चूत लंड और लंबा सफर


Antarvasna, hindi sex kahani: मैं अपने कॉलेज से घर लौटी तो उस वक्त 5:00 बज रहे थे पापा उस दिन घर पर ही थे मैंने पापा से कहा आज आप ऑफिस नही गए तो पापा कहने लगे नहीं अक्षिता बेटा आज मैं ऑफिस नहीं गया। मैंने उन्हें कहा लेकिन आज आप क्यों ऑफिस नहीं गए मेरी मम्मी भी कमरे से बाहर आई और कहने लगी कि आज तुम्हारे पापा को कोई जरूरी काम था इसलिए वह आज ऑफिस नहीं गए। मैंने मम्मी से कहा लेकिन पापा को ऐसा क्या जरूरी काम आन पड़ा तो मम्मी कहने लगी कि उन्हें आज अपने किसी मित्र से मिलना था इसलिए वह आज अपने ऑफिस नहीं गए। मैंने पापा से कहा पापा मुझे आपसे कुछ कहना था पापा कहने लगे हां बेटा कहो ना। मैंने पापा से कहा पापा हमारे कॉलेज से हम लोगों ने घूमने का प्लान बनाया है मैंने अभी तक किसी को ना तो नहीं कहा है लेकिन मैंने सोचा पहले मैं आप से पूछ लूँ। पापा कहने लगे देखो अक्षिता बेटा तुमने बहुत ही अच्छा किया जो मुझसे पूछ लिया लेकिन मैं तुम्हें यह बताना चाहता हूं कि हम लोग तो कुछ दिनों बाद इंदौर जा रहे हैं।

मैंने पापा से कहा पापा लेकिन इंदौर में क्या काम है। पापा कहने लगे इंदौर में मेरे एक दोस्त के लड़के की शादी है और हम लोग कुछ दिनों के लिए इंदौर में ही रहेंगे इस बहाने हम लोग एक फैमिली ट्रिप भी बना लेंगे और मैं सोच रहा था कि राजेश को भी बोल दूँ वह भी अपने परिवार के साथ हमारे साथ घूमने के लिए आ जाएगा। राजेश मेरे चाचा जी का नाम है, मैंने पापा से कहा पापा तो क्या मैं अपने कॉलेज में अपने दोस्तों को मना कर दूँ पापा कहने लगे हां बेटा तुम उन्हें मना कर दो क्योंकि हम सब लोग इंदौर जाने वाले हैं। मैंने पापा से कहा ठीक है पापा मैं उन्हें मना कर दूंगी मैंने पापा से कहा लेकिन हम लोग वहां कितने दिन रुकेंगे। पापा कहने लगे अभी तो मैंने इस बारे में कुछ भी नहीं सोचा है लेकिन तुम्हारे चाचा जी से मैं बात कर के इस बारे में सोचता हूं कि हमें वहां कितने दिन रुकना चाहिए। मैंने पापा से कहा पापा आप मुझे बता दीजिएगा तो मैं सोच रही थी कि मैं भी कुछ शॉपिंग कर लूं।

मम्मी मुझे कहने लगी कि अक्षिता बेटा मुझे भी शॉपिंग करनी थी तो क्या हम लोग कल शॉपिंग कर आए। मैंने मम्मी से कहा हां मम्मी क्यों नहीं कल हम लोग मॉल में हो आते हैं और मैंने सुना है कि वहां पर आजकल कुछ डिस्काउंट भी चल रहा है तो मम्मी कहने लगी हां बेटा हम लोग वहां हो आते हैं। हम लोग वहां चले गए जब हम लोग मॉल में गए तो वहां पर मैंने अपने लिए काफी कपड़े खरीद लिए थे और मम्मी ने भी कुछ शॉपिंग कर ली थी। अब हम लोग वहां से घर लौट आये जब हम लोग घर आए तो पापा भी अपने ऑफिस जा चुके थे पापा कहने लगे की तुम दोनों ने शॉपिंग कर ली। मैंने पापा से कहा हां पापा मम्मी और मैं आज शॉपिंग कर आए तो पापा कहने लगे चलो यह अच्छी बात है कि तुम लोगों ने शॉपिंग कर ली। पापा कहने लगे मैंने राजेश से भी बात कर ली थी और वह भी हमारे साथ इंदौर आने के लिए तैयार है। हम सब लोग अब इंदौर जाने वाले थे और यह हमारा फैमिली टूर बनने वाला था क्योंकि चाचा और उनका पूरा परिवार भी हमारे साथ आने वाला था। हम लोग इंदौर में शादी भी अटेंड करने वाले थे मैं बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि मैं अपने परिवार के साथ घूमने के लिए जा रही थी। हम लोगों ने ट्रेन का रिजर्वेशन करवा दिया था और हमारी ट्रेन शाम के वक्त कानपुर से थी। हम लोग टाइम पर रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे राजेश चाचा भी रेलवे स्टेशन आ गए थे उनके साथ उनकी बड़ी लड़की मेघा और उनका लड़का अविनाश भी था। मेघा भी कॉलेज में पढ़ाई करती है और वह मुझसे दो वर्ष छोटी है मेघा के साथ मेरी बहुत अच्छी बनती है और हम दोनों साथ में ही बात करने लगे। पापा और चाचा ने सामान रख दिया था और हम लोग भी ट्रेन में बैठ चुके थे मैंने मेघा से पूछा मेघा तो तुम्हारी कॉलेज की पढ़ाई कैसे चल रही है। वह मुझे कहने लगी दीदी मेरी पढ़ाई तो अच्छी चल रही है आप सुनाइए आप की पढ़ाई कैसी चल रही है मैंने मेघा को कहा मेरी पढ़ाई भी सही चल रही है। हम लोग वहां से निकल चुके थे और अगली सुबह जब हम लोग इंदौर पहुंचे तो हम लोग होटल में रुक गए जब हम लोग होटल में रुके तो पापा कहने लगे कि आज तो हम लोग आराम कर लेते हैं शाम को बाहर टहलने के लिए चलेंगे।

शाम के वक्त हम लोग बाहर टहलने के लिए चले गए अगले दिन हमें शादी में जाना था तो हम लोग तैयार होने लगे मेघा मुझे कहने लगी दीदी मैं कैसी लग रही हूं तो मैंने मेघा से कहा तुम बहुत ही अच्छी लग रही हो। मैंने भी अपना लॉन्ग वेस्टर्न गाउन पहन लिया था उसमें मैं बहुत ही अच्छी लग रही थी मम्मी मुझे कहने लगी कि बेटा तुम्हें किसी की नजर ना लगे। मैंने मम्मी से कहा मम्मी कहीं मुझे आपकी नजर ना लग जाए तो मम्मी कहने लगी बेटा अपनों की कभी नजर नहीं लगती और मम्मी मुझे कहने लगी कि आज तुम बहुत ही ज्यादा सुंदर लग रही हो। हम लोग शादी में जाने के लिए तैयार हो चुके थे पापा के दोस्त ने हमारे लिए गाड़ी भिजवा दी थी और हम लोग वहां से शादी में पहुंच गए। जब हम लोग वहां पहुंचे तो पापा ने हमें अपने दोस्त से मिलवाया और उनसे मिलकर हमें बहुत अच्छा लगा वह बड़े ही मजाकिया और खुशमिजाज थे उन्होंने भी हमें अपने परिवार से मिलवाया। मेरी मुलाकात उसी शादी के दौरान सुनील से हो गई जब सुनील से मै मिली तो उससे मुझे बात कर के अच्छा लगा। सुनील पापा के दोस्त का भतीजा था और वह हमारे साथ ही बैठा हुआ था वह भी मुझसे अपनी नजरें मिलाए जा रहा था और मुझे भी उससे बात करना अच्छा लग रहा था।

हम लोगों  शादी से लौटने के बाद जब होटल में आए तो मेरे दिलो दिमाग में सिर्फ सुनील की तस्वीर छपी हुई थी और उसके बाद तो जैसे मैं सुनील के पीछे पूरी पागल होने लगी थी। हम लोग अब कानपुर लौट आए थे मैंने फेसबुक के माध्यम से सुनील से संपर्क किया तो उसने भी मुझसे बात की और हम लोगों की बात होने लगी फोन पर हम लोग बातें किया करते। सुनील ने मुझसे कहा कि मुझे तुम फोन पर किस दो। मुझे थोड़ा अजीब सा लग रहा था लेकिन मैंने सुनील को किस दे दिया धीरे-धीरे हम दोनों के बीच बातें खुलकर होने लगी थी। परेशानी यह थी कि हम दोनों एक दूसरे से बहुत दूर थे काफी समय तक हम लोग एक दूसरे से नहीं मिले जब मैं सुनील से मिली तो मैं उससे मिलकर खुश हो गई। सुनील मुझसे मिलने के लिए कानपुर आ गया था सुनील ने कानपुर में अपने लिए एक होटल में रुकने की व्यवस्था की थी मैं होटल मे चली गई। मैं जब सुनील से मिली तो सुनील ने मुझे बाहों में लिया और मेरे होठों को चूमना शुरू किया सुनील जब मेरे होठों को अच्छे से चूमने लगा मैं सुनील के साथ हमबिस्तर होने के लिए तैयार हो गई। हम दोनों ने एक दूसरे के होठों को जमकर चूसा जब सुनील ने मेरे कपड़े उतारकर मेरी ब्रा को खोला तो वह मेरे स्तनों का जमकर रसपान करता। जब वह अपनी जीभ को मेरे स्तनों पर लगाता तो मैं मचल जाती और जिस प्रकार से सुनील मेरे स्तनो को चूसता तो मै बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। जब सुनील ने अपने लंड को बाहर निकालकर हिलाना शुरू किया तो मैंने सुनील के लंड को अपने हाथों में लिया और उसे हिलाना शुरू कर दिया। मैने सुनील के मोटे लंड को मुंह के अंदर लिया और उसे चूसने लगी। मुझे सुनील के लंड को चूसने मे मजा आता, मैने सुनील के मोटे लंड का रसपान किया और उसे भी बडा अच्छा लग रहा था। काफी देर तक ऐसा करने के बाद जब सुनील ने मेरी योनि पर अपने लंड को लगाया तो मेरी चूत गिली हो गई थी।

सुनील ने अपने लंड को कुछ देर मेरी चूत पर रगडा तो मुझे अच्छा लगने लगा वह मेरी चूत को चाटता रहा। काफी देर तक उसने ऐसा ही किया मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा तो सुनील मुझे कहने लगा लगता है मुझे तुम्हारी चूत के अंदर लंड डालना ही पड़ेगा। मैंने सुनील से कहा तो फिर तुम इंतजार किस बात का कर रहे हो जल्दी से मुझे अपना बना लो। उसने जैसे ही मेरी चूत पर लंड को लगाया तो मुझे गर्मी का एहसास हुआ। सुनील ने धीरे से अपने लंड को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाने की कोशिश की तो मेरी चूत से खून बाहर निकालने लगा और मैं बहुत ही ज्यादा तड़पने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से सुनील धक्के मार रहा था सुनील ने मेरी चूत का मजा बहुत देर तक लिया। जब सुनील ने मुझे घोड़ी बनाया तो मेरी योनि से पानी टपक रहा था मैंने सुनील से कहा मेरी योनि से पानी निकल रहा है। वह कहने लगा नहीं तुम्हारी चूत से खून निकल रहा है।

सुनील ने बड़ी तेजी से मुझे अब धक्के मारने शुरू कर दिए थे उसने मुझे घोड़ी बना दिया तो घोड़ी बनाकर वह मुझे बड़े ही जबरदस्त तरीके से चोद रहा था। मुझे चुदने में मजा आ रहा था वह जिस प्रकार से मुझे धक्के मार रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मेरे मुंह से लगाकर सिसकियां बाहर की तरफ को निकल रही थी। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था काफी देर तक वह मेरी चूत के मजे लिए जा रहा था। जब सुनील भी पूरी तरीके से मचलकर बेहाल हो गया तो सुनील ने मुझे कहा कि मुझसे अब रहा नहीं जाएगा। मैंने सुनील से कहा मैं भी अब रह नहीं पा रही हूं मेरे अंदर की गर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी उसे हम दोनों ही बर्दाश्त नहीं कर पाए। जब मैंने अपनी चूत को टाइट कर लिया तो सुनील ने अपने वीर्य को मेरी योनि में गिरा दिया और मुझे बड़ा ही अच्छा लगा। सुनील कुछ दिनों तक कानपुर में ही रहा उसके बाद वह इंदौर चला गया।


error: