चूत साफ करने के लिए कोई कपड़ा दे दो


Antarvasna, desi sex kahani: घर के बाहर काफी शोर शराबा हो रहा था मैंने अपनी मां से पूछा मां बाहर कौन शोर कर रहा है तो मां कहने लगी पता नहीं बेटा। मैं जब बाहर की तरफ देखने गया तो हमारे पड़ोस में रहने वाले गोविंद जी और कमलेश जी का झगड़ा हो रहा था उनका झगड़ा कार की पार्किंग को लेकर हो रहा था वहां पर हमारे कॉलोनी के और लोग भी खड़े थे वह सब उन लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वह कहां एक दूसरे की बात मानने वाले थे वह लोग तो सिर्फ एक दूसरे से झगड़े ही जा रहे थे। जब कॉलनी के सेक्रेटरी वहां पर आए तो तब जाकर मामला शांत हुआ मैं भी वहीं खड़ा था उसके बाद गोविंद जी से मैंने जब इस बात के बारे में पूछा तो उन्होंने मुझे बताया कि मैंने अपनी गाड़ी को पार्किंग में लगा दिया था जिसके बाद कमलेश ने मेरी गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी और इसी बात को लेकर उनका झगड़ा हो रहा था। मुझे लगा था कि शायद उनका पार्किंग को लेकर झगड़ा हो रहा है लेकिन मामला फिलहाल तो शांत हो चुका था।

मैं जब घर पहुंचा तो मैंने मां को इस बारे में बताया और मैंने मां से कहा मां पापा अपने ऑफिस से कब लौटेंगे तो मां कहने लगी बेटा वह तो आज शाम को ही घर लौट पाएंगे। मैं अपने पापा का इंतजार कर रहा था मैं कुछ दिनों के लिए अपनी जॉब से छुट्टी लेकर आया हुआ था और मैं अपने पापा और मम्मी के साथ कुछ समय बिताना चाहता था लेकिन पापा तो अभी भी अपने ऑफिस में ही थे। जब वह शाम के वक्त लौटे तो मैंने पापा से कहा कि आज क्यों ना हम लोग कहीं बाहर चलें और हम लोग उस दिन साथ में डिनर करने के लिए चले गए। काफी समय बाद हम लोगों ने साथ में समय बिताया था पापा भी मुझे कहने लगे कि राहुल बेटा मैं भी कुछ समय बाद रिटायर हो जाऊंगा। मैंने पापा से कहा आप रिटायरमेंट के बाद क्या घर पर ही रहेंगे तो पापा कहने लगे कि नहीं बेटा तुम्हें तो पता ही है कि मैं बिल्कुल भी खाली नहीं बैठ सकता इसलिए मैंने भी रिटायरमेंट के बाद कुछ सोचा है लेकिन पापा ने अभी तक मुझे इस बारे में कुछ बताया नहीं था।

जब हम लोग डिनर खत्म कर के वापस घर लौटे तो पापा ने कहा कि बेटा कल हमें मेरे दोस्त के घर जाना है मैंने पापा से कहा पापा ठीक है हम लोग वहां चल लेंगे और अब हम लोग सो चुके थे। अगले दिन पापा अपने ऑफिस के लिए निकल गये मैं भी अपने दोस्त गौतम से मिलने के लिए उसके घर चला गया गौतम से मैं एक वर्ष बाद मिल रहा था। गौतम मुझे कहने लगा कि राहुल तुम मुझसे करीब एक वर्ष बाद मिल रहे हो मैंने गौतम से कहा लेकिन तुम तो मुझे फोन भी नहीं करते थे। वह मुझे कहने लगा राहुल तुम तो जानते ही हो की मैं इस बीच में कितना ज्यादा परेशान हो गया था जिस वजह से मैं किसी से भी बात नहीं कर पा रहा था लेकिन अब गौतम की जिंदगी में सब कुछ ठीक हो चुका है। गौतम ने मुझे बताया कि उसके पापा की तबीयत खराब हो गई थी जिस वजह से उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब होने लगी थी और गौतम ने मुझे कहा कि अब जाकर हमारी आर्थिक स्थिति में सुधार आ पाया है। इसी एक वर्ष में गौतम की जिंदगी में बहुत कुछ बदल चुका था और गौतम की जिंदगी में अब एक लड़की भी आ चुकी थी गौतम ने मुझे उस लड़की के बारे में बताया और कहा कि जल्द ही मैं शादी करने वाला हूं। मैंने गौतम से कहा यह तो बहुत ही अच्छी बात है कि तुमने शादी करने का फैसला कर लिया है गौतम बहुत ही ज्यादा खुश था और गौतम से मैं काफी देर तक बात करता रहा गौतम के साथ इतने वर्षों बाद मिलकर अच्छा लग रहा था। मैंने गौतम से कहा अभी मैं घर चलता हूं तुमसे फिर कभी मुलाकात करूंगा गौतम कहने लगा ठीक है तुम मुझसे मिलने के लिए घर पर ही आ जाना। मैं अब घर पहुंच चुका था मां मुझे कहने लगी कि राहुल बेटा तुम तैयार हो जाओ मैंने मां से कहा हां मां मैं बस तैयार हो जाता हूं। मैं जल्दी से तैयार हो गया हम लोग पापा का इंतजार कर रहे थे लेकिन पापा अभी तक आए नहीं थे जैसे ही पापा आए तो मैंने पापा से कहा पापा हम लोग घर से कितने बजे निकलेंगे। पापा ने कहा बस थोड़ी देर बाद हम लोग घर से निकलते हैं मैं भी तैयार हो जाता हूं। पापा ने भी अपने कपड़े चेंज कर लिये और उसके बाद वह भी तैयार हो चुके थे मैंने पापा से कहा पापा मैं कार पार्किंग से निकाल कर ले आता हूं।

मैं कार लेने के लिए पार्किंग में चला गया मैं जब कार लेने के लिए पार्किंग में गया तो उसके बाद हम लोग वहां से पापा के दोस्त के घर चले गए। मुझे उनका घर मालूम नही था इसलिए पापा मुझे रास्ते के बारे में बता रहे थे जब हम लोग पापा के दोस्त के घर पहुंचे तो पापा ने हम लोगों का परिचय उनसे करवाया। मैं पहली बार ही अंकल से मिल रहा था पहले वह लोग पटियाला में रहते थे लेकिन अब वह लोग चंडीगढ़ रहने के लिए आ चुके थे चंडीगढ़ आए हुए उन्हें ज्यादा समय नहीं हुआ था। हम लोग उनके घर पर गए तो मुझे बहुत अच्छा लगा लेकिन मुझे उनके घर पर और कोई दिखाई नहीं दे रहा था सिर्फ अंकल और आंटी ही दिखाई दे रहे थे। मैंने मां से कहा मां मैं अभी आता हूं मैं छत में चला गया और छत में ही मैं टहलने लगा तभी मेरे दोस्त का फोन आया और मैं उससे काफी देर तक फोन पर बातें करता रहा। मैं छत में ही बैठा हुआ था और जब मैं नीचे आया तो पापा मुझे कहने लगे कि राहुल बेटा तुम काफी देर से छत में ही थे मैंने उन्हें कहा हां पापा।

मैं पापा और मम्मी के साथ बैठ चुका था मैं उनके साथ बैठा हुआ था हम लोग खाने की तैयारी करने लगे हम लोग जब डाइनिंग टेबल पर बैठे हुए थे तो सब लोग आपस में बात कर रहे थे। हम लोगों ने साथ में डिनर किया उसके बाद हम लोग कुछ देर तक साथ में बैठे रहे फिर हम लोग घर जाने की तैयारी करने लगे पापा ने अपने दोस्त से कहा कि तुम कभी घर पर आना वह कहने लगे कि हां जरूर। हम लोग अपने घर के लिए निकल चुके थे थोड़ी ही देर में हम लोग अपने घर पहुंच चुके थे तो पापा से मैंने पूछा पापा उनके घर पर मुझे कोई दिखाई नहीं दे रहा था सिर्फ अंकल और आंटी ही थे। वह मुझे कहने लगे कि नहीं बेटा उनके घर पर उनकी बेटी भी रहती है लेकिन शायद वह कहीं गई होगी और उनके बेटे की शादी भी कुछ समय पहले ही तो हुई थी लेकिन वह विदेश में रहता है। हम लोग अब आराम करने लगे और मैं कुछ दिनों बाद अपने जॉब पर वापस जाने वाला था। कुछ दिनों बाद पापा के दोस्त हमारे घर पर आए और जब वह आए तो मै मनीषा से पहली बार मिला मनीषा उनकी लड़की है। मनीषा से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मनीषा हमारे घर की छत पर चली गई और वहां पर वह सिगरेट पी रही थी मैंने उसे देख लिया था। उसके बाद मैंने मनीषा से बात की तो मनीषा से बात कर के मुझे लगा कि वह बड़े खुले विचारों की है और उसके साथ मे बड़े अच्छे से बात कर रहा था। मनीषा को मेरा साथ बहुत ही अच्छा लगा हम दोनों काफी देर तक साथ में बैठे रहे। हम लोगों की पहली मुलाकात थी पहली मुलाकात में वह मेरी तरफ इतनी ज्यादा आकर्षित हो गई कि वह मेरे साथ संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हो चुकी थी। मैं भी मनीषा के साथ सेक्स करने के लिए तैयार था। मैं अपने आपको नहीं रोक पा रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लगा जब मैंने उसके गोरे बदन को महसूस करना किया तो मैं उसके होठों को चूम रहा था। मनीषा के नरम होठों को चूमकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा हम दोनों छत पर ही एक दूसरे के साथ किस कर रहे थे लेकिन अब हमारी गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि हम दोनों अपने आपको बिल्कुल भी ना रोक पाए। मैं अपने अंदर की गर्मी को बिल्कुल भी नहीं रोक पा रहा था जिसके बाद मैंने मनीषा की ब्रा उतारते हुए उसके स्तनों को चूसने लगा।

मैंने उसकी जींस को नीचे किया और उसकी जींस को मैंने थोड़ा सा नीचे करते हुए देखा तो उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाना चाहता हूं। मैंने उसकी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को घुसा दिया जिसके बाद वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई कि वह बिल्कुल भी रह ना सकी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है मैंने उसकी कोमल चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया। मेरा लंड उसकी योनि के अंदर तक जा चुका था वह बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स का जमकर मजा ले रहे थे। यह पहली मुलाकात थी पहली मुलाकात में इस प्रकार से मिलना मेरे लिए बहुत ही अच्छा था। वह बड़ी तेजी स सिसकियां ले रही थी वह मुझे कहने लगी मुझे तुम्हारे साथ सेक्स कर के बहुत ही मजा आ रहा है।

मैंने उसे कहा तुम्हारी चूत मारकर आज मुझे बहुत मजा आ रहा है अब मैंने उसकी चूतडो को कसकर पकड़ लिया था। जिसके बाद वह भी अपनी चूतड़ों को मुझसे टकराने लगी लेकिन थोड़े ही देर बाद मुझे लगने लगा कि शायद मेरा वीर्य बाहर आने वाला है। मैंने उसे कहा क्या मैं तुम्हारी योनि के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा दू?  जिसके बाद मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि के अंदर गिरा दिया। मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर गिर चुका था और उसके बाद वह मुझे कहने लगी क्या तुम्हारे पास कोई कपड़ा है? मैंने उसे कहा नहीं मैं अभी नीचे से जाकर ले आता हूं। मैं जब नीचे आया तो पापा मुझसे पूछने लगे बेटा मनीषा कहां है? मैंने उन्हें कहा वह छत पर ही है बस अभी हम लोग नीचे आ रहे हैं। मैं अपने रूम में गया मैं वहां से कपड़ा ले आया मैं जब छत पर गया तो मैंने वह मनीषा को दिया। उसके बाद हम दोनों ही नीचे चले जाए हम दोनों ने साथ मे डिनर किया। मुझे मनीषा का साथ पाकर बहुत ही अच्छा लगा उसके बाद मैं कुछ दिन तक मनीषा से मिलता रहा फिर मैं अपनी जॉब में वापस लौट चुका था लेकिन अभी भी हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बाते कर लिया करते हैं मुझे मनीषा के साथ फोन पर बातें करना बहुत ही अच्छा लगता है।


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