चूतडो को सामने करके बोली चूत मारो मेरी


Antarvasna, hindi sex kahani: भैया और भाभी के घर से चले जाने के बाद मम्मी पापा बहुत ज्यादा दुखी हो गए थे। भैया और भाभी अब अलग रहने लगे थे जिससे कि मम्मी और पापा दोनों ही बहुत ज्यादा दुखी थे मैं नहीं चाहता था कि उनके साथ ऐसा हो इस वजह से मैंने भैया को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन भैया कहां किसी की बात सुनने को तैयार थे। उन्होंने मेरी बातें बिल्कुल नहीं सुनी वह कहने लगे कि तुम अभी छोटे हो तुम्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता और तुम्हें इस बारे में बोलना भी नहीं चाहिए। भैया ने हम लोगों से जैसे रिश्ते ही खत्म कर लिए थे और इस बात से पापा और मम्मी बहुत ज्यादा दुखी थे उन्हें इस बात का सदमा भी लगा था जिससे कि पापा की तबीयत भी खराब होने लगी थी। उनकी तबीयत तो खराब रहती ही थी लेकिन उसके साथ ही अब घर की आर्थिक स्थिति भी खराब होने लगी थी क्योंकि पापा से इलाज में काफी पैसा लग चुका था जिससे कि घर की आर्थिक स्थिति पूरी तरीके से बिगड़ चुकी थी।

मैं अपने कॉलेज से आखिरी वर्ष में था लेकिन मुझे कॉलेज छोड़ना पड़ा मैंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई छोड़ दी और उसके बाद मैं नौकरी की तलाश में था। मुझे एक जगह नौकरी मिल गई वहां पर मेरी तनख्वाह सिर्फ 8000 ही थी लेकिन मुझे लगा कि मुझे यहां काम कर लेना चाहिए और मैं वहां काम करने लगा। मैं जिस कंपनी में काम करता था वहां पर मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था लेकिन मेरी मजबूरी थी कि मुझे वहां जॉब करनी पड़ रही थी। एक दिन मुझे मेरा दोस्त मिला और वह मुझे कहने लगा कि अमित मैं तुम्हें कब से फोन करने की कोशिश कर रहा था लेकिन तुम्हारा नंबर नहीं लग रहा है और ना ही तुम किसी के संपर्क में हो। मैंने उसे बताया कि मैं तुम्हें शाम के वक्त मिलता हूं और मैंने उसे अपना नंबर दे दिया जब शाम को मैं अपने दोस्त को मिला तो मैंने उसे सारी बात बताई। मेरा दोस्त मनोज जो कि मेरे साथ कॉलेज में पढ़ता था मैंने उसे अपने भाई और भाभी के बारे में बताया कि वह लोग कैसे घर छोड़ कर चले गए उसके बाद पापा की तबीयत भी खराब होने लगी और उनके इलाज में काफी पैसा लगने लगा। वह मुझे कहने लगा कि लेकिन तुम इतने कम पैसे में घर कैसे चला रहे हो तो मैंने उसे कहा मेरी मजबूरी है इसलिए मुझे यहां काम करना पड़ रहा है।

मनोज ने मुझे कहा कि मैं पापा से बात करके तुम्हारी नौकरी अच्छी जगह लगवा देता हूं। मनोज के पापा एक बड़े अधिकारी हैं और मनोज ने इसमें मेरी बहुत मदद की है मनोज ने मेरी जॉब एक अच्छी कंपनी में लगवा दी थी वहां पर मैं काम करने लगा था। मनोज का मुझ पर बहुत ही बड़ा एहसान था मनोज जब भी मुझे मिलता तो मैं मनोज को हमेशा ही कहता कि तुम्हारी वजह से ही मैं एक अच्छी जगह जॉब कर पा रहा हूं। मनोज अक्सर हमारे घर पर आया करता और वह पापा और मम्मी से मिलता तो उन्हें भी बहुत अच्छा लगता धीरे-धीरे घर में सब कुछ ठीक होने लगा था। पापा और मम्मी अब मेरे लिए लड़की तलाशना चाहते थे लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया क्योंकि जिस प्रकार से भाभी और भैया ने हमारे साथ किया शायद वह बिल्कुल भी ठीक नहीं था और मैं नहीं चाहता था कि मैं भी शादी करूं। एक दिन मेरी मां ने मुझे कहा कि देखो अमित बेटा तुम शादी कर लो हम लोग चाहते है कि तुम शादी करलो मैंने उन्हें कहा कि मैं शादी नहीं करना चाहता। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन मुझे मनोज का फोन आया और मनोज कहने लगा कि अमित तुम कहां हो मैंने उसे बताया कि मैं तो घर पर ही तो हूं। मनोज कहने लगा कि ठीक है मैं तुम्हें लेने के लिए अभी आ रहा हूं और थोड़ी ही देर बाद मनोज मुझे लेने के लिए आ गया। जब मनोज मुझे लेने के लिए घर पर पहुंचा तो मैंने मनोज से कहा की क्या आज कोई जरूरी काम है तो वह मुझे कहने लगा कि नहीं बस ऐसे ही आज हम लोग कहीं घूमने चले चलते हैं। उस दिन हम दोनों साथ में घूमने के लिए चले गए और हम लोग शाम के वक्त घर लौटे काफी समय से मैं कहीं घूमने के लिए भी नहीं गया था इसलिए मुझे काफी अच्छा लगा और अब हम लोग वापस लौट आए थे। जब मैं घर वापस लौटा तो पापा की तबीयत काफी खराब हो गई थी इसलिए उन्हें अस्पताल लेकर जाना पड़ा। पापा को मैं अस्पताल लेकर गया तो डॉक्टरों ने कहा तुम घबराओ मत, पापा अब थोड़ा ठीक महसूस कर रहे थे और उन्हें अगले दिन मैं घर वापस ले आया था। भैया का तो हमसे जैसे संपर्क ही खत्म हो चुका था और भैया को हम से कुछ लेना-देना ही नहीं था।

मुझे भी कई बार लगता कि मुझे शादी कर लेनी चाहिए जिससे कि कम से कम मेरे माता-पिता की देखभाल तो हो पाएगी क्योंकि मैं ज्यादातर अपने ऑफिस में ही रहता था और मुझे समय नहीं मिल पाता था। हमारे पड़ोस में एक परिवार रहने के लिए आया उन्हें हमारे पड़ोस में आए हुए अभी कुछ ही दिन हुए थे लेकिन उनका हमारे घर पर काफी आना-जाना हो गया था जिससे कि हमारा उनसे परिचय हो गया था सारिका भाभी अक्सर मुझे देखा करती उनकी हवस भरी नजरें मुझे ऐसे देखती जैसे कि वह मुझे उसी वक्त अपने कमरे में सेक्स करने के लिए बुला लेंगी और ऐसा ही हुआ। उन्होंने जब एक दिन मुझे घर पर बुलाया तो मैं और वह साथ में बैठे हुए थे मैंने उनसे पूछा आज घर में भाई साहब नहीं दिखाई दे रहा है वह कहने लगी वह अपने किसी काम से गए हुए हैं और उन्हें आने में देर हो जाएगी। सारिका भाभी अपने पल्लू को बार-बार सरकाती जिससे कि मेरा लंड खड़ा होता जा रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैंने उन्हें अपनी गोद में बैठाने का फैसला कर लिया था।

मैंने जैसे ही उन्हें अपनी गोद में बैठाया तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी। मैंने उन्हे कहा मैं आपकी चूत मारना चाहता हूं वह मुझे कहने लगी कि चलो बेडरूम में चलते हैं और हम लोग उनके बेडरूम मे चले गए जब हम लोग वहां पर गए तो उन्होने मेरे सामने अपने कपड़े उतारने शुरू किए वह मेरे सामने सिर्फ पेंटी और ब्रा में थी उनका गोरा बदन देखकर मैं तो पूरी तरीके से पागल हो गया और मेरे अंदर की गर्मी अब बहुत ही ज्यादा बढ़ने लगी। जब मैंने उन्हें कहा मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा हूं वह मुझे कहने लगी चलो तुम जल्दी से मेरी चूत को चाट लो मैंने उनकी पैंटी को खोलो तो मैंने देखा उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया जिस से कि मेरे अंदर की आग बढ़ने लगी थी और मुझे मजा भी आने लगा था। मैंने उन्हें कहा मैं आपकी चूत में लंड को डालना चाहता हूं मैंने अपने लंड को उनकी चूत पर रगडना शुरु किया तो वह कहने लगी तुमने क्या इससे पहले कभी किसी लड़की को चोदा है तो मैंने उनसे कहा नहीं भाभी आज से पहले मैंने कभी किसी के साथ संभोग नहीं किया है। मैंने अब अपने लंड को धीरे-धीरे उनकी चूत मे डालना शुरू किया मेरा लंड उनकी चूत के अंदर चला गया लेकिन जैसे ही मेरा लंड उनकी योनि के अंदर गया तो मुझे दर्द महसूस हुआ। मैंने उन्हें कहां मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है जब आप मुझे इस प्रकार से सेक्स करने के लिए कह रही है मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही है। मैंने सारिका भाभी की चूत के अंदर तक लंड को घुसा दिया था पहली बार ही किसी की योनि के अंदर लंड गया था मेरे लिए यह बड़ी अलग फीलिंग थी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जब सारिका भाभी की चूत के अंदर बाहर लंड हो रहा था मुझे बड़ा ही अच्छा महसूस हो रहा था। मैं बड़ी तेजी से उनको चोदता वह मुझे कहने लगी मुझे और भी तेजी से धक्के मारो मेरी चूत से तुमने पानी बाहर निकाल दिया है और मेरी गर्मी को तुमने इस कदर बढ़ा दिया है तुम्हें मेरी गर्मी को शांत करना पड़ेगा।

मैंने उनके स्तनो को अपने हाथों मे लिया था और उन्हें दबाना शुरू कर दिया जब मैं ऐसा करता तो मुझे बड़ा ही मजा आता और वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गई उन्होंने कहा तुम ऐसे ही मेरे स्तनों को दबाते रहो और मेरे अंदर कि आग को बढाते रहो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मेरे अंदर की आग पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी मैं इतना ज्यादा खुश था कि उन्हें में बड़े ही तीव्र गति से धक्के मार रहा था जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गई थी और मुझे कहने लगी कि मुझे बड़ा ही मजा आ रहा है मेरे अंदर की आग पूरी तरीके से बढ चुकी थी।

जब उन्होंने मेरे सामने अपन चूतडो को किया तो मैं उन्हें बड़ी तेज गति से धक्के मारने लगा था और मुझे उनको चोदने में मजा आने लगा उनकी बडी चूतडो को मैंने अपने हाथों से पकड़ा हुआ था और जिस प्रकार से मैं उनको धक्के मारता उससे तो उनके अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी और मेरे अंदर की आग बहुत अधिक बढने लगी थी। वह मुझे कहने लगी तुम बड़े ही कमाल के हो मैंने उन्हें कहा कमाल की तो आप हो जिस प्रकार से मेरा साथ दे रही हो उससे मुझे ऐसा लग रहा है कि जैसे मैं बस आपको चोदता ही जाऊं और आपकी इच्छा को पूरा करता रहूं। वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाए जा रही थी वह जब ऐसा करती तो मेरे अंदर और भी उत्तेजना पैदा हो जाती हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी देर तक संभोग का आनंद लिया और मुझे लगने लगा कि मेरा माल बाहर आने वाला है। मैंने भाभी से कहा मेरा वीर्य गिरने वाला है उन्होंने अपने मुंह को मेरे सामने किया और मैंने अपने माल को उनके मुंह के अंदर ही गिर दिया वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी उसके बाद कुछ देर तक हम दोनों साथ में बैठे रहे फिर मैं घर वापस चला आया लेकिन जब भी मेरा मन होता तो मैं उनके पास चला जाया करता वह मेरी इच्छा को पूरा कर दिया करती।


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