बिल्डर की पत्नी का दमदार बदन


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मेरा नाम रजत है मैं हैदराबाद में रहता हूं, मेरी उम्र 35 वर्ष है, मैं एक शादीशुदा पुरुष हूं और मेरी शादीशुदा जीवन में मेरी पत्नी के आने से जैसे बाहर सी आ गई। मेरी शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं और इन 5 वर्षों में मैंने अपनी पत्नी के साथ अच्छा वक्त बिताया है। मेरा काम भी अच्छा चल रहा था इसलिए मेरा जब भी मन करता तो मैं अपनी पत्नी को अपने साथ लेकर कहीं घूमने चला जाता, मेरी पत्नी का नाम खुशबू है। मेरी पत्नी भी स्कूल में पढ़ाती है, वह बहुत अच्छी टीचर भी हैं  और  वह एक अच्छी पत्नी भी हैं। मेरी एक छोटी बच्ची भी है जिसकी उम्र 3 वर्ष है। मैने एक दिन अपनी पत्नी से कहा कि मैं एक फ्लैट खरीदना चाहता हूं, मेरी पत्नी कहने लगी कि हां तुम फ्लैट खरीद लो मैं और मेरी वाइफ उस फ्लैट की बुकिंग करवाने के लिए चले गए, मैंने वहां पर बुकिंग अमाउंट भी दे दिया और उसके बाद वह फ्लैट मैंने बुक करवा लिया।

काफी समय हो चुका था लेकिन वह फ्लैट बन कर तैयार नहीं हुए थे, मैं एक दिन उनके पास गया और कहा कि यदि आप फ्लैट नहीं बना सकते तो मुझे मेरे पैसे वापस लौटा दीजिए लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया और कहने लगे कि आप हमारी पॉलिसी पढ़ लीजिए उसमें साफ शब्दों में लिखा है कि पैसे वापस नहीं लौटाये जाएंगे, यह सुनते ही मेरा पारा चढ़ गया और मैंने वहां के स्टाफ के साथ बहुत गाली गलौज की लेकिन उसका भी कोई फायदा नहीं हुआ, उसी दौरान मेरा काम भी बहुत कम हो गया था और मेरा काम भी अच्छा नहीं चल रहा था, इस वजह से मैं काफी तनाव में रहने लगा, मैं सोचने लगा कि मुझे ऐसा क्या करना चाहिए कि मेरा काम भी अच्छा चले और मेरी आजीविका भी अच्छी हो जाए लेकिन मेरा काम दिन ब दिन गिरता ही जा रहा था और मुझे बहुत नुकसान हो रहा था। मैंने इस बारे में अपनी पत्नी खुशबू के साथ बात की, खुशबू मुझे कहने लगी आप चिंता मत कीजिए आप कुछ दिन घर पर ही आराम कीजिए, मेरे सैलरी से घर का खर्चा चल सकता है।

जब उसने मुझे यह बात कही तो मुझे बहुत अच्छा लगा और उसकी इस बात से मैं काफी खुश भी था, मैं कुछ दिनों तक घर पर ही रहने लगा और काफी दिनों तक मेरा तनाव भी कम होने लगा था, मैं सोचने लगा कि यदि खुशबू मेरा ऐसे ही साथ देगी तो मेरा जीवन संवर सकता है और हुआ भी ऐसा ही। मैं इतने दिन तक घर पर ही था तो मुझे अच्छा महसूस होने लगा और जब मैं बाहर निकला तो मेरे अंदर पॉजिटिव एनर्जी थी, मैंने अपना काम करने की सोच ली थी और उसके लिए मैं कोई इन्वेस्टर देखने लगा था लेकिन मुझे कोई इन्वेस्टर नहीं मिल रहा था परंतु मैंने हार नहीं मानी, मैंने अपना एक प्रोजेक्ट बना कर रखा था, जैसे कि मुझे कभी कोई इन्वेस्टर मिल जाए तो मैं उन्हें अपना प्रोजेक्ट दिखाता ताकि वह मुझे फाइनेंस कर सके। अब मैं पूरी तरीके से अपने ऊपर भरोसा करने लगा और उसी बीच में मुझे एक बड़े बिल्डर मीले उनका नाम शांतनु है, शांतनु एक अच्छे बिल्डर भी हैं और वह एक अच्छे व्यक्ति भी हैं, जब मैंने उन्हें अपना प्रोजेक्ट दिखाया तो वह बहुत खुश हुए और कहने लगे कि मैं तुम्हें फंडिंग दूंगा। जब उन्होंने मुझे यह बात कही तो मैं बहुत ही खुश हो गया और उन्होंने मुझे कुछ पैसे भी दे दिये, मैंने उन पैसों से अपनी एक फैक्ट्री डेवलप की जिससे कि मुझे अच्छा मुनाफा होने लगा और धीरे-धीरे मेरा काम दोबारा से अच्छी चलने लगा। मैं सोचाने लगा कि अब मेरा काम भी अच्छा चलने लगा है तो मैं हर महीने शांतनु को भी पैसा दे दिया करता जिससे कि वह भी मुझसे बहुत खुश होने लगे और मुझे कहने लगे कि तुम मुझे अच्छा प्रॉफिट दे रहे हो इसलिए तुम्हें अगर आगे कोई और काम शुरू करना हो तो तुम मुझे बता देना, अब वह मेरे पीछे पैसा लगाने को तैयार हो गए थे। मैं एक दिन बैठा हुआ था और मैंने उनसे कहा कि मैंने कुछ समय पहले एक फ्लैट बुक किया था लेकिन अभी तक वह फ्लैट मुझे मिला नहीं है और मैं उसके बदले उन्हें बुकिंग अमाउंट पहले ही दे चुका हूं, मैंने जब उन्हें बिल्डर का नाम बताया तो वह कहने लगे कि वह तो घाटे में चल रहा है और वह तुम्हारे पैसे अब नहीं लौटाने वाला, मैंने उन्हें कहा कि फिर मैं अपने पैसे कैसे वसूल करूंगा, वह कहने लगे कि जिस दिन मेरे पास वक्त होगा तो उस दिन हम लोग वहां चलेंगे और मैं तुम्हें उससे डायरेक्ट ही मिलाऊंगा, मैंने उनसे कहा ठीक है।

एक दिन शांतनु के पास भी वक्त था और उस समय मैं भी फ्री था, मैंने उनसे कहा कि क्या आज आपके पास समय है, वह कहने लगे हां मेरे पास समय है, मैंने उन्हें कहा कि मैंने आपसे कुछ समय पहले कहा था कि मैंने एक फ्लैट बुक किया था, वह कहने लगे ठीक है तुम मेरे साथ चलो वह मुझे उस लड़के के घर पर ले गए। जब हम लोग उसके घर गए तो वह शांतनु को पहले से ही पहचानते थे, उन्होंने उन्हें पहचानते ही कहा कि सर आप कैसे हैं क्योंकि शांतनु भी एक अच्छे और बड़े बिल्डर हैं। शांतनु ने उनसे बात की और कहा कि इन्होंने आपको बुकिंग अमाउंट दी थी लेकिन वह अभी तक इन्हें वापस नहीं मिली है, वह कहने लगे कि मैं कुछ समय बाद उन्हें वह पैसे लौटा दूंगा लेकिन उनकी बातों से बिल्कुल ऐसा प्रतीत नहीं हुआ कि वह पैसे वापस लौटाने के मूड में है। मैं शांतनु को बाहर ले गया और उन्हें कहा कि मुझे क्या करना चाहिए, वह कहने लगे की तुम यहीं बैठो मैं थोड़ी देर बाद आता हूं। वह बाहर चले गए और उन्होंने पता नहीं किसे फोन किया, उसके बाद उन्होंने मुझे भी बाहर अपने पास बुलाया और कहने लगे कि यह ऐसे पैसे नहीं देने वाला और ना ही तुम्हारे पैसे वापस मिलने वाले हैं, मैंने उन्हें कहा तो फिर मैं यह समझूं कि वह पैसे मेरे पानी में चले गए।

शांतनु ने मुझे कहा इसकी पत्नी एक कॉल गर्ल थी तुम उसे चोद कर अपने पैसे निकाल लो। शांतनु ने मेरे सामने उसे कहा तुम अपनी पत्नी को बुलाकर लाओ, वह अपनी पत्नी को बुलाकर ले आया। जब मैने उसे देखा तो सोचा मेरे पैसे तो मिलने वाले नहीं है लेकिन मै इस चोदकर अपनी इच्छा तो पूरी कर ही सकता हूं। मैने उसे कहा मुझे तुम्हारी पत्नी को चोदना है, वह कहने लगा ठीक है तुम उसके साथ सेक्स कर लो। वह मुझे अंदर कमरे में ले गई, उसने अपने कपड़े खोले तो मैं उसके बदन को देखकर खुश हो गया। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकाल लिया, उसने कुछ देर मेरे लंड को अपने हाथ से हिलाया, जैसे मेरा लंड कडक हो गया तो उसने अपने मुह से मेरे लंड को चुसना शुरू किया, उसने काफी देर तक मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसा, जब मेरी इच्छा पूरी हो गई तो मैंने उससे कहा क्या मैं तुम्हारे बदन का सेवन करना चाहता हूं। मैंने भी ज्यादा देरी नहीं की, मैंने तुरंत ही उसकी चूत मे अपने लंड को घुसा दिया, मैंने उसे घोड़ी बना रखा था। मेरा लंड उसकी योनि के अंदर घुसा तो वह चिल्लाने लगी, उसकी गांड इतनी ज्यादा बड़ी थी कि वह मेरे लंड से टकराती तो मेरे अंदर जोश पैदा हो जाता। वह अपनी गांड को मुझसे टकरा रही थी, मुझे कह रही थी तुम अपने पैसे वसूल कर लो मेरे पति तुम्हें कुछ भी नहीं देने वाले। मैंने उससे कहा ठीक है तुम उसकी चिंता मत करो, उसने भी अपनी चूतडो को मुझसे बड़ी तेजी से मिलाया और मैंने भी उसकी चूत में अपने लंड को बडी तेज गति से डाला। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर जा रहा था तो वह बहुत तेज चिल्ला रही थी, मैंने उसके साथ 5 मिनट तक संभोग किया लेकिन 5 मिनट में उसने मुझे जो मजे दिए वह बडा मजेदार था, जब मेरा वीर्य पतन हुआ तो वह मुझे कहने लगी क्या मैं जाऊं? मैंने उसे कहा अभी तो मेरे पैसे वसूल नहीं हुए है। मैंने अपने लंड पर तेल लगा लिया, जब मैंने उसकी चिकनी गांड क अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुमने तो मेरी गांड फाड़ दी। मैंने उसे कहा तुम्हारे पति ने मुझसे पैसे लिए थे, मैं कहां से वसूल करू मैंने बड़ी तेजी से उसे झटके दिए। मैने उस दिन बहुत अच्छे से सेक्स किया, मैं उसकी गांड कछ मिनट तक मार पाया और जब मेरा वीर्य गिर गया तो वह मुझे कहने लगी अब मैं जाऊं। हम दोनो बाहर चल गए, मैने उससे कहा अभी मेरे पैसे नहीं निकले हैं मैं दोबारा से आऊंगा और तुम्हारी पत्नी को चोद कर जाऊंगा। वहां मुझे कहने लगा ठीक है तुम दोबारा आ जाना।


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