चूत के लिए लंड प्यासा था


Antarvasna, hindi sex stories: कुछ समय पहले मैं अपनी फैमली के साथ एक टूर पर गया था हम लोग घूमने के लिए गोवा गए थे हमारे साथ मेरा दोस्त अमित और उसकी पत्नी भी थी। हम लोगो का वह टूर बड़ा ही यादगार था हम सबने मिलकर खूब मस्ती की थी और कुछ दिन गोवा में रुकने के बाद हम लोग वापस लौट आये थे। हम लोग अहमदाबाद के रहने वाले है अहमदाबाद में हम लोग काफी वर्षो से रह रहे है मेरे माता पिता भी हमारे साथ ही रहते है। मेरा एक छोटा भाई भी है जिसका नाम अमन है अमन अभी अपने कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है अमन ही घर मे सबसे छोटा और सबका लाडला है। मेरा एक कपड़ो को शो रूम है जिसे मैं ही देखता हूँ मैने अपने साथ काम करने के लिए कुछ लड़के भी रखे हुए है जो कि शो रूम में कस्टमरों को देखते है। मेरा काम काफी अच्छा चलता है पहले यह काम मेरे पिताजी किया करते थे लेकिन उनके बाद मैं ही यह काम देख रहा हूँ। पहले पिताजी की उसी जगह पर एक दुकान हुआ करती थी जिसे की वह चलाते थे उनका काम भी अच्छा चलता था।

जब मैंने उनके काम मे हाथ बटाना शुरू किया तो धीरे धीरे मैंने उस छोटी सी दुकान से एक बड़ा शो रूम खोल लिया इस शो रूम खोलने में मुझे बड़ी मेहनत से काम करना पड़ा। शो रूम खोलने में मेरी मदद मेरे दोस्त अमित ने ही कि थी उसी से मैंने कुछ पैसे उधार लिए थे और जब मेरा काम अच्छा चलने लगा तो मैंने धीरे धीरे उसके सारे पैसे वापस कर दिए। अमित मेरी हमेशा ही हर काम मे मदद करता है वह मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है मेरी और अमित की दोस्ती काफी पुरानी है। अमित का घर हमारे घर से कुछ ही दूरी पर है वह अक्सर हमारे घर आता जाता रहता है मैं भी कभी कबार उससे मिलने के लिए उसके घर चला जाता हूँ।  एक बार हम लोग अपने किसी फैमिली फ्रेंड के घर गए हुए थे वह पापा के पुराने मित्र है पापा के कहने पर ही हम लोग उनके घर गए हुए थे। उस दिन वहां पर हम लोगों ने डिनर किया डिनर करने के बाद हम लोग वापस घर लौट आए अगले दिन सुबह मुझे जल्दी अपने शोरूम में जाना था और मैं उस दिन जल्दी अपने शोरूम में चला गया। मैं जब अपने शोरूम में गया तो मैंने देखा उस दिन कुछ ज्यादा ही भीड़ थी जिससे की मुझे मैनेज करने में काफी परेशानी हो रही थी लेकिन फिर भी शोरूम में काम करने वाले लड़कों ने मैनेज कर लिया था।

एक दिन मैं अपनी मां के साथ बैठा हुआ था उस दिन मैं घर जल्दी आ गया था उस दिन मां मुझे कहने लगी कि बेटा अब तुम्हें अपने लिए कोई अच्छी सी लड़की देख कर शादी कर लेनी चाहिए तुम्हारी उम्र भी तो होने लगी है। मैंने मां से कहा मां मुझे पता है लेकिन मैं अभी शादी नहीं करना चाहता मुझे कुछ समय और चाहिए मां कहने लगी बेटा अब तो सब कुछ सही चल रहा है तुम शादी क्यों नहीं करना चाहते। मैंने मां से कहा मां बस अभी मेरा शादी करने का कोई इरादा नहीं है लेकिन परिवार की जिद के आगे मेरी एक ना चली और वह लोग मेरे लिए लड़की देखने लगे थे। सब लोग चाहते थे कि मैं जल्द से जल्द शादी कर लूं। एक दिन अमित घर पर आया हुआ था तो मां ने अमित से कहा कि देखो अमित बेटा तुम्हारा दोस्त हमारी बात सुनता ही नहीं है हम लोग इसकी शादी करवाना चाहते हैं लेकिन यह शादी करने को तैयार ही नहीं है अब तुम ही इसे कुछ समझाओ। मैंने अमित की तरफ देखा तो अमित मुझे कहने लगा कि गौरव आंटी बिल्कुल ठीक कह रही है तुम्हें अब जल्द से जल्द शादी कर लेनी चाहिए तुम्हारी उम्र भी हो चुकी है और अब सब कुछ ठीक चलने लगा है। मैंने भी आखिरकार शादी करने का फैसला कर ही लिया और जल्द ही मैं शादी के बंधन में बनने वाला था। मेरे लिए ना जाने कितने ही रिश्ते आने लगे थे लेकिन अभी तक मैंने किसी भी रिश्ते के लिए हामी नहीं भरी थी परंतु जब पहली बार मैंने संजना को देखा तो उसे देखकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा और संजना से मैं शादी करने को तैयार हो गया। संजना दिखने में बहुत ही अच्छी है और वह एक अच्छी कंपनी में जॉब भी करती है मैं जब संजना से पहली बार मिला तो मुझे भी लगा कि संजना बहुत ही अच्छी लड़की है और उससे मुझे शादी कर लेना चाहिए। मैं शादी के लिए तैयार हो चुका था और मम्मी पापा भी इस बात से बड़े खुश थे कि मैं आखिरकार शादी के लिए मान चुका हूं उन्होंने मुझे कहा कि बेटा हम लोग बहुत ही खुश हैं कि तुम अब शादी के लिए मान चुके हो।

मैंने उन्हें कहा कि शादी तो मुझे करनी ही थी लेकिन अभी मैं शादी नहीं करना चाहता था, मैंने उन्हें बताया कि मैं जब संजना को मिला तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा। संजना और मेरी सगाई तय हो गई थी और कुछ ही दिनों में हम लोगों की सगाई हो गई और जल्द ही हम लोगों की शादी होने वाली थी। हम लोगों की शादी का दिन तय हो गया था और कुछ समय बाद हमारी शादी भी हो गयी संजना मेरी पत्नी बन चुकी थी। मैं बहुत ही ज्यादा खुश था क्योंकि मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि संजना से मेरी शादी इतनी जल्द हो जाएगी सब कुछ अच्छे से चल रहा था संजना और मैं एक दूसरे के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी को एंजॉय कर रहे थे। संजना से मुझे कभी भी किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं रही वह घर को बड़े ही अच्छे से मैनेज कर रही थी और मां और पापा दोनों ही बहुत खुश थे उन्हें भी संजना से कभी कोई शिकायत नहीं हुई।

संजना और मै शादी के बाद कहीं घूमने जा ही नहीं पाए थे हम दोनों को कभी समय मिल ही नहीं पाया था। संजय भी अपने ऑफिस के चलते बिजी थी और मैं भी अपने काम के चलते काफी बिजी था जिस वजह से मैं संजना को बिल्कुल भी समय नहीं दे पाया लेकिन अब संजना और मैं एक दूसरे के हो चुके थे इसलिए अब सब कुछ अच्छा से चलने लगा था मैं और संजना एक दूसरे से अक्सर कहते कि हम लोगों को एक दूसरे के लिए समय निकालना चाहिए आखिरकार मैंने कुछ दिनों के लिए संजना के साथ कहीं घूमने का फैसला कर लिया था और हम लोग कहीं घूमने के लिए जाना चाहते थे। हम दोनों घूमने के लिए नैनीताल चले गए यह शादी के बाद पहले टूर था हम लोग अपने हनीमून पर भी नहीं जा पाए थे लेकिन मैं संजना के साथ बहुत ही खुश था। जब संजना और मैं नैनीताल पहुंचे तो वहां का सुहावना मौसम देखकर मेरा तो मन संजना को चोदने का होने लगा था। उस रात जब हम दोनों कंबल के अंदर लेटे हुए थे तो मैंने संजना के बदन को महसूस करना शुरू कर दिया मैं उसके बदन को इस प्रकार से महसूस कर रहा था कि मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था। मैंने संजना से कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं संजाना मुझसे कहने लगी भला इसमें पूछने की क्या जरूरत है तुम मेरी चूत हर रोज ही तो मरते हो। मैं चाहता था हम लोग कुछ नया करें मैंने उस दिन संजना को एक ड्रेस दी और उसने वह ड्रेस पहन ली जिसके बाद वह उसमें बड़ी सुंदर लग रही थी। अब संजना मेरी बाहों में लेटी हुई थी और मैं उसके बदन को बड़े ही अच्छे से महसूस कर रहा था मैं जब उसके बदन को अपने हाथों से दबाता तो मुझे मजा आता और वह भी पूरी तरीके से उत्तेजित होती जा रही थी। उसके अंदर की आग अब बढ़ने लगी थी मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत को चाटना चाहता हूं वह मेरे लिए तड़पने लगी और मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत को चाट लो मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। मैं उसके सारे कपड़े उतार चुका था वह मेरे सामने नंगी थी और मेरे लिए यह बड़ा ही अच्छा मौका था जब मैं संजना की चूत को चाट रहा था अब मैं उसके स्तनों को दबाने लगा तो वह कहने लगी थोड़ा आराम से दबाओ मुझे बहुत दर्द हो रहा है लेकिन अब वह पूरी तरीके से गरम हो गई थी।

मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर लंड को डाल रहा हूं उसकी चूत से निकलता हुआ पानी अब कुछ ज्यादा ही अधिक होने लगा था जिससे कि वह पूरी तरीके से मचलने लगी थी और मेरे अंदर की आग को उसने पूरी तरीके से बढा कर रख दिया था मैं बिल्कुल भी रह नहीं पा रहा था मैंने उसे कहा लो मैं तुम्हारी चूत में लंड को डाल ही देता हूं मैंने अपने लंड को उसकी चूत के अंदर घुसाया जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर गया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और कहने लगी तुम्हारा लंड आज कुछ ज्यादा ही मोटा महसूस हो रहा है। मैंने उसे कहा लेकिन तुम्हें ऐसा क्यों लग रहा है मेरा लंड आज बहुत ही मोटा हो गया है वह कहने लगी ना जाने क्यों आज तुम्हारे लंड मे आज अलग ही बात नजर आ रही है। मैं पूरी तरीके से गर्म होने लगा था मैंने उसके दोनों पैरों को आपस में मिला लिया और उसे बहुत ही मज़ा आ रहा था वह बड़ी उत्तेजित होती जा रही थी उसको बहुत ही अच्छा लग रहा था और मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था।

मेरे अंदर की आग बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी अब मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत में ही अपने वीर्य को गिरा रहा हूं वह अपनी चूत मे वीर्य लेने के लिए तैयार थी और उसने मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में कसकर जकड़ लिया अब मैं बिल्कुल भी हिल नहीं पा रहा था। मुझे उसे धक्के मारने में बड़ा आनंद आ रहा मैंने उसकी चूत के अंदर अपने माल को गिराया। जब मैंने ऐसा किया तो वह खुश हो गई और मुझे कहने लगी आज तो बड़ा मजा आ गया वह बहुत ज्यादा खुश थी और उसके बाद मैंने जैसे ही उसकी चूत से अपने लंड को बाहर निकाला तो उसके चेहरे में खुशी थी और वह बहुत ज्यादा खुश नजर आ रही थी। हम लोगों का नैनीताल का टूटरबड़ा ही शानदार रहा फिर हम लोग वापस लौट आए अब पहले की तरह ही जिंदगी सामान्य तरीके से चलने लगी थी।


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