चोदकर मुझसे प्यार कर बैठी


Antarvasna, kamukta: मैं रजत से कहता हूं कि रजत कुछ दिनों के लिए कहीं घूम आते हैं तो रजत मुझे कहता है कि रोहन हम लोग कहां जाएंगे। मैंने रजत से कहा कि क्यों ना हम लोग कुछ दिनों के लिए शिमला हो आए रजत ने मुझे कहा ठीक है हम लोग शिमला हो आते हैं। मैंने अपने मामा जी को फोन किया जिनका होटल शिमला में है और मैंने जब उनको फोन किया तो उन्होंने मुझे कहा कि रोहन बेटा तुम यहां कब आ रहे हो। मैंने उन्हें कहा कि मामा जी हम लोग शिमला आने के बारे में सोच रहे थे मामा जी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारे साथ क्या कोई और भी आ रहा है तो मैंने उन्हें कहा हां मेरे साथ मेरा दोस्त रजत भी आ रहा है। वह रजत को अच्छे से जानते हैं इससे पहले भी वह रजत से कई बार मिल चुके थे उन्होंने मुझसे कहा कि तुम और रजत शिमला आ जाओ। मैं और जब शिमला जाना चाहते थे तो हम दोनों ने प्लान बनाया कि हम दोनों मोटरसाइकिल से ही शिमला जाएंगे हम लोग चंडीगढ़ में रहते हैं। हम दोनों ने मोटरसाइकिल से जाने का ही प्लान बना लिया था और हम दोनों मोटरसाइकिल से शिमला गए रास्ते में हम दोनों को बहुत सी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।

रास्ते में हमारी मोटरसाइकिल का टायर पंचर हो गया था लेकिन वहां आसपास कोई भी नजर नहीं आ रहा था तभी वहां से गुजरते हुए एक व्यक्ति ने हम दोनों को लिफ्ट दी और हम लोग वहां से मैकेनिक के पास चले गए। हम लोग उस मैकेनिक को अपने साथ ले लाए तो उसने हमारी मोटरसाइकिल का टायर पंचर ठीक कर दिया था। मोटरसाइकिल ठीक होने के बाद हम लोग शिमला पहुंचे जब हम लोग शिमला पहुंचे तो उसके बाद मैं मामा जी से मिला। मामा जी ने मुझे गले लगाते हुए कहा कि रोहन बेटा तुम कैसे हो और तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है मैंने मामा जी से कहा कि मामा जी मेरी पढ़ाई तो खत्म हो चुकी है बस अभी कुछ दिन पहले ही एग्जाम दिए हैं। मामा जी ने कहा कि चलो यह तो तुमने बहुत ही अच्छा किया कि कुछ दिनों के लिए तुम लोग से शिमला घूमने के लिए आ गए। मामा जी का पूरा परिवार शिमला में ही रहता है उन्होंने रजत से भी उसके हाल-चाल पूछे। हम लोग होटल में ही रुकने वाले थे मामा जी ने कहा कि तुम लोग घर पर ही चलो लेकिन मैंने उन्हें कहा नहीं हम लोग होटल में ही रुकेंगे। हम लोग होटल में ही रुक गए थे शिमला में हम लोगों ने खूब इंजॉय किया और चार-पांच दिन शिमला में रुकने के बाद हम लोग वापस चंडीगढ़ लौट आए थे।

जब हम लोग घर लौट आए तो उसके बाद मेरा कॉलेज भी खत्म हो चुका था मेरे कॉलेज का रिजल्ट भी जल्द ही आने वाला था। जब मेरे और रजत का रिजल्ट आया तो हम दोनों पास हो चुके थे उसके बाद हमारे कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट आ चुका था। पापा और मम्मी चाहते थे कि मैं चंडीगढ़ में ही कोई जॉब करूं लेकिन जब मेरा कैंपस प्लेसमेंट में सिलेक्शन हुआ तो मुझे जॉब के लिए मुंबई जाना पड़ा। मैं अपने परिवार से पहली बार ही अलग रह रहा था इसलिए मुझे एडजेस्ट करने में बहुत ही समस्या हो रही थी लेकिन जैसे तैसे मैंने एडजेस्ट कर लिया था। रजत की जॉब दिल्ली में लग चुकी थी इसलिए हम दोनों एक दूसरे से अलग थे लेकिन हम दोनों की फोन पर बातें होती रहती थी। शुरुआत में तो मुझे बहुत ही समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा था और मुंबई मुझे अच्छा लगने लगा था मुम्बई में मेरे दोस्त भी बनने लगे थे मैं उन लोगों के साथ अच्छा टाइम स्पेंड करने लगा था और ऑफिस में भो मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी। एक दिन मैं ऑफिस से घर लौट रहा था उस दिन जब मैं ऑफिस से घर लौट रहा था तो मैं लिफ्ट से आ रहा था उस लिफ्ट में एक लड़की भी थी मैं बार-बार उसकी तरफ देख रहा था मेरी नजर बार-बार उस पर पड़ रही थी। मेरे नजर जब भी उस लड़की पर पड़ती तो वह भी मेरी तरफ देखती उसकी बड़ी-बड़ी आंखें मुझे घूर रही थी उसे ऐसे देखना मुझे बिल्कुल भी ठीक नहीं लग रहा था लेकिन ना चाहते हुए भी मेरी नजरें उस लड़की की तरफ चली जा रही थी। मैं उसे जब भी देखता तो मुझे अच्छा लगता हम दोनों एक दूसरे से बातें तो नहीं कर पाये लेकिन मैं उसे काफी देर तक देखता रहा।

जब मुझे पता चला कि वह मेरे सामने वाले फ्लैट में ही रहने के लिए आई है तो मैं खुशी से झूम उठा मुझे तो उम्मीद भी नहीं थी कि मेरी किस्मत इतनी अच्छी होगी कि जल्द ही मेरी मानसी से बात हो जाएगी। जब मेरी मानसी से बात होने लगी तो हम दोनों के बीच काफी अच्छी दोस्ती होने लगी मानसी चंडीगढ़ की ही रहने वाली थी इसलिए हम दोनों के बीच काफी अच्छी बनने लगी थी। मानसी को जब भी कोई जरूरत होती तो वह मुझे कहती मैं उसकी हर परेशानी को पल भर में दूर कर दिया करता था इसलिए वह मेरे कुछ ज्यादा ही नजदीक आने लगी और हम दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी थी। हम दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आ चुके थे और मैं और मानसी एक दूसरे से बहुत ज्यादा प्यार भी करने लगे थे और दिल ही दिल हम दोनों एक दूसरे को चाहने लगे थे लेकिन हम दोनों की एक दूसरे से कुछ कहने की हिम्मत ही नहीं हुई। हम दोनों दिल ही दिल एक दूसरे को प्यार तो करने लगे थे लेकिन कोई भी एक दूसरे से प्यार का इजहार नहीं कर पाया। ना तो मैं मानसी को कुछ कह पा रहा था और ना हीं मानसी ने मुझसे कुछ कहा था लेकिन मुझे मानसी की आंखों में अपने लिए प्यार साफ नजर आता था। हम दोनों मे से प्यार का इजहार कोई भी नहीं कर पा रहा था।

एक दिन मानसी ने मुझे अपने घर पर चाय के लिए इनवाइट किया और मैं मानसी के घर पर गया। हम दोनो एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे मुझे मानसी से बात करना अच्छा लग रहा था और मानसी को भी मुझसे बात करना बहुत ही अच्छा लग रहा था। उस दिन हम दोनों के अंदर ही शायद सेक्स को लेकर कुछ ज्यादा ही रूचि जागने लगी थी इसलिए मैंने मानसी के हाथों को पकड़ लिया और मानसी ने कोई भी आपत्ति नहीं जताई। मुझे अच्छा लग रहा था जब मैं मानसी के हाथ को पकड़ कर सहला रहा था। मैंने उसकी जांघ को भी अब पकड़ कर सहलाना शुरू किया तो मानसी को मजा आने लगा। मानसी को बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था और वह मुझे कहने लगी रोहन मैं तुमसे प्यार करती हूं। जैसे ही उसने मुझे आई लव यू कहा तो मै खुश हो गया। मानसी ने अपने दिल की बात का इजहार कर ही दिया था। वह मुझे कहने लगी मैं तो तुमसे हमेशा से ही प्यार करती थी। हम दोनों ने एक दूसरे के होठों को चूम लिया और हम दोनों एक दूसरे के होठों को किस करने लगे। हम दोनों को ही अच्छा लगने लगा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मानसी को भी अब अच्छा लगने लगा था। मानसी के अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी मैने उसके होंठों को चूमना शुरू किया तो मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने मानसी से कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है हम दोनो बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे। उसने मेरे मोटे लंड को अपने हाथों में ले लिया जब उसने ऐसा किया तो मैंने कभी उम्मीद भी नहीं की थी कि मानसी के को चोदूंगा। मानसी मेरे मोटे लंड को हिलाए जा रही थी। जब मानसी ने मेरे मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसना शुरू किया तो उसको मजा आने लगा और वह मेरे लंड को बड़े अच्छे तरीके से चूस रही थी। मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था और मानसी को भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा था। अब मैं बिल्कुल भी रह नहीं पाया और मैंने मानसी के कपड़े उतारकर मानसी से कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डालना चाहता हूं?

मैंने मानसी की योनि के अंदर लंड घुसा दिया। मानसी की योनि के अंदर की तरफ से निकलता हुआ पानी बढ चुका था और उसकी चूत से खून निकल चुका था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं मानसी की चूत के अंदर बाहर धक्का मार रहा था। मानसी ने अपने पैरों के बीच में मुझे जकडना शुरू किया जब उसने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ना शुरू किया तो मैंने मानसी से कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। मानसी ने कहा तुम मुझे ऐसे ही चोदते जाओ। मैंने मानसी को ऐसे ही काफी देर तक धक्के मारे। जब मुझे एहसास होने लगा कि मेरे अंडकोषो से मेरा वीर्य बाहर निकलने वाला है तो मैंने मानसी से कहा मेरा वीर्य तुम्हारी योनि में गिरने वाला है। मानसी ने कहा कि कोई बात नहीं तुम मेरी चूत मे अपने वीर्य को गिरा दो। मेरे लिए तो बड़ा ही अच्छा पल था और मैंने मानसी की योनि के अंदर ही अपने वीर्य को गिरा कर उसकी गर्मी को मिटा दिया।

उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ कुछ देर तक बैठे रहे। मानसी की योनि से अब भी खून निकल रहा था मैंने मानसी की तरफ देखा तो वह मुझे कहने लगी मेरी इच्छा अभी पूरी नहीं हुई है। मैं मानसी के साथ दोबारा सेक्स करना चाहता था। मैंने मानसी के बदन को तब तक महसूस किया जब तक कि उसके बदन से पूरी तरीके से गर्मी बाहर नहीं आ गई वह बहुत ज्यादा तड़पने लगी थी और मेरे अंदर की तडप भी बढ़ चुकी थी। मैंने मानसी को डॉगी स्टाइल पोजीशन में बनाते हुए उसे चोदना शुरू किया। मैने उसकी चूत के अंदर बाहर लंड को करना शुरू कर दिया था मेरा मोटा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था जब मैं उसकी चूत मार रहा था। एक समय ऐसा आया जब मेरा वीर्य मानसी की चूत मे गिर गया। मैं और मानसी खुश हो चुके थे हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से मिट चुकी थी। मुझे बहुत ही मजा आया जब मैंने मानसी के साथ शारीरिक संबंध बनाया और उसकी चूत के अंदर मैंने अपने माल को गिराया। मानसी और मेरे बीच प्यार हो चुका था और हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं। मै मानसी के बिना एक पल भी नहीं रह सकता और वह भी मेरे बिना एक पल नहीं रह सकती।


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