कॉलेज टाइम की गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स


Antarvasna, sex stories in hindi: कोई बहुत देर से दरवाजा खटखटा रहा था मैंने अपनी छोटी बहन रचना को आवाज देकर कहा कि रचना देखना दरवाजे पर कोई है। मैं अपने ऑफिस का काम कर रहा था तो रचना ही दरवाजे की तरफ गयी। जब रचना ने दरवाजा खोला तो रचना मुझे कहने लगी कि भैया आप से कोई मिलने के लिए आई है। दिशा हमारे पड़ोस में ही रहती हैं दिशा और मैं कॉलेज में साथ पढ़ा करते थे मैंने दिशा को कहा कि आज तुम इतने दिनों बाद मुझसे मिलने के लिए आई हो तो वह मुझे कहने लगी कि सोहन मैं कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस के टूर से गई हुई थी इसलिए मैं तुमसे मिलने के लिए आ नहीं पाई। मैं और दिशा एक दूसरे से बैठकर बातें कर रहे थे। हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो दिशा ने मुझे अपने मंगेतर अमित के बारे में बताया वह मुझे कहने लगी कि कल मैंने अपने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी है तो मैं चाहती हूं कि तुम भी मेरे साथ चलो, मैंने दिशा को कहा ठीक है मैं तुम्हारे साथ चलूंगा। दिशा और मैंने काफी देर तक एक दूसरे से बातें की। पापा और मम्मी मौसी से मिलने के लिए गए हुए थे इसलिए मैं और मेरी छोटी बहन ही घर पर थे, थोड़ी देर बाद दिशा भी जा चुकी थी। मुझे काफी तेज भूख लग रही थी तो मैंने अपनी बहन से कहा कि तुम मेरे लिए कुछ नाश्ता बना दो उसने मेरे लिए नाश्ता बनाया। नाश्ता करने के बाद मैं भी अपने दोस्तों से मिलने के लिए चला गया।

मैं अपने दोस्तों से मिला तो मुझे काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था मेरे दोस्त मेरी कॉलोनी में ही रहते हैं हम लोगों को वहां पर रहते हुए काफी वर्ष हो चुके हैं और मुझे उन लोगों से मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। दोस्तो से मिलने के बाद मैं घर लौट आया था जब मैं घर लौटा तो पापा और मम्मी भी घर लौट आए थे। अगले दिन सुबह मैं अपने ऑफिस चला गया और जब मैं अपने ऑफिस गया तो मुझे दिशा ने फोन किया। दिशा का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि सोहन तुम आज शाम को मेरे साथ चल रहे हो ना, मैंने दिशा को कहा हां मैं तुम्हारे साथ आ रहा हूं मैंने कल ही तो तुम्हे बता दिया था मैं ऑफिस से जल्दी घर आ जाऊंगा और उसके बाद हम दोनों चल पड़ेंगे। दिशा कहने लगी ठीक है मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी।

मैं उस दिन अपने ऑफिस से जल्दी घर चला आया मैं जब घर पहुंचा तो मैं जल्दी से तैयार होकर दिशा के घर पर चला गया दिशा मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने दिशा को कहा तुम तैयार हो चुकी हो तो वह कहने लगी कि हां मैं तैयार हो चुकी हूं और उसके बाद हम दोनों साथ में अमित के घर गए लेकिन उस दिन मुझे अमित का व्यवहार दिशा के प्रति कुछ ठीक नहीं लगा वह दिशा पर काफी ज्यादा गुस्सा कर रहा था। इस बात से कहीं ना कहीं दिशा भी परेशान थी और उसे भी बुरा लगा था लेकिन वह इस बात को अपने दिल में ही दबा कर बैठी हुई थी। मैंने भी दिशा से इस बारे में पूछना ठीक नहीं समझा जब हम लोग घर लौट रहे थे तो उस वक्त दिशा ने मुझसे कहा कि सोहन अमित का व्यवहार बहुत बदल चुका है और मुझे कई बार लगता है कि क्या मैंने अमित के साथ शादी करने का फैसला सही लिया है। मैंने दिशा को कहा देखो दिशा यह तुम दोनों का आपस का मामला है इस बारे में मैं कुछ भी नहीं कह सकता।

दिशा और अमित एक दूसरे से कुछ वर्षों से प्यार करते हैं और उसके बाद जब दिशा ने अपने घर पर अमित के बारे में बताया तो उन लोगों को भी अमित पसंद आया और उन दोनों की सगाई हो गई लेकिन अब दिशा को लगने लगा था कि शायद उसका यह फैसला कहीं गलत साबित ना हो जाए इसी वजह से वह बहुत ही ज्यादा परेशान होने लगी थी। मैं उसकी परेशानी उसके चेहरे पर साफ देख पा रहा था मुझे लगने लगा था कि दिशा बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी है और आखिरकार वह दिन आ ही गया जब अमित और दिशा के बीच में झगड़े शुरू हो गए। अमित और दिशा की शादी भी नहीं हुई थी और उन दोनों के बीच बढ़ते हुए झगड़ों से उन दोनों के रिश्ते में भी काफी दरार पैदा होने लगी थी। मैंने इस बारे में दिशा को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन दिशा और अमित एक दूसरे से दूरियां बना चुके थे और उन दोनों के बीच काफी दूरियां पैदा हो चुकी थी।

मैंने दिशा को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन दिशा इस बात के लिए तैयार नहीं थी वह दोनों अलग होना चाहते थे और वह दोनों अब एक दूसरे से अलग हो चुके थे। दिशा इस बात से बहुत ज्यादा परेशान रहने लगी थी मैंने दिशा को कई बार समझाने की कोशिश की और कहा कि तुम यह सब भूल कर अब आगे बढ़ने की कोशिश करो। दिशा ने भी एक कंपनी में जॉब कर ली और वह ज्यादातर समय अपने ऑफिस में ही दिया करती थी। मेरी भी मुलाकात दिशा से कम ही हुआ करती थी और काफी समय से मैं उससे मिल भी नहीं पाया था लेकिन जब मेरी उससे मुलाकात हुई तो मैंने उस दिन दिशा को कहा कि दिशा तुम पूरी तरीके से बदल चुकी हो। वह मुझे कहने लगी कि सोहन तुम जानते हो जबसे अमित से मेरा रिश्ता टूटा है तब से मैं बहुत ज्यादा परेशान रहने लगी हूं।

मैंने दिशा को कहा कि अब तुम उस बारे में भूल कर अपनी जिंदगी को अच्छे से आगे बढ़ाओ और अपनी जिंदगी में खुशियां लाने की कोशिश करो लेकिन दिशा अब ज्यादातर परेशान ही रहती थी। वह  जिस लड़के से प्यार करती थी उसका वह फैसला गलत हो चुका था इसलिए वह कहीं ना कहीं अंदर से बहुत ज्यादा परेशान होने लगी थी। दिशा बहुत ज्यादा परेशानी रहने लगी थी और मैं उसे समझाने की कोशिश करता। मैं दिशा के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगा था लेकिन मुझे नहीं पता था कि दिशा और मेरे बीच एक दिन किस हो जाएगा। वह भी मेरे लिए कहीं ना कहीं हो तड़पने लगी थी और उसके दिल में मेरे लिए कुछ तो चलने लगा था। जब एक दिन दिशा और मैं घर पर अकेले थे तो उस दिन हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बन गया जिससे कि हम दोनों एक दूसरे के प्रति और भी ज्यादा आकर्षित होने लगे। मैं दिशा को घर पर बुला लिया करता। अभी दो दिन पहले की बात है जब दिशा ने मुझे अपने घर पर बुलाया। वह उस दिन मेरे लिए तड़प रही थी मैंने दिशा की इच्छा को पूरा कर दिया था। मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और उसके होठों को अपने होंठो से किस करके दिशा की गर्मी को बढा दिया था।

उस दिन मैंने जब उसकी जांघों को सहलाना शुरू किया और उसके होंठों को चूमना शुरू किया तो वह इतनी ज्यादा गर्म हो गई कि वह अपने आपको बिल्कुल भी रोक ना सकी और मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लंड को मुंह में लेना चाहती हूं। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल  और दिशा के मुंह के अंदर घुसा दिया। दिशा ने उसे अपने मुंह के अंदर ले लिया और वह बडे ही अच्छे से मेरे लंड को सकिंग करने लगी। दिशा जिस प्रकार से मेरे लंड को सकिंग कर रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था और उसे भी बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा था। वह इतनी ज्यादा गर्म हो चुकी थी कि मुझे कहने लगी मैं तुम्हारे लंड को लेने के लिए तैयार हूं। मैंने उसके बदन से सारे कपड़े उतार कर उसके स्तनों को चूसना शुरू किया।

मैं जब दिशा के स्तनो को चूस रहा था तो मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था और उसके निप्पल को चूसते हुए मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। मैंने दिशा से कहा मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है। वह मुझे कहने लगी मुझे भी बहुत मजा आ रहा है। मैंने दिशा के अंदर की गर्मी को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था उसने अपने पैरों को खोला और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया। मैंने जब उसकी योनि को चाटना शुरू किया तो उसको मजा आने लगा और वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मेरे अंदर गर्मी बहुत बढ चुकी थी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा था। मैं और दिशा एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा गर्म होने लगे थे। मैंने दिशा की चूत पर अपने लंड को लगाकर अंदर की तरफ घुसाने की कोशिश की तो धीरे-धीरे मेरा लंड उसकी चूत में घुस चुका था। उसकी चूत में मेरा लंड जाते ही उसकी योनि से खून की पिचकारी बाहर की तरफ को निकल आया था उसकी योनि से खून निकल रहा था तो मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था और दिशा को भी बड़ा मजा आने लगा था जिस प्रकार से वह मेरा साथ दे रही थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे और मैंने दिशा से कहा मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है।

मैं दिशा की चूत के अंदर अपने लंड को कर रहा था वह मुझे अपने पैर के बीच में जकडने की कोशिश करती तो उसकी योनि से खून निकल रहा था। उसकी चूत से तेजी से पानी निकल रहा था और मुझे इस बात की बहुत ज्यादा खुशी थी कि उसकी चूत एकदम सील पैक है और मुझे उसकी चूत मारने में बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मैं उसे बड़ी तेज गति से चोद रहा था। मै जिस तेज गति से उस से धक्के दे रहा था उससे मुझे इतना ज्यादा मजा आने लगा था मैंने उसकी चूत में ही अपने माल को गिरा दिया और अपनी इच्छा को पूरा किया। दिशा बहुत ज्यादा खुश थी जब मैंने उसकी चूत में अपने माल को गिरा दिया था।

दिशा ने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया और मेरा लंड उसकी चूत में दोबारा से जाने के लिए तैयार था। दिशा ने मेरे लंड को कुछ देर तक सकिंग किया और जिस प्रकार से वह मेरे लंड को चूस रही थी उससे मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था और दिशा को भी काफी ज्यादा मजा आ रहा था। मैंने दिशा की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करना शुरू कर दिया था मेरा लंड उसकी चूत को फाडता हुआ उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था मैंने उसके दोनों पैरों को खोला हुआ था। मै जमकर उसे चोदे जा रहा था मुझे उसे चोदने में बहुत मजा आ रहा था। उसकी चूत मार कर मैं बड़ा खुश था मैंने अपनी और उसकी इच्छा को पूरा कर दिया था जिस प्रकार से उसकी इच्छा को पूरा किया उससे वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई थी और मुझे कहने लगी मैं बेकार में ही घबरा रही थी मुझे तो आज बहुत मजा आ गया। उसके बाद उसे मेरे लंड का ऐसा चस्का लगा वह मेरे लंड को लेने के हमेशा ही तैयार रहती। जब भी उसे मेरे साथ सेक्स करना होता तो वह मेरे साथ सेक्स करने के लिया आ जाती।