अप्सरा की चूत में मेरा लंड


Antarvasna, hindi sex story: ऑफिस के गेट के सामने मैं और मधु आपस में बात कर रहे थे मधु मुझसे अपने फ्यूचर प्लानिंग के बारे में बात कर रही थी। मधु की जल्दी शादी होने वाली है और वह मुझे कहने लगी कि आदित्य मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं। मैंने मधु से कहा कि मधु तुम शादी के बाद अमेरिका में ही सेटल हो जाओगी तो वह मुझे कहने लगी कि हां आदित्य मैं अपने पति के साथ अमेरिका ही चली जाऊंगी। मधु ने मुझे बताया कि वह अपनी शादी से पहले जॉब छोड़ देगी। मधु और मेरी काफी अच्छी दोस्ती हो गई थी सबसे अच्छी बात मधु में यह थी कि वह हमेशा ही मेरी मदद के लिए तैयार रहती, कभी भी मुझे उसकी जरूरत होती तो वह एक सच्चे दोस्त की तरह मेरी हमेशा मदद करती। मधु ने मुझे कहा चलो आदित्य लंच कर लेते हैं मैं और मधु साथ में लंच करने लगे मैंने मधु से कहा कि शायद अब यह टाइम दोबारा से लौटकर नहीं आएगा। मधु कहने लगी की हां तुम सही कह रहे हो अब यह समय वापस तो लौट कर नहीं आने वाला। मैं और मधु अब अपना लंच कर चुके थे उसके बाद हम लोग अपना काम करने लगे शाम के 6:30 बजे थे मधु ने मुझे कहा कि आदित्य क्या तुम्हारा काम खत्म हो चुका है तो मैंने मधु को कहा हां मेरा काम खत्म हो चुका है। मधु ने मुझे कहा कि क्या आज तुम मुझे मेरे घर तक छोड़ दोगे तो मैंने मधु को कहा हां क्यों नहीं और मैं मधु को उस दिन उसके घर तक छोड़ने के लिए चला गया। मैं और मधु साथ में ही बैठे हुए थे हम दोनों ने रास्ते में काफी बातें की और मैंने मधु को उसके घर तक छोड़ दिया था उसके बाद मैं अपने घर लौट आया।

मैं जब अपने घर लौटा तो मां ने मुझे कहा कि आदित्य बेटा मैं कुछ दिनों के लिए तुम्हारे मामा जी के घर जा रही हूं मैंने मां को कहा ठीक है मां मैं कल आपको मामा जी के घर पर छोड़ दूंगा। मां कहने लगी कि बेटा तुम अपने पापा का ख्याल रखना तो मैंने मां से कहा हां मां मैं पापा का ध्यान रख लूंगा और वैसे भी छोटी घर पर ही है। मां कहने लगी कि हां यह तो ठीक है लेकिन फिर भी तुम अपने पापा को समय पर दवा दे देना मैंने मां से कहा ठीक है मां आप चिंता ना करें। उस रात हम लोगों ने साथ में डिनर किया मेरी छोटी बहन को सब लोग छोटी कह कर बुलाते हैं वैसे उसका नाम सुरभि है। हम लोगों ने डिनर किया और उसके बाद मैं अपने रूम में सोने के लिए चला गया। मैं अपने मोबाइल को टटोल रहा था और मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे नींद आ गई और मैं सो चुका था लेकिन आधी रात को मेरी नींद खुली। मैं जब उठा तो उस वक्त 2:00 रहे थे मैंने उसके बाद सोने की कोशिश की लेकिन मुझे नींद ही नहीं आई। मैं उस दिन जल्दी उठ गया था मैं 5:30 बजे उठकर अपने कॉलोनी के पार्क में टहलने के लिए चला गया। मैं उस दिन कॉलोनी के पार्क में टहलने के लिए गया तो मुझे काफी अच्छा लगा और करीब एक घंटे बाद मैं घर वापस लौटा तो मां ने मुझे कहा कि आदित्य बेटा तुम कहां चले गए थे। मैंने मां को बताया कि मैं पार्क में चले गया था मैं आज जल्दी उठ गया था इसलिए मैंने सोचा कि मैं टहल आता हूं और मैं पार्क में टहलने के लिए चला गया। मां ने मुझे कहा कि बेटा तुम मुझे तुम्हारे मामा के घर छोड़ देना मैंने मां को कहा हां मां मैं आपको मामा जी के घर छोड़ दूंगा आप बिल्कुल भी चिंता ना करें। मैंने नाश्ता किया, मां ने मेरे लिए नाश्ता बना दिया था और उसके बाद हम लोग वहां से मामा जी के घर के लिए निकल पड़े।

मैंने मां को मामा जी के घर छोड़ा और फिर मैं वहां से अपने ऑफिस चला गया। मैं जब अपने ऑफिस पहुंचा तो उस दिन मुझे ऑफिस पहुंचने में थोड़ा देर हो गई थी जिस वजह से मेरे सीनियर मुझसे गुस्सा थे लेकिन मैंने उन्हें समझाया और बताया कि मैं मम्मी को छोड़ने के लिए चला गया था इसलिए मुझे ऑफिस आने में देर हो गई उसके बाद उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा। उस दिन मैंने अपने ऑफिस का काम खत्म किया और फिर मैं घर लौट आया। 3 महीने के बाद मधु ने भी ऑफिस छोड़ दिया था और मधु ने मुझे कहा कि तुम्हें मेरी शादी में जरूर आना है। मैंने मधु को कहा मधु भला मैं तुम्हारी शादी में क्यो ना आऊंगा, ऐसा हो ही नहीं सकता की मैं तुम्हारी शादी में ना आऊं। मधु ने मुझे अपनी शादी का कार्ड दिया और उसके बाद भी मेरी मधु से बात होती रहती थी। मधु की शादी का दिन भी नजदीक आ चुका था मैं चाहता था कि मैं मधु को कुछ गिफ्ट दूं इसलिए उस दिन मैं उसकी शादी में गिफ्ट लेकर गया। मैंने मधु को उसकी शादी का गिफ्ट दिया तो मधु ने मुझे अपने पति से भी मिलवाया मुझे मधु के पति से मिलकर अच्छा लगा मैं पहली बार ही उसके पति से मुलाकात कर रहा था। मधु की भी अब शादी हो चुकी थी और थोड़े ही समय बाद वह भी अपने पति के साथ अमेरिका चली गई। हालांकि उसके बाद वह मुझे मैसेजेस कर लिया करती थी और कभी कबार हम लोगों की फोन पर भी बातें हो जाती। मैं जब भी मधु से बातें करता तो मुझे अच्छा लगता और मैं मधु का हाल चाल पूछ लिया करता हूं। मेरी जिंदगी में कुछ भी नया नहीं था मैं सुबह ऑफिस जाता और शाम को घर लौट आता मेरी दिनचर्या बस ऐसे ही समाप्त हो जाया करती। एक दिन मैं सुबह अपनी कॉलोनी के पार्क में गया हुआ था।

उस दिन जब मैं वहां पर गया तो वहां पर मुझे एक लड़की दिखी जिसने की टाइट फिटिंग लोवर और टॉप पहना हुआ था जिसमें वह बहुत ही सुंदर लग रही थी। उसके स्तनों के उभार और उसकी चूतडो के उभार मुझे साफ दिखाई दे रही थी। मैं यह सब देख कर उस लड़की की तरफ इतना मोहित हो गया मैं अगले दिन से सुबह पार्क में जाने लगा और मै उससे बात करने की कोशिश करता लेकिन उससे मेरी बात नहीं हो पाई थी एक महीना हो गया था और मेरी अभी भी उससे बात नहीं हो पाई थी ना ही मुझे उसके बारे में कुछ पता था। एक दिन जब वह जोगिंग कर रही थी तो उस दिन उसके हाथ से उसका मोबाइल नीचे गिरा। मैंने उसका मोबाइल उठाकर उसे दिया। उसने मुझे धन्यवाद कहा और अपना नाम बताया। मुझे नहीं मालूम था कि वह शादीशुदा है उसने मुझसे उस दिन काफी बातें की। उसका नाम अप्सरा है वह सच में अप्सरा की तरह लगती है। अप्सरा को देखकर मुझे हमेशा ही अच्छा लगता उससे मेरी बातें होने लगी थी। अप्सरा और मैं एक दूसरे से बातें करते तो हम दोनों को अच्छा लगने लगा था। मैं अप्सरा की चूत का मजा लेना चाहता था। अब अप्सरा भी मुझे अपने घर पर बुलाने लगी अप्सरा और उसके पति में सेक्स होता नहीं था इस वजह से वह भी मेरी ओर आकर्षित होने लगी थी। एक दिन हम दोनों साथ में बैठे हुए थे उस दिन मेरा हाथ अप्सरा की जांघ पर लगा उसने मुझे कुछ भी नहीं कहा। मुझे भी बहुत ही अच्छा लगने लगा और मैं अप्सरा की जांघ को सहलाने लगा था। मै उसकी जांघों को सहला रहा था तो वह उत्तेजित होती जा रही थी और मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रही थी। मैंने उसे कहा मैं तुम्हारी चूत मारना चाहता हूं। वह इस बात पर मुस्कुराने लगी वह बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी।

मैंने अप्सरा के सामने अपने लंड को किया और अपने लंड को उसने हाथो मे लिया। वह जब अपने हाथों से लंड को हिलाती तो मुझे मजा आने लगता। वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर चूसने लगी मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा लगने लगा। अप्सरा को भी बड़ा मजा आने लगा था वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी और उसने मेरे लंड को तब तक चूसा जब तक उसने उस से पानी बाहर नहीं निकाल दिया। मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ निकल चुका था मैंने उसको कहा तुम मेरे लंड को बस ऐसे ही चूसती रहो। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। मैंने अप्सरा से कहा मुझे भी बहुत ज्यादा मजा आ रहा है हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ाए जा रहे थे।

हम दोनों की गर्मी अब बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी मैंने अप्सरा की पेंटी को नीचे करते हुए जब उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा था मैं सिर्फ उसकी चूत को चाटते जा रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है अब हम दोनों ही पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगे थे। मैंने अप्सरा की चूत पर अपने लंड को सटाते हुए अप्सरा की चूत में मेरा लंड जा चुका था। उसकी योनि से पानी बाहर की तरफ आने लगा था मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था जब मैं उसकी योनि के अंदर अपने लंड को घुसाने की कोशिश करने लगा और मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हो चुका था। अप्सरा की चूत से पानी निकल चुका था जिसके बाद मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा मै उसके साथ जमकर सेक्स करने लगा था। अप्सरा भी अपने पैरों को खोलने लगी वह मुझे कहने लगी सोहन तुम और तेजी से मुझे चोदते जाओ। उसे मेरे लंड को लेने की आदत हो चुकी थी इसलिए उसे मेरे लंड को लेने में बड़ा मजा आता और मुझे भी बहुत ज्यादा अच्छा लगता था जब भी मैं उसे चोदा करता।

मैं उसकी चूत पर तेज गति से धक्के मार रहा था मैं जिसका गति से धक्के मार रहा था उससे उसकी चूत से बहुत ही ज्यादा पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था। वह मुझे कहती मुझे और तेजी से चोदते जाओ। मैंने भी अपनी तेज गति को बढा कर रख दिया था और मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था जब मैं ऐसा कर रहा था। मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मेरे अंदर की गर्मी भी बढ़ती जा रही थी। मैंने अप्सरा को कहा मेरा माल गिरने वाला है तो अप्सरा मुझे कहने लगी मेरी चूत में ही तुम अपने माल को गिरा दो। मैंने अपने लंड को बाहर निकाल कर उसके स्तनों को अपने वीर्य से नहला कर अपनी इच्छा को पूरा करत दिया था और उसे बड़ा मजा आया जिस प्रकार से उसने मेरे साथ सेक्स किया। हम दोनों के बीच अक्सर सेक्स संबंध बनते हैं और उसको भी बहुत अच्छा लगता है वह जब मेरे साथ सेक्स करती है।