चूत लंड का खेल मजेदार हो गया


Antarvasna, hindi sex story: मेरा नाम संजीव है मैं मुंबई में रहता हूं मुंबई में मैं एक कंपनी में जॉब करता हूं। वैसे मैं झारखंड का रहने वाला हूं मेरे माता-पिता झारखंड में ही रहते हैं वह लोग मुम्बई कम ही आते है। मेरी शादी को तीन साल हो चुके है मेरी पत्नी भी जॉब करती है उसका नाम कायरा है। कायरा से मेरी मुलाकात ऑफिस में ही हुई थी पहले कायरा भी उसी ऑफिस में जॉब करती थी जिस ऑफिस में मैं जॉब करता हूँ परन्तु अब वह दूसरी जगह जॉब करती है। मैंने और कायरा ने अपने घर वालों के खिलाफ जाकर शादी की मेरे घर वालो को यह रिश्ता मंजूर नही था लेकिन फिर भी मैंने कायरा से शादी की। मेरे माता पिता चाहते थे कि मैं उनकी पसंद की लड़की से शादी करूँ लेकिन मैं तो कायरा को पसंद करता था और उसी से शादी करना चाहता था। मैंने जब उन्हें कायरा के बारे में बताया तो उन्होंने इस रिश्ते के लिए साफ मना कर दिया वह हमारी शादी करवाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नही थे।

मैंने उन्हें बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मेरी एक ना सुनी उन्होंने मुझे कहा कि तुम हमारी पसन्द की लड़की से ही शादी करोगे। जब मैंने यह बात कायरा को बताई तो कायरा इस बात से बहुत दुखी हुई लेकिन मैं भी कायरा को ऐसे ही नही छोड़ सकता था हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक दिन मैंने कायरा से कहा कि कायरा हम दोनों घर वालो को बिना बताए शादी कर लेते है कायरा कहने लगी कि तुम्हारे घर वालो की रजामंदी के बिना हम लोग शादी कैसे कर ले। कायरा के घर वाले तो इस रिश्ते से बहुत खुश थे वह लोग मुम्बई में ही रहते है। मैंने जब कायरा के घर पर इस बारे में बात की तो वह कहने लगे कि हमारी खुशी तो हमारी बेटी की खुशी में है जैसा तुम्हे उचित लगे तुम वैसा करो। उन लोगो को हमारी शादी से कोई आपत्ति नही थी वह बिल्कुल खुले विचारों के थे लेकिन मेरे माता पिता आज भी पुराने रीति रिवाजों को मानने वाले है। मैंने दोबारा इस बारे में अपने घर पर बात करना उचित नही समझा और घर पर बिना बताए मैंने कायरा से शादी कर ली।

मैंने और कायरा ने कोर्ट मैरिज की पहले तक यह बात मेरे ऑफिस में किसी को भी पता नही थी लेकिन जब उन्हें इस बारे में पता चला तो वह लोग चौक गए और कहने लगे कि तुमने तो इस बारे में किसी को भी कुछ नही बताया। उसके बाद कायरा के घर वालो ने हमारी शादी की खुशी में एक पार्टी का आयोजन करवाया सारा अरेंजमेंट कायरा के घर वालो ने ही किया था। हमारी शादी की पार्टी में हमने अपने दोस्तो को भी इनवाइट किया था मेरे ऑफिस के दोस्त भी पार्टी में आये हुए थे। पार्टी का अरेंजमेंट बहुत ही अच्छे से किया हुआ था मैं और कायरा हमारी शादी से बहुत खुश थे। हम दोनों शादी के बाद गोवा घूमने गए वहां पर हम दोनों ने बहुत एन्जॉय किया कुछ दिन हम लोग गोवा में ही रुके उसके बाद हम लोग मुम्बई वापस लौट आये थे। मैं कायरा के साथ अपनी शादी शुदा जिंदगी से बहुत खुश था लेकिन मुझे अंदर ही अंदर यह बात खाये जा रही थी कि मैंने अपने घर वालो की मर्जी के खिलाफ शादी की। मैंने जब यह बात कायरा को बताई तो कायरा कहने लगी कि हमे यह बात घर वालो को बता देनी चाहिए। मैंने कायरा से कहा कि घर पर यह बात बताने की हिम्मत मुझमे अभी नही है वह लोग मेरी बात सुनकर मुझ पर बहुत गुस्सा हो जाएंगे। कायरा कहने लगी कि चिंता मत करो वक्त के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा और वह लोग भी हमारे रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे। मुझे सिर्फ इसी बात का डर था कि कहीं वह लोग मुझसे रिश्ता ना तोड़ दे क्योकि उनके लाख मना करने के बावजूद भी मैंने अपनी मर्जी से कायरा के साथ शादी की। मुझे लेकर उनके भी कुछ सपने थे लेकिन मैंने पल भर में ही उनके सपनों को चकना चूर कर दिया। एक दिन मैने अपने पिताजी से इस बारे में बात करने की सोची लेकिन मेरी उनसे कुछ कहने की हिम्मत नही हुई। कुछ समय बाद मुझे मेरे पिताजी का फोन आया वह मुझसे मेरे हाल चाल पूछने लगे उस दिन मैंने हिम्मत करते हुए उन्हें कायरा और अपनी शादी के बारे में बता दिया। मेरी इस बात को सुनकर वह बहुत गुस्सा हुए और मुझ पर चिल्लाने लगे उन्होंने गुस्से में आकर मुझसे सारे रितेश नाते तोड़ दिए। मुझे इस बात का बहुत दुख हुआ लेकिन मैं और करता भी क्या, मैं कायरा से बहुत प्यार करता था और उसी के साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताना चाहता था।

मुझे अपने घर वालो को मनाने में काफी समय लगा आखिरकार वह मान ही गये और उन्होंने कायरा को अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया। मैं और कायरा इस बात से काफी खुश थे सब कुछ धीरे धीरे ठीक होने लगा था तो मैं भी इस बात से बहुत खुश था। उस वक्त मेरे माता पिता हमसे मिलने के लिए मुम्बई भी आये हुए थे वह लोग कुछ दिन हमारे साथ ही रहे कुछ दिन हमारे साथ रहने के बाद वह लोग झारखंड वापस चले गए। कायरा और मै अपनी जिंदगी को इंजाय कर रहे है, हम लोग एक दिन एक पार्टी से घर लौटे तो कायरा मेरे सामने कपडे बदलने लगी जब वह मेरे सामने पैंटी ब्रा मे थी तो मै कायरा के पास गया और उसे मैने अपनी बाहो मे ले लिया मैने उसको अब कसकर पकड लिया था। वह मजे मे आ गई थी और मै भी मजे मे आ गया था। मेरा लंड अब कायरा से टकरा रहा था तो वह बोली लगता है आपका आज कुछ करने का मन है और यह कहते हुए उसने मेरे लंड को पकड लिया। अब उसने मेरे कपडे खोलकर मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरे लंड को मेरे अंडरवीयर से बाहर निकल लिया और उसे हिलाना शुरु किया।

मैं बिल्कुल भी रहा नहीं पा रहा था। मैंने कायरा के नरम होंठों को चूमना शुरू किया। मैं जब उसके होठों को चूम रहा था तो वह तड़पने लगी वह अपने आप पर काबू नही कर पा रही थी। वह बिस्तर पर लेट थी मैं उसके ऊपर से लेट गया। मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया था मैंने कायरा के स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा था वह भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। मैं जब उसके स्तनों को दबाता तो वह आहे भरती अब मैने उसके स्तनो को मुंह मे ले लिया तो वह बहुत ही ज्यादा उत्तेजित होती जाती। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है उसके अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी, मेरे अंदर की आग भी कहीं ना कहीं पूरी तरीके से बढ़ चुकी थी। कायरा ने मेरे लंड को पकडा और हिलाया उसे कायरा ने अपने मुंह में लिया। वह जिस तरह मेरे मोटे लंड को अपने मुंह में लेकर चूस रही थी उससे मुझे मज़ा आ रहा था। कायरा मेरे लंड से पानी निकालने लगी थी मुझे बहुत मजा आ रहा था वह मुझे बोली मुझे तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेने में बहुत मजा आ रहा है। अब हम दोनों पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे हम दोनों की उत्तेजना इस कदर बढ़ने लगी थी कि मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं। मैने कायरा के पैरों को खोला तो उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था। मैंने उसकी चूत पर जीभ लगाई तो वह उछल पडी और उसने हल्की सी आह भरी। मै उसकी चूत को बड़े अच्छे से चाटने लगा था मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था मैं जब उसकी चूत को चाट रहा था। मेरे अंदर की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी मैंने अपने मेज पर रखे तेल को लंड पर लगाया। जब मैंने कायरा की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मैं उत्तेजित हो चुका था, मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी। मैंने उसको कहा मैं तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं।

अब मैंने उसे बड़ी तेज गति से धक्के देने शुरू कर दिए थे मुझे बहुत ही मज़ा आने लगा था। वह बहुत उत्तेजित हो गई थी मेरे अंदर की आग अब बढ चुकी थी उसकी चूत से पानी बाहर आने लगा तो मेरे अंदर की गर्मी बढ़ाने लगी थी। मेरा लंड जब कायरा की चूत से टकराता तो एक अलग गर्मी पैदा हो रही थी। हम दोनों एक दूसरे के लिए तड़पने लगे थे, मैंने कायरा से कहा मेरा लंड तुम्हारी चूत की गर्मी झेल नहीं पा रहा है। मैने अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाल दिया था और मैने कायरा को कहा तुम मेरे लंड को चूसो तो कायरा ने मेरे लंड को मुंह मे लिया और वह मेरे लंड को चूसने लगी। मेरा लंड गर्मी बाहर छोडने लगा था मैंने अपने वीर्य को कायरा के मुंह मे गिराने का फैसला कर लिया था। जब मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को कायरा के मुंह के अंदर डाला तो वह खुश हो गई। कुछ समय तक हम दोनों एक दूसरे के साथ लेटे रहे फिर जब मैने कायरा के होठो को चूमा तो वह खुश हो गई और मेरे लंड को उसने चूसना शुरु किया वह अब मेरे लंड को गले तक लेने लगी उसने मेरे लंड मे जान डाल दी और मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दिया।

मैंने भी उसकी चूत को चाटकर पूरी तरीके से चिकना बना दिया था। अब मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर सटा दिया तो उसकी चूत से पानी बाहर निकलने लगा। मैंने कायरा की चूत के अंदर लंड को घुसाया मेरा लंड उसकी चूत में घुसा तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था। मैं उसको तेज गति से धक्के मारने लगा तो मुझे उसको चोदकर बहुत मजा आ रहा था जिस प्रकार से मैं उसे चोद रहा था उससे मेरे अंदर की आग बढ़ती जा रही थी। मेरे अंदर की गर्मी अब इतनी बढ चुकी थी कि मैंने उससे कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने कायरा को बहुत देर तक चोदा जब तक मेरा लंड छिल नही गया था। मुझे एहसास होने लगा मैं ज्यादा देर तक कायरा की गर्मी को झेल नहीं पाऊंगा। वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने लगी था। 10 मीनट की चुदाई के बाद मैंने अपने वीर्य की पिचकारी से उसकी चूत की गर्मी को शांत कर दिया था और हम दोनो एक दूसरी की बांहो मे लेटे थे।


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