ वहां से निकल चुका था। अमन से उसके बाद मेरी मुलाकात होती रही जब भी मैं अमन से मिलती तो मुझे अच्छा लगता मुझे भी लगने लगा था कि अमन को मैं पसंद करने लगी हूं। हम दोनों ने अभी तक एक दूसरे से इस बारे में कोई बात नहीं की थी लेकिन इसी बीच एक दिन अमन ने मुझे कहा हम लोग लॉन्ग ड्राइव पर चलते हैं और उस दिन हम लोग लॉन्ग ड्राइव पर चले गए। मै अमन के साथ बहुत खुश थी और मैं अमन की तरफ देख रही थी वह बड़ा खुश था। हम दोनों उस दिन काफी आगे तक निकल आए थे जब अमन ने मेरे होठों को किस किया तो मैं भी अपने आपको रोक ना सकी मैंने भी अमन को किस कर दिया। मै इतनी ज्यादा गरम हो गई हम दोनों अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सके और अमन ने अपने लंड को बाहर निकाल लिया। जब अमन ने लंड को बाहर निकाला तो मैंने अमन के लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और उसके लंड को मैं सकिंग करने लगी।

पहली बार ही मैं किसी के लंड को सकिंग कर रही थी लेकिन मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से मे अमन के लंड को अपने मुंह के अंदर बाहर कर रही थी उससे अमन बहुत खुश हो गया था लेकिन अब अमन अपने आपको रोक ना सका और मेरे अंदर की गर्मी भी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने अमन के लंड को अपनी चूत में लेने का फैसला कर लिया था। मैने जब अमन के लंड को अपनी चूत के अंदर लिया तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। अमन ने मेरे दोनों पैरों को खोला हुआ था और मेरी चूत से खून निकल रहा था अमन जिस प्रकार से मेरी चूत के मजे ले रहा था उससे मेरे अंदर की गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही थी और अमन मेरे स्तनों का भी रसपान कर रहा था।

वह मुझे कहने लगा मुझे तुम्हारे स्तनों को अपने मुंह में लेने में बहुत अच्छा लग रहा है मैंने अमन के लंड को बहुत तक अपनी चूत के अंदर लिया। मैंने अमन से कहा मैं बिल्कुल नहीं रह पा रही हूं अमन ने मुझे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया और उसने मुझे इतनी तेज गति से चोदा कि मेरी चूत से खून बाहर की तरफ बह रहा था लेकिन अमन को तो बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। वह जिस गति से मुझे चोद रहा था उस से मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी और मैंने अमन को कहा मुझे लगता है मेरे अंदर से गर्मी कुछ ज्यादा ही बाहर निकालने लगी है। अमन मुझे कहने लगा मुझे भी ऐसा ही लगता है कि मेरा वीर्य बाहर आने वाला है और थोड़े ही समय बाद अमन का वीर्य मेरी चूत में गिर चुका था। हम दोनों ने अपने प्यार का इजहार तो नहीं किया था लेकिन हम दोनों के बीच सेक्स हो चुका था और शायद यही वजह थी कि हम दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे थे अब मुझे अमन का साथ बहुत ही अच्छा लगता।


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