चूत देख मन शांत हो गया


Antarvasna, sex stories in hindi: रविवार के दिन मैं घर पर ही था मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि रोहित हम लोग कहीं शॉपिंग के लिए चलते हैं तो मैं भी तैयार हो गया मैंने अपनी पत्नी से कहा कि ठीक है हम लोग शॉपिंग पर चलते हैं। हम लोग उस दिन शॉपिंग करने के लिए चले गए जब हम लोग मॉल में गए तो वहां पर मुझे मेरा दोस्त मिला मेरा दोस्त रजत मुझे काफी समय बाद मिल रहा था। रजत से जब मैं मिला तो मुझे अच्छा लगा मैंने रजत को पूछा काफी दिनों से तुमने मुझे फोन नहीं किया तो रजत मुझे कहने लगा कि मेरा फोन खराब हो गया था जिस वजह से मैं तुम्हे फोन नहीं कर पाया। मैंने रजत को कहा तुम कभी भाभी को लेकर घर पर आना तो वह मुझे कहने लगा कि ठीक है मैं जरूर आऊंगा।

एक दिन रजत भाभी को लेकर घर पर आया, रजत और उसकी पत्नी घर पर आए हुए थे उस दिन मैं भी घर पर ही था तो हम लोगों ने उस दिन काफी अच्छा समय बिताया। रजत ने मुझे कहा कि उसके भाई ने कुछ समय पहले कपड़ों का एक शोरूम खोला है मैंने रजत को कहा यह तो बड़ी खुशी की बात है। रजत ने मुझे बताया कि उसके छोटे भाई का काम अच्छा चल रहा है और वह भी चाहता है कि वह अपना बिजनेस शुरू करें। मैंने रजत को कहा क्या तुम जॉब छोड़ने के बारे में सोच रहे हो तो रजत मुझे कहने लगा कि हां रोहित मुझे लगने लगा है कि अब मुझे भी कोई बिजनेस शुरू करना चाहिए। मैंने रजत को समझाया और उसे कहा कि तुम अपनी जॉब पर फोकस करो लेकिन रजत चाहता था कि वह जल्द ही कोई नया बिजनेस शुरू करें और फिर उसने एक रेस्टोरेंट खोल लिया, वह अपनी जॉब से रिजाइन दे चुका था। मैं भी रजत के रेस्टोरेंट में गया था जब मैं रजत के रेस्टोरेंट में गया तो मैंने देखा कि उसने रेस्टोरेंट में काफी पैसे लगाए हुए थे और उसका काम भी अच्छे से चल रहा था।

मैंने रजत को कहा चलो यह तो अच्छा है कि तुम्हारा काम अच्छा चल रहा है। रजत एक अच्छी कंपनी में एक अच्छे पद पर था लेकिन अब वह जॉब छोड़ चुका था और अपने बिजनेस पर पूरी तरीके से वह ध्यान दे रहा था। समय के साथ रजत का बिजनेस भी अच्छा चलने लगा और रजत काफी ज्यादा खुश भी था कि उसका बिजनेस अब अच्छे से चलने लगा है। मैंने उस दिन रजत को कहा अभी मैं चलता हूं तुमसे फिर कभी मिलने आऊंगा रजत कहने लगा ठीक है। मैं भी अपने ऑफिस के टूर से कुछ दिनों के लिए बाहर जाने वाला था मैंने उस रात अपनी पत्नी से कहा कि मेरा सामान तुम पैक कर देना तो वह कहने लगी की ठीक है। उसने मेरा सामान पैक कर दिया था अगले दिन मुझे सुबह जल्दी निकलना था इसलिए मैं सुबह नाश्ता करके घर से निकल गया। मैं जब रेलवे स्टेशन पहुंचा तो वहां पर ट्रेन बिल्कुल सही समय पर थी और मैंने ट्रेन में अपना सामान रखा।

मैंने अपना सामान ट्रेन में रखा और मैं अहमदाबाद के लिए निकल पड़ा ट्रेन चलने लगी थी तभी मेरी पत्नी का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि रोहित क्या आप स्टेशन पहुंच गए थे। मैंने अपनी पत्नी को कहा कि मैं ट्रेन में बैठा हूं और अब ट्रेन चल पड़ी है, हम लोग फोन पर बात कर रहे थे मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम मां का ख्याल रखना तो वह मुझे कहने लगी कि हां रोहित मैं मां का ख्याल रखूंगी। मां कुछ दिनों से बीमार थी और मां की तबीयत खराब थी इसलिए मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम मां का ध्यान रखना। थोड़ी देर बाद मैं फोन रख चुका था और सफर का कुछ पता ही नहीं चला की कब मैं अहमदाबाद पहुंच गया। जब मैं अहमदाबाद पहुंचा तो जिस होटल में मेरी रुकने की व्यवस्था थी मैं वहां पर चला गया, कुछ देर मैंने आराम किया और रात का डिनर करने के बाद मैं सो गया। अगले दिन मैं अपने काम पर चला गया था कुछ दिनों तक मैं अहमदाबाद में रहा और फिर मैं वापस जयपुर लौट आया था। जब मैं जयपुर वापस लौटा तो मैं उस दिन घर पर ही था मेरी पत्नी मुझे कहने लगी कि आज हम लोग पापा मम्मी से मिल आते हैं मैंने भी उसे कहा की ठीक है। हम लोग उस दिन मेरी पत्नी के पापा मम्मी से मिलने के लिए चले गए और हम लोग देर रात वहां से घर लौटे।

अगले दिन मुझे सुबह ऑफिस जल्दी जाना था और मैं सुबह जल्दी ऑफिस चला गया जब मैं ऑफिस गया तो उस दिन ऑफिस में काफी ज्यादा काम था जिस वजह से मुझे घर लौटने में देरी हो गई। मेरी पत्नी का मुझे फोन आया और वह मुझे कहने लगी कि रोहित आप कहां हैं तो मैंने उसे बताया कि मैं अभी ऑफिस से निकल रहा हूं। वह मुझे कहने लगी कि आप आते हुए मां की दवाइयां लेते हुए आइएगा मैंने अपनी पत्नी को कहा ठीक है मैं मां की दवाइयां ले आऊंगा। जब मैं वापस लौटा तो मैं मां की दवाइयां लेते हुए आया, मैं जब घर पहुंचा तो मेरी पत्नी कहने लगी कि मां की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैंने आपको फोन किया और आपसे दवा मंगा ली। मैंने अपनी पत्नी को कहा मां की तबीयत कैसी है तो वह कहने लगी कि उनकी तबीयत कुछ ठीक नहीं है आप देख लीजिए।

मैं रूम में गया तो मां काफी ज्यादा बीमार लग रही थी मैंने उन्हें कहा मां आपकी तबीयत ठीक नहीं है तो वह मुझे कहने लगी कि नहीं बेटा मुझे काफी ज्यादा बुखार महसूस हो रहा है। मैंने मां को कहा ठीक है आप आराम कीजिए, मेरी पत्नी ने मां को दवाई दे दी थी और वह आराम करने लगी। उसके बाद हम दोनों ने डिनर किया और हम लोग सोने की तैयारी करने लगे लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैं छत में टहलने के लिए चला गया। थोड़ी देर मैं छत पर टहला और फिर मैं नीचे आया तो मुझे नींद आ गई उसके बाद मैं सो चुका था। मुझे नींद आ गई थी और अगले दिन मुझे  ऑफिस जाना था मैं नाश्ता कर के ऑफिस के लिए निकला। उस दिन जब मैं वापस लौटा तो मैंने देखा हमारे पड़ोस में सविता भाभी आई हुई थी। मै उन्हें काफी दिनों बाद देख रहा था। मैंने सविता भाभी को देखकर उन्हें कहा भाभी आप काफी दिनों बाद दिखाई दे रही है।

वह मुझे कहने लगी आजकल घर में काम ज्यादा रहता है इस वजह से मेरा यहां आना नहीं हो पाता है। सविता भाभी की बहन हमारे पड़ोस में रहा करती है उनसे भी मेरी काफी बातचीत है। मैंने उन्हें कहा कभी आप हमे घर आने का मौका दीजिए। वह कहने लगी आप कभी भी मेरे घर आ जाइए मैं घर पर अकेली हूं। मैंने उन्हें कहा आपके पति कहां है? वह मुझे कहने लगी मेरे पति काम के सिलसिले में आज ही बाहर गए है। मैं इस मौके को कैसे छोड़ सकता था सविता भाभी का गदराया हुआ बदन मुझे अपनी और खींच रहा था। जब सविता भाभी का बदन मुझे अपनी और खींच रहा था मैं उनके घर पर चला गया। जब मैं उनके घर गया तो वह मुझे कहने लगी रोहित आखिरकार तुम घर पर आ ही गए।  मैने सविता भाभी से कहा आप सब जानती है मैं घर पर क्यों आया हूं। वह मुझे कहने लगी मुझे सब पता है जब उन्होंने यह बात कही तो मैंने भी तुरंत उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और उनके स्तनों को दबाने लगा।

मैं उनके लाल होंठों को चूस रहा था जब मैं ऐसा कर रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था और उन्हें भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। मैंने उनकी गर्मी को बढ़ा दिया था मेरी गर्मी भी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने कहा लगता है आज आपकी चूत की खुजली को मिटाना ही पड़ेगा। मैंने उनकी साड़ी को उतार दिया और उनके ब्लाउज को उतार कर मैंने किनारे रखा। उनके स्तन बाहर की तरफ से लटक रहे थे मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा और उन्हें भी बड़ा आनंद आ रहा था। मैंने कहा लगता है आपकी गर्मी को शांत करना ही पड़ेगा। वह कहने लगी मेरी गर्मी को शांत कर दो। यह पहला मौका था जब उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह में लिया और उसे अपने मुंह में लेकर वह तब तक चूसती रही जब तक उन्होंने मेरे लंड से पानी नहीं निकाल दिया। मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो चुका था और वह भी बहुत ज्यादा खुश थी।

उन्होंने कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा है। वह कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने उन्हे कहा आप मेरे लंड को बस ऐसे ही चूसते रहिए। उन्होंने मेरे लंड को सकिंग किया और मेरी गर्मी को उन्होंने पूरी तरीके से बढ़ाकर रख दिया था मैंने उनकी पैंटी को उतारते हुए उनकी चूत को चाटना शुरू किया। जब मैंने ऐसा किया तो मुझे अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा मजे मे आने लगी थी। उनकी चूत से निकलता हुआ पानी बहुत ज्यादा बढ़ चुका था और मेरे अंदर की गर्मी भी अब बढ गई थी। मैंने उन्हें कहा मुझे अच्छा लग रहा है तो वह कहने लगी अच्छा तो मुझे भी बहुत ज्यादा लग रहा है। मैंने उनकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया जैसे ही मेरा मोटा लंड उनकी योनि के अंदर गया तो वह बहुत जोर से चिल्लाकर मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने उन्हे कहा मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आने लगा है। मैंने उन्हे तेजी से धक्के मारे जा रहा था उनकी सिसकारियां लगातार बढ रही थी। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा है।

मैंने उनके दोनों पैरो को आपस में मिला लिया था कुछ देर तक तो मैंने उन्हें ऐसे ही धक्के मारे। जब मुझे लगने लगा मेरा वीर्य जल्दी ही बाहर आने वाला है तो मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और अपने लंड को उनकी चूत में घुसा दिया। मेरा लंड उनकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था मैं उन्हें तेजी से धक्के मारे जा रहा था। मैंने उन्हे कहा मुझे आपको धक्के मारने में मजा आ रहा है। वह मुझे कहने लगी मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने उन्हें बहुत देर तक ऐसे ही चोदा जब मुझे लगने लगा मेरा वीर्य गिरने वाला है तो मैने अपने वीर्य की उनकी चूत मे गिरा कर अपनी इच्छा को पूरा किया। वह मुझे कहने लगी मुझे आज मजा आ गया। मैंने सविता भाभी की चूत का मजा ले लिया था।


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