भाभी आपके स्तनो पर अब मेरा अधिकार है


Antarvasna, kamukta: मैं चेन्नई के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था मेरी पढ़ाई पूरी हो जाने के बाद हमारे कॉलेज में कैंपस प्लेसमेंट के लिए कुछ कंपनी आई थी। सब लोग इस बात से बड़े खुश थे कि अब वह लोग एक नया जीवन शुरू करने जा रहे हैं और सब को इस बात की घबराहट भी थी कि क्या उनका कैंपस प्लेसमेंट में सलेक्शन पाएगा। जब मैंने अपना इंटरव्यू दिया तो मुझे पूरी उम्मीद थी कि मेरा सिलेक्शन जरूर हो जाएगा और मेरा सिलेक्शन चेन्नई की ही कंपनी में हो गया मैं बड़ा खुश हुआ और जब मैंने यह बात अपने मम्मी पापा से साझा की तो वह लोग बड़े खुश हुए। मेरे माता-पिता जो दोनों ही अभी भी जॉब कर रहे हैं और वह दोनों पिछले 30 वर्षों से नौकरी कर रहे हैं। पापा और मम्मी की मुलाकात नौकरी के दौरान ही हुई और उन दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया पापा और मम्मी ने मुझ पर कभी भी किसी बात का कोई दबाव नहीं डाला। पापा और मम्मी इस बात से बड़े ही खुश थे अब मैं अपनी नई कंपनी ज्वाइन कर चुका था। जब मैं पहले दिन ऑफिस में गया तो पहले ही दिन मेरी ऑफिस में अजय के साथ दोस्ती हो गई अजय से मिलकर मुझे अच्छा लगा और अजय के बारे में धीरे धीरे मुझे अब पता चलने लगा था अजय भी मेरे घर पर अक्सर आया करता है।

मुझे कंपनी में एक वर्ष हो चुका था और इस एक वर्ष का मुझे पता ही नहीं चल पाया कि कब मुझे कंपनी में एक वर्ष हो गया। एक दिन मेरे बॉस ने मुझे कैबिन में बुलाया और कहने लगे कि आकाश मैं तुम्हारे काम से बड़ा खुश हूं और मैं चाहता हूं कि तुम कोलकाता चले जाओ मैंने अपने बॉस से कहा ठीक है सर। मैं उनकी बात टाल नहीं सकता था उन्होंने मेरा प्रमोशन एक वर्ष में ही कर दिया था और मेरी सैलरी भी अब बढ़ चुकी थी लेकिन मेरी तनख्वाह बढ़ जाने की वजह से शायद मैं इतना खुश नहीं था। मुझे अब कोलकाता जाना था जब मैंने यह बात अपने माता पिता को बताई तो वह लोग मुझे कहने लगे कि आकाश बेटा तुम कोलकाता जाकर क्या करोगे और हम लोग तुम्हारे बिना घर में अकेले हो जाएंगे। मैं भी चाहता था कि मैं अपने मम्मी पापा के पास रहूं लेकिन मुझे भी तो अपने ऑफिस में प्रमोशन मिला था और मैं चाहता था कि मैं कोलकाता चला जाऊं और फिर मैं कोलकाता चला गया। हालांकि मम्मी पापा इस बात से बिल्कुल भी खुश नहीं थे परंतु मैं कोलकाता चला गया और अब मैं कोलकाता में ही नौकरी करने लगा।

शुरुआत में मुझे घर ढूंढने में बड़ी तकलीफ हुई लेकिन आखिरकार मुझे घर मिल ही गया मैं जिस जगह पर रह रहा था वहां आस पड़ोस में मेरी कुछ ही दिनों में अच्छी बातचीत होने लगी आस पड़ोस में सब लोग बड़े ही अच्छे थे। अजय से मेरी बात फोन पर होती रहती थी अजय मुझे कहने लगा यार तुम भी कोलकाता चले गए मैंने उसे कहा अब तुम्हें तो पता है कि मुझे प्रमोशन भी मिला था और अब मेरी तनख्वाह भी बढ़ चुकी है तो मैंने सोचा कि कोलकाता ही चले जाते हैं। मैं कोलकाता में ही काम करने लगा लेकिन कुछ दिनों बाद मैंने सोचा कि मम्मी पापा से मिल आता हूं इसलिए मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली और कुछ दिनों के लिए मैं मम्मी पापा से मिलने के लिए चला गया। जब मैं मम्मी पापा से मिला तो मम्मी पापा से मिलकर मुझे बहुत ही अच्छा लगा उन लोगों ने भी कुछ दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी ले ली लेकिन वह लोग ज्यादा दिनों के लिए ऑफिस से छुट्टी ना ले सके। मैं तीन हफ्तों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी लेकर घर आया था मम्मी पापा ने एक हफ्ते की छुट्टी ली थी और उस दौरान हम लोगों ने साथ में अच्छा समय बिताया। मैं घर में अकेला बोर हो जाया करता था मैंने सोचा कि क्यों ना अपने दोस्तों से मिल आता हूं और जब मैं अपने दोस्त से मिलने के लिए चला गया तो अपने दोस्तो से मिलकर मैं बड़ा खुश हुआ और उसके बाद मैंने अजय से मुलाकात की। अजय मुझसे पूछने लगा कि कोलकाता में कैसा है तो मैंने उसे बताया कि कोलकाता में भी सब कुछ अच्छा है और वहां का माहौल बड़ा ही अच्छा है। मैं शाम को घर लौट आया जब मैं शाम के वक्त घर लौटा तो मम्मी पापा अभी तक ऑफिस से नहीं लौटे थे एक व्यक्ति घर की डोर बेल बजा रहे थे मैं अपने रूम में था मैंने शायद ध्यान नहीं दिया लेकिन जब मैं बाहर आया तो मैंने देखा वह काफी देर से डोरबेल बजा रहे थे।

मैंने उन्हें कहा कि हां भाई साहब कहिए ना क्या काम था तो वह कहने लगे कि मुझे आपके पड़ोस में कोई बता रहा था कि आपके घर में किराए के लिए कमरा खाली है। मैंने उन्हें कहा हां कमरा तो खाली है लेकिन आपके साथ और कौन-कौन रहने वाला है वह कहने लगे कि मेरी शादी कुछ समय पहले ही हुई है मेरी पत्नी मेरे साथ रहेगी। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं इस बारे में अपनी मम्मी और पापा से बात कर लेता हूं आप मेरा नंबर ले लीजिए। मैंने उन्हें अपना नंबर दे दिया और वह कहने लगे कि ठीक है पूछकर मुझे बता दीजिएगा। थोड़ी ही देर बाद मम्मी पापा आ गए मैंने उनसे जब इस बारे में कहा तो उन्होंने मुझे कहा कि ठीक है बेटा तुम उन्हें फोन कर के कल आने के लिए कह देना कल हम लोग घर पर ही रहेंगे। मैंने उन व्यक्ति को फोन किया और कहा कि आप कल घर पर आ जाइएगा तो वह कहने लगे ठीक है मैं कल सुबह ही आपसे मिलने के लिए आ जाऊंगा। अगले दिन सुबह ही वह मिलने के लिए आ गए पापा ने उनसे जब उनके बारे में पूछा तो उन्होंने अपना नाम और अपने बारे में बताया उनका नाम मनोज है। वह कहने लगे कि मैं कल अपना सामान शिफ्ट कर देता हूं इस बात से मम्मी पापा को कोई भी आपत्ति नहीं थी और उन्होंने अगले दिन अपना सामान शिफ्ट करने के बारे में सोच लिया था।

अगले दिन वह लोग अपना सामान शिफ्ट करने के लिए आ गए उनके साथ उनकी पत्नी भी थी मैंने भी उनकी काफी मदद की क्योंकि मैं उस दिन घर पर ही था। अब वह लोग अपना सामान शिफ्ट कर चुके थे तो मैंने उन्हें कहा कि मैं आप लोगों के लिए चाय बना देता हूं वह कहने लगे कि नहीं रहने दीजिए लेकिन मैंने उन्हें घर पर बुला लिया और उनके लिए मैंने चाय बना दी। उनकी पत्नी मुझे कहने लगी कि आपने बेवजह ही कष्ट किया आपको हमारी वजह से तकलीफ हुई मैंने उन्हें कहा नहीं इसमें कोई तकलीफ की बात नहीं है। मैं कुछ दिनों तक घर पर ही रुकने वाला था और इसी दौरान अजय का एक दिन मुझे फोन आया अजय ने मुझे कहा कि मुझे तुमसे मिलना है तो मैं अजय से मिलने के लिए चला गया। मैं जब अजय से मिला तो अजय ने मुझे कहा कि मैं यह कंपनी छोड़ रहा हूं मैंने उसे कहा लेकिन तुम क्यों छोड़ रहे हो। वह कहने लगा कि बस कुछ मेरी पारिवारिक समस्या है जिस वजह से कंपनी छोड़नी पड़ रही है और कुछ समय के लिए मैं घर पर ही रहूंगा। मैं अजय के साथ काफी देर तक बैठा रहा और फिर मैं अपने घर लौट आया। जब मैं अपने घर लौटा तो उस वक्त मनोज घर पर ही थे। मनोज मुझे कहने लगे आकाश आज आप कहीं चले गए थे? मैंने उन्हें कहा हां मैं आज अपने दोस्त से मिलने के लिए चला गया था मैं मनोज के साथ बात कर रहा था तो उनकी पत्नी कविता भाभी भी कहने लगी मनोज आप कही जाने वाले थे? मैंने उनसे पूछा आप कहां जा रहे हैं? वह कहने लगे मुझे कुछ जरूरी काम से जाना है और मनोज कुछ देर बाद चले गए। मैं जब छत पर गया तो मैंने देखा उस वक्त कविता भाभी छत पर ही थी। जब वह छत पर थी तो मैं उन्हें देख रहा था वह मेरे पास आकर मुझसे बात करने लगी। मैं उनके सुडौल स्तनो को देख रहा था मेरे अंदर से यह इच्छा जाग रही थी कि मैं उनके स्तनों पर अपने हाथ को लगा दूं। मुझे क्या पता था जैसे ही मैं उनके बूब्स पर हाथ लगाऊंगा तो वह भी मुझसे चूदने के लिए तैयार हो जाएंगी। मैंने जब अपने हाथों को उनके बूब्स पर लगाया तो वह मुझसे चूत मरवाने के लिए तैयार हो गई मुझे वह अपने रूम में ले गई।

जब मैंने उनकी साड़ी को ऊपर करते हुए उनकी जांघ को दबाना शुरू किया तो वह मचलने लगी मैंने उनके होंठों को बहुत देर तक चूमा और उनके ब्लाउज को खोलते हुए जब मैने उनकी ब्रा को उतार दिया तो उनके स्तन मैं अपने मुंह में लेकर चूस रहा था। उनके बूब्स को चूसने में मुझे बड़ा आनंद आ रहा था और उनके बड़े बड़े बूब्स को जब मैं अपने मुंह में लेता तो वह भी मुझसे कहती और चूसो। मैंने उन्हें कहा आप मेरे लंड को चूसो? उन्होंने मेरे लंड को अपने मुंह मे लेकर मेरे लंड का पूरा जूस बाहर निकाल दिया वह मेरे लंड को चूस रही थी। मुझे ऐसा लगा जैसे उनको लंड को चूसने में महारत हासिल हो मैंने भी उनकी चूत के अंदर अपनी उंगली डाली तो वह अपने पैरों से मुझे दबाने की कोशिश करने लगी। मैंने उनकी गर्मी बढ़ाने के लिए उनकी चिकनी चूत को चाटना शुरू किया उनकी चिकनी चूत को चाटकर मेरे अंदर की गर्मी बढ रही थी उससे मुझे बड़ा ही आनंद आ रहा था। मैंने अपने लंड को उनकी चूत के अंदर घुसाना शुरू किया धीरे-धीरे मेरा लंड उनकी चूत के अंदर जा चुका था।

अब उनके मुंह से चीख निकल रही थी वह मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रही थी मेरा लंड उनकी चूत के अंदर बाहर होता तो मुझे बड़ा ही मजा आता। वह मुझे अपने दोनों पैरों के बीच मे जकडने की पूरी कोशिश करती लेकिन मैंने भी उनको बहुत तेजी से चोदा वह मुझे कहती आप मुझे ऐसे ही धक्के मारते रहिए मैंने उनके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया था और जब मैं उनकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को करता तो मेरा लंड उनकी चूत की दीवार से टकरा रहा था और उनकी चूत से एक अलग ही प्रकार की आवाज आती। मैंने उन्हें कहा भाभी आप तो बड़ी कमाल है, वह कहने लगी आज तो आपने मेरे बदन की गर्मी को महसूस कर ही लिया है आज के बाद जब भी मुझे जरूरत होगी तो मैं आपको बुला लिया करूंगी। इस बात से मैं बड़ा खुश था उन्होंने कहा लेकिन मैं तो कुछ दिनों बाद चला जाऊंगा? वह कहने लगी कोई बात नहीं हम लोग फोन पर भी बात करते रहेंगे। वह अपने मुंह से जिस प्रकार की मादक आवाज मे सिसकिया निकाल रही थी उससे मेरा वीर्य बाहर आने लगा। मेरा वीर्य जब गिरने वाला था तो मैंने अपने वीर्य को उनके मुंह के अंदर ही डाल दिया। कविता भाभी के साथ सेक्स करने का मजा बड़ा ही अच्छा था जितने दिन में घर पर था तो भाभी को चोदता था। अब मै वापस लौट चुका था।


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