चूत फाड़ता मेरा लंड


Antarvasna, kamukta: मेरे और कशिश के बीच अब दीवार बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी हम दोनों एक दूसरे से अलग हो चुके थे कशिश भी अपनी नौकरी के लिए मुंबई चली गई थी और मैं अभी भी चंडीगढ़ में ही था। मैं चंडीगढ़ में अपने पिताजी का काम संभाल रहा था हम दोनों के बीच जब पहली बार मुलाकात हुई थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा था, जिस प्रकार से हम लोग मिले थे वह किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं था। कशिश और मेरी टक्कर बस स्टॉप पर हुई थी और कशिश ने मुझे बहुत कुछ कहा था लेकिन मैंने उसे कुछ भी नहीं कहा उसके बाद भी एक दो बार ऐसा ही हुआ। जब भी हम दोनों मिलते तो हम दोनों के साथ कोई ना कोई हादसा हो ही जाता था जिससे की कशिश मुझे हमेशा कहती कि यह सब तुम्हारी वजह से ही होता है। मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं कशिश से बात करूं। कशिश जब एक दिन मुझे मिली तो मैंने उससे बात की और हम दोनों की बातें आगे बढ़ने लगी मैं कशिश को जितना जानता था उससे मुझे इतना ही पता चला की कशिश दिल की बहुत अच्छी लड़की है और उसके साथ मेरा रिलेशन बड़े अच्छे से चल रहा था। मैं और कशिश बहुत ही खुश थे हम दोनों ने एक दूसरे का साथ हमेशा ही दिया लेकिन एक गलतफहमी की वजह से कशिश मेरी जिंदगी से चली गई।

कशिश को लगता था कि मैं अब उसका ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखता लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं था मैं पापा के साथ काम में कुछ ज्यादा ही बिजी हो गया था जिस वजह से मुझे अपने लिए भी समय नहीं मिल पाता था और उसी दौरान कशिश ने मुझे मेरी बचपन की दोस्त शगुन के साथ देख लिया। जब उसने मुझे शगुन के साथ देखा तो कशिश ने मुझसे कुछ भी नहीं कहा और वह ना तो मेरा फोन उठाती और ना ही उसने उसके बाद मुझसे बात की। मैंने उसे कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन अब कशिश के दिल में यह बात आ चुकी थी कि मैंने उसे धोखा दिया इसलिए वह मुझे छोड़कर मुंबई चली गई। मेरा कशिश से कोई भी संपर्क नहीं था पिछले 3 महीनों से हम दोनों के बीच कोई भी बात नहीं हो रही और ना ही कशिश ने मुझे कभी फोन किया। मैं भी अब कशिश को फोन नहीं करता था मुझे लगा की कशिश को ही मुझे फोन करना चाहिए क्योकि मेरी इसमें कोई भी गलती नहीं थी मैंने कशिश को कई बार समझाने की कोशिश की लेकिन वह मेरी बात समझी ही नहीं इसलिए मैंने भी उसे फोन नहीं किया।

मुझे नहीं पता था कि कशिश का जब मुझे फोन आएगा तो उसे भी अपनी गलती का एहसास हो जाएगा कशिश ने मुझे फोन किया और कहने लगी कि रमेश मुझे मेरी गलती का एहसास है मुझे नहीं पता था कि उस दिन तुम अपनी दोस्त के साथ हो। मैंने उसे कहा कशिश मैंने तुम्हें कितना समझाने की कोशिश की लेकिन तुम मेरी बात समझी ही नहीं लेकिन अब बात बहुत आगे बढ़ चुकी थी कशिश की सगाई हो चुकी थी। कशिश को लगा कि मैंने उसे धोखे में रखा है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था मैंने ना तो कशिश को कभी धोखे में रखा था और ना ही मैंने उसे कुछ कहा था। कशिश की अब सगाई हो चुकी थी और हम दोनों का रिश्ता वापस से पहले जैसा हो पाना तो मुश्किल था कशिश भी अपने माता पिता को तकलीफ नहीं देना चाहती थी क्योंकि उसके मम्मी पापा ने ही उसकी शादी के लिए लड़का देखा था। कशिश पूरी तरीके से दुविधा में थी और वह मुझे हर रोज फोन किया करती मैं कशिश को समझाता की कशिश अब तुम्हारे मम्मी पापा को जो पसंद है वही तुम्हें करना चाहिए लेकिन कशिश मुझसे शादी करना चाहती थी। कशिश ने कहा कि रमेश तुम पापा मम्मी से बात क्यों नहीं कर लेते मैंने उसको कहा कशिश पहले भी मैंने तुमसे कई बार कहा कि मैं तुम्हारे पापा मम्मी से बात कर लेता हूं लेकिन तुमने हमेशा ही मुझे मना किया और काफी समय से हम दोनों के बीच बात भी तो नहीं हो पा रही थी अब तुम ही मुझे बताओ कि मुझे ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए। मैं और कशिश बहुत बड़ी दुविधा में थे लेकिन कशिश की सगाई हो चुकी थी मैंने उसको कहा तुम्हें ही अपने मंगेतर को समझाना चाहिए और उससे एक बार बात करनी चाहिए। कशिश ने मुझे कहा कि ठीक है मैं अपने मंगेतर से ही बात करती हूं कशिश ने जब अपने मंगेतर से बात की तो वह उसकी बात नहीं माना वह कहने लगा कि यदि तुम मुझे पहले बता देती तो शायद ठीक रहता लेकिन अब हमारी सगाई हो जाने के बाद तुम मुझसे यह बात कह रही हो।

अब ना तो वह सगाई तोड़ने को तैयार था और ना ही मुझसे कशिश की सगाई हो सकती थी हम दोनों के पास घर से भाग जाने के अलावा और कोई भी रास्ता नहीं था जो कि मैं बिल्कुल भी नहीं चाहता था। शायद एक रास्ता और था यदि हम लोग कशिश के मम्मी पापा से बात करें तो शायद कुछ हो सकता है लेकिन उससे पहले मैंने अपने पापा को इस बारे में बताया और कशिश को भी अपने पापा से मिलवाया। मैंने आज तक कशिश को कभी भी अपने परिवार से नहीं मिलवाया था परंतु मुझे भी लगने लगा था कि कशिश के बिना शायद मैं जिंदगी नहीं काट पाऊंगा इसलिए मैं मम्मी पापा को यह बात बताना चाहता था। मैंने अपने मम्मी पापा को इस बारे में बता दिया था और उन्होंने मेरे बड़ी मदद की पापा ने मुझे कहा कि मैं कशिश के पापा से बात करूंगा। जब पापा ने कशिश के पापा से बात की तो पहले तो वह लोग इस बात के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे उन्होंने कहा कि हमें थोड़ा समय सोचने के लिए दीजिए क्योंकि इससे हमारी भी तो बदनामी होगी।

पापा ने उन्हें कहा कि आपको जैसा ठीक लगता है आप वैसा ही कीजिए। कशिश और मैं हमेशा एक दूसरे से प्यार करते हैं जब कशिश के पापा ने कशिश से यह बात पूछी तो कशिश ने कहा कि हां पापा मैं रमेश से बहुत प्यार करती हूं हमारे बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी जिस वजह से हम दोनों एक दूसरे से अलग हो गए थे परंतु अब हमारे बीच में सब कुछ ठीक है और उसी बीच मेरी सगाई भी हो गई थी इसीलिए तो मैंने आपसे कुछ भी नहीं कहा मुझे तो इस बात का डर लग रहा था कि कहीं आप मुझे कुछ कहे ना इसलिए मैंने आपको इस बारे में कभी कुछ नहीं बताया। कशिश के पापा ने भी थोड़ा समय मांगा और हम लोग अपने घर लौट आए पापा ने मुझसे कहा कि रमेश तुम्हें मुझे पहले ही बता देना चाहिए था मैंने पापा को कहा पापा मैं आपको बताना चाहता था लेकिन उस वक्त कशिश और मेरे बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा था इसलिए मैंने आपको कुछ भी नहीं बताया। पापा ने कहा कि देखो बेटा कशिश के पिताजी को इस बारे में सोचने दो जो भी उनका फैसला होगा वह तुम्हें मानना पड़ेगा मैंने पापा से कहा हां पापा मैं उनका फैसला मानने के लिए तैयार हूं। अब मैं इसी टेंशन में था कि अब आगे क्या होगा क्योंकि मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था लेकिन कशिश और मेरी बात हो रही थी। कशिश के पापा ने एक दिन पापा को मिलने के लिए घर पर बुलाया और उन दोनों की रजामंदी इस बात को लेकर बनी की कशिश और मेरी सगाई हो जानी चाहिए। उसके बाद कशिश की सगाई मुझसे हो चुकी थी इतना कुछ हो जाने के बाद अब हम दोनों अपने रिश्ते को दोबारा सुधारने की कोशिश कर रहे थे। हम दोनों की सगाई हो चुकी थी हालांकि उससे पहले भी हम दोनों के बीच कई बार शारीरिक संबंध बने थे लेकिन यह पहला मौका था जब कशिश घर पर आई थी और कशिश के साथ मै सेक्स संबंध बनाना चाहता था क्योंकि उसे देखकर मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था। मैंने कशिश को अपनी बाहों में ले लिया कशिश को जब मैंने अपनी गोद में बैठाया तो वह कहने लगी आज तुम्हारे अंदर कुछ ज्यादा जोश लग रहा है।

मैंने उसे कहा मेरा लंड तुम्हारी चूत को फाडते हुए अंदर जाना चाहता है वह कहने लगी अब तो मै तुम्हारी हो चुकी हूं। मैंने उसे कहा अब तुम मेरी हो चुकी हो कशिश और मैंने एक दूसरे के होंठों को चूमा काफी देर तक हम दोनों एक दूसरे के होठों को चुंबन करते रहे अब हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी देर तक चुम्मा चाटी करते रहे। जब कशिश ने मुझे कहा आज मैं तुम्हारे साथ जमकर सेक्स का मज़ा लेना चाहती हूं तो मैंने उसे कहा मैं भी तुम्हारे साथ आज जमकर सेक्स करना चाहता हूं। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो कशिश ने उसे अपने हाथों में लिया और हिलाना शुरू किया जब वह मेरे लंड को अपने हाथों में लेकर हिलाती तो मुझे बुहत अच्छा लगता काफी देर तक वह मेरे लंड को अपने हाथों से हिलाती रही। जब उसने अपने मुंह के अंदर मेरे लंड को लिया तो मैंने उसे कहा तुम थोड़ा सा और अपने मुंह के अंदर लंड को लो? उसने गले के अंदर तक मेरे लंड को ले लिया। जब उसने मेरे लंड को बाहर निकाला तो वह कहने लगी तुम्हारा लंड कितना मोटा है?

मैंने उसे कहा मेरा लंड तो बहुत मोटा है लेकिन आज तुम्हारी चूत को मुझे फाडना है यह कहते ही मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को लगाया जैसे ही मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा लेकिन मुझे बहुत मजा आ रहा है मैं लगातार उसे धक्के मारता मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा और उसे चोदना शुरू किया जिससे कि उसके मुंह से और भी तेज आवाज निकल रही थी। वह मुझे कहती मुझे तुमसे अपनी चूत को मरवाकर मजा आ रहा है उसने थोड़ी देर बाद मुझे कहा मुझे तुम्हारे ऊपर से आना है? उसने अपनी चूत के अंदर मेरे लंड को लिया मैं उसकी चूतड़ों पर बड़ी तेजी से प्रहार कर रहा था वह भी अपनी चूतड़ों को ऊपर नीचे करती जिससे कि मैं उत्तेजित हो जाता काफी देर तक मैं उसे ऐसे ही धक्के मारता रहा वह मुझे कहने लगी तुम्हार लंड चूत के अंदर तक जा रहा है। मैंने उसे कहा कितने समय बाद हम लोग सेक्स कर रहे हैं। वह कहने लगी तुम्हारे साथ तो सेक्स का मजा लेने में बड़ा मजा आता है जिस प्रकार से तुम मुझे धक्के मार रहे हो मुझे लगता मैं झड़ने वाली हूं। थोड़ी देर बाद जब वह झड गई मैंने भी अपने वीर्य को उसकी चूत के अंदर ही गिरा दिया अब हम दोनों की शादी कुछ दिनों बाद होने वाली है।


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