चोदकर स्तन हिला दिए


Antarvasna, hindi sex story: मेरी शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं लेकिन मैं अपनी पत्नी मधु को बिल्कुल भी समय नहीं दे पाया मेरी पत्नी मधु को हमेशा मुझसे यही शिकायत रहती लेकिन घर की सारी जिम्मेदारियां मेरे ऊपर ही हैं इसलिए मैं उसे समय नहीं दे पाता। मेरी बहन नंदिनी की भी अभी शादी नहीं हुई है और उसकी शादी को लेकर भी मैं काफी ज्यादा चिंतित रहता हूं। मेरी बूढ़ी मां एक दिन मेरे पास आई और कहने लगी कि रोहित बेटा तुम आज काफी ज्यादा परेशान लग रहे हो। मैंने मां को कहा कि मां परेशानी की बात तो है ही तुम तो जानती ही हो की नंदिनी की शादी अभी तक नहीं हुई है और उसकी उम्र भी निकलती जा रही है नंदिनी की उम्र 30 वर्ष हो चुकी थी।  मेरी मां कहने लगी कि बेटा तुम चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा और जरूर नंदिनी के लिए कोई अच्छा लड़का मिल जाएगा। मैंने मां से कहा हां मां तुम कह तो ठीक रही हो लेकिन तुम तो जानती ही हो कि हमारे सारे रिश्तेदार अब इस बारे में मुझसे पूछने लगे हैं और जब भी कोई इस बारे में पूछता है तो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता।

मैं और मां इस बारे में बात कर ही रहे थे कि नंदिनी ने हमारी बात सुन ली और उसे शायद यह बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा मैं नंदिनी के रूम में गया और उसे कहा कि नंदिनी तुम तो जानती ही हो की सब लोग अब तुम्हारी शादी को लेकर मुझसे पूछने लगे हैं और कहीं ना कहीं मुझे भी इस बात को लेकर अब अच्छा नहीं लगता है। नंदिनी भी इस बात से काफी परेशान थी मैंने उसे कहा कि तुम चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा। मैंने उसके लिए लड़का तलाशना शुरू कर दिया था हमारे ऑफिस में ही गोविंद काम करता है गोविंद की उम्र भी 35 वर्ष के आसपास है और वह भी लड़की की तलाश में था गोविंद किसी वजह से शादी नहीं कर पाया था। मैंने गोविंद को जब अपनी बहन नंदिनी के बारे में बताया तो उसने भी तुरंत हां कर दी गोविंद बहुत ही नेक और अच्छा इंसान है इसलिए मैंने उसके साथ नंदिनी की शादी तय कर दी और जल्द ही उन दोनों की शादी हो गई। जब उन दोनों की शादी हो गई तो नंदिनी काफी खुश थी गोविंद मुझे हर रोज ऑफिस में मिलता था।

मुझे इस बात की बहुत ही खुशी होती कि नंदिनी की शादी हो चुकी है और मुझे उसकी चिंता करने की आवश्यकता नहीं है सब कुछ बहुत ही अच्छे से चल रहा था और सब ठीक होने लगा था  हालांकि अभी भी घर के खर्चे कम नहीं हुए थे घर में सिर्फ मैं ही कमाने वाला था बच्चों की फीस और ना जाने क्या-क्या खर्चे घर में दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे थे। मेरी मां भी बीमार हो गई और उनके इलाज में बहुत ही ज्यादा खर्चा हो गया था हालांकि उस वक्त मेरी गोविंद ने मदद की थी और गोविंद ने मुझे कुछ पैसे भी दिए थे लेकिन मैं उसके पैसे वापस लौटाना चाहता था और जल्द ही मैंने गोविंद के पैसे वापस लौटा दिए थे। एक दिन मैं घर पर ही था उस दिन रविवार था और मैं सोच रहा था कि आज मैं घर पर ही रहूं इसलिए मैं उस दिन घर पर ही था लेकिन तभी हमारे पड़ोस में रहने वाले रंजीत भाई साहब आ गए। रंजीत भाई साहब और मेरे बीच काफी अच्छी बातचीत है जब वह घर पर आए तो मुझे कहने लगे की रोहित आजकल तुम दिखाई नहीं देते हो तो मैंने उन्हें बताया कि आज कल ऑफिस में कुछ ज्यादा काम है इस वजह से मैं घर देर से लौटता हूं। हम दोनों बात कर रहे थे तो मैंने अपनी पत्नी मधु से कहा कि मधु तुम भाई साहब के लिए चाय बना कर ले आओ और मधु थोड़ी देर बाद चाय बना कर ले आई। हम दोनों चाय पीते पीते एक दूसरे से बात कर रहे थे तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने अपने घर पर कुछ समय पहले ही नये किरायेदार को रखा है। उस दिन रंजीत भाई साहब हमारे घर पर काफी देर तक रहे और फिर वह चले गए जब वह चले गए तो मैं और मधु साथ में बैठे हुए थे मधु और मैं एक दूसरे से बात कर रहे थे तो मधु ने मुझे कहा कि रोहित मैं काफी दिनों से अपने मायके भी नहीं गई हूं तो मैं अपने मायके जाना चाहती हूं। मैंने भी मधु से कहा कि कल तुम अपने पापा मम्मी से मिलने के लिए चले जाना तो मधु कहने लगी कि ठीक है मैं कल पापा मम्मी से मिलने के लिए चली जाऊंगी। मधु अगले दिन अपने पापा मम्मी से मिलने के लिए चली गई जब वह अपने पापा मम्मी से मिलने के लिए गई तो उस दिन मैं और मां घर पर अकेले थे मां ने ही उस दिन मेरे लिए खाना बनाया।

जब मैंने रात का खाना खा लिया तो उसके बाद मैं छत पर चले गया मैं अपनी छत में कुछ देर तक रहा और फिर मैं नीचे आ गया। जब मैं नीचे आया तो मां अपने कमरे में सो रही थी और फिर मैं भी सो गया अगले दिन सुबह जल्दी उठकर मुझे ऑफिस के लिए निकलना था। मैं जल्दी से तैयार हो चुका था और अपने ऑफिस जाने की तैयारी कर रहा था मां ने मेरे लिए नाश्ता बना दिया था और मुझे कहा कि रोहित बेटा तुम जब शाम को घर लौटोगे तो आते हुए कुछ राशन ले आना। मां ने मुझे कहा कि तुम राशन ले आना तो मैंने मां को कहा ठीक है मां मैं शाम को आते वक्त राशन ले आऊंगा। जब मैं ऑफिस से लौटा तो शाम के वक्त मैं राशन लेने के लिए गुप्ता जी की दुकान में खड़ा था उनकी दुकान में काफी ज्यादा भीड़ थी तो कुछ देर के लिए मैं उनकी दुकान के बाहर ही खड़ा हो गया था।

काफी देर तक उनकी दुकान के बाहर खड़ा होने के बाद उन्होंने मेरी तरफ देखा और मुझे कहा कि रोहित आपको क्या चाहिए। मैंने उन्हें एक कागज में लिख कर दे दिया उन्होंने अपने लड़के से कह कर मेरा सामान पैक करवा दिया था। मैंने पैसे दिए जैसे ही मैंने उन्हें पैसे दिए तो मैंने देखा वहां एक महिला भी खड़ी थी और वह महिला बार बार मेरी तरफ देख रही थी उनका गदराया हुआ बदन देखकर मैं भी उनकी तरफ आकर्षित हो गया था। उसके बाद मै दुकान से बाहर आया तो वह महिला भी मेरे पीछे पीछे आई और उन्होंने मुझसे बात कर ली जब उन्होंने मुझसे बात की तो मैंने उन्हें कहा मैंने आपको यहां कभी देखा नहीं है? वह कहने लगी हम लोग यहां कुछ दिन पहले ही आए हैं लेकिन उनकी प्यासी नजरें मुझे ऐसे देख रही थी जैसे कि वह मेरे साथ उसी वक्त सेक्स करने के लिए तैयार हो जाएंगी और मैंने उनका नंबर ले लिया था उनका नाम सुधा है। सुधा भाभी बहुत ही ज्यादा सेक्सी है और एक दिन उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया उनके पति अपने काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे इस मौके को भला वह कैसे छोड सकती थी उन्होंने मेरे साथ संभोग करने का फैसला कर लिया था और मुझे उन्होंने घर पर बुलाया। जब उन्होंने मुझे घर पर बुलाया तो वह घर पर अकेली थी और मैं भी उनके साथ संभोग करने के लिए तैयार था। मैंने उन्हें देखा तो उन्हें देखते ही मैंने अपनी गोद में उठा लिया मैंने उनको बिस्तर पर पटक दिया था। जब मैंने उनके स्तनों की तरफ देखा तो मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मुझे इतना ज्यादा आनंद आ रहा था कि मैंने उनके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया था काफी देर तक उनके स्तनों को मैंने दबाया और उसके बाद मैंने उनके कपड़ों को उतारा तो मैंने देखा उनकी चूत से पानी बाहर की तरफ को निकल रहा है उनकी चूत से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर की तरफ को निकाल आया था और मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू किया। उनकी चूत पर बाल थे जो कि मेरे मुंह पर लग रहे थे और मैंने उन्हें कहा मुझे आपकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाना है।

वह पूरी तरीके से तड़प उठी थी और मैंने जब अपनी लंड को उनकी चूत पर सटाया तो वह मेरी तरफ देख कर कहने लगी तुम जल्दी से अपने लंड को मेरी चूत के अंदर घुसा दो और मैंने एक ही झटके मे उनकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसा दिया जब मेरा लंड उनकी योनि के अंदर घुसा तो वह पूरी तरीके से मजे में आ गई और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है अब तुम ऐसे ही मुझे धक्के मारते रहो और मैंने उन्हें इतने जोर से धक्के दिए मैंने उनको तेजी से चोदना शुरु कर दिया था मैं जब उन्हें धक्के मार रहा था तो मुझे मजा आने लगा और मैं जिस प्रकार से उनको धक्के दे रहा था तो वह बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी और अपने पैरों को बहुत चौड़ा करने लगी। जब वह अपने पैरों को चौड़ा करती तो मुझे बहुत ही मजा आता और वह पूरी तरीके से मजे में आने लगी थी उनकी गर्मी इतनी बढ़ने लगी थी कि मुझे अब बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा था मैंने उनको कहा मै अब आपकी गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहा हूं।

उन्होंने मुझे कहा तुम अपने माल को मेरी चूत मे गिरा दो और मैंने भी अपने गरमा गरम माल को उनकी चूत मे डाला और उनकी इच्छा को पूरा कर दिया उनकी गर्मी अब शांत हो चुकी थी और जब मैंने उनकी चूत के अंदर अपने लंड को दोबारा से घुसाया तो वह उत्तेजित होने लगी वह अब मेरी तरफ देख रही थी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही मजा आ रहा है। मैंने उनकी चूतड़ों पर बड़ी तेजी से प्रहार करना शुरू कर दिया था और जब मैं ऐसा कर रहा था तो मुझे बहुत ही मज़ा आ रहा था। अब मैं लगातार उनको चोदता जा रहा था और जब मैं उनकी चूतड़ों पर प्रहार करता तो वह बहुत ही ज्यादा खुश हो रही थी और मुझे कहने लगी कि तुम जल्दी से अपने माल को मेरी चूत में गिरा दो और मैंने जब उनकी चूत में अपने माल को गिराया तो वह खुश हो गई और मेरी इच्छा को उन्होंने पूरा कर दिया था।


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