अंकिता को मजा आ गया


Antarvasna, hindi sex story: रात के 2:00 बज रहे थे और मैं जब अपने घर लौटा तो उस दिन कॉलोनी  के रास्ते में कोई भी नजर नहीं आ रहा था गेट पर गार्ड भी कहीं नजर नहीं आ रहे थे। मैं जब घर पर पहुंचा तो मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि आपने मुझे बताया भी नहीं कि आप आ रहे हैं। मैं कुछ दिनों के लिए जयपुर गया हुआ था और जब मैं वापस दिल्ली लौटा तो मैंने यह बात अपनी पत्नी को नहीं बताई थी। मैं दिल्ली पहुंच चुका था तो उस रात मैं और मेरी पत्नी एक दूसरे से बातें कर रहे थे। थोड़ी देर तक हम लोगों ने एक दूसरे से बातें की फिर उसके बाद मैने अपनी पत्नी अंकिता से कहा कि मुझे नींद आ रही है तो वह कहने लगी कि ठीक है आप सो जाइए। मैं सो चुका था और अगले दिन मुझे अपने ऑफिस सुबह जल्दी निकलना था इसलिए मैं अपने ऑफिस चला गया। जब मैं अपने ऑफिस गया तो उस दिन मैं जल्दी ही ऑफिस से घर लौट आया था और जब मैं ऑफिस से घर लौटा तो उस दिन मैं और मेरी पत्नी साथ में बैठकर बातें कर रहे थे। हम एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो उसने मुझे बताया कि वह अपनी दीदी के घर जा रही हैं।

उसे अपनी दीदी के घर जाना था तो मैंने अपनी पत्नी अंकिता से कहा कि ठीक है तुम अपनी दीदी के घर चली जाओ और वह अपनी दीदी के घर चली गई। अंकिता की दीदी हमारे घर से थोड़ी ही दूरी पर रहती है और जब उस दिन अंकिता अपनी बहन के घर गई तो मैं और मां घर पर ही थे। मां ने मेरे लिए खाना बनाया। मां मुझे कहा था कि बेटा मैं तुम्हारे लिए खाना बना लेती हूं तो मैंने मां से कहा कि हां मां तुम मेरे लिए खाना बना दो। मां ने मेरे लिए खाना बना दिया था। अंकिता अभी भी अपने दीदी के घर से लौटी नहीं थी मैंने अंकिता को फोन किया तो अंकिता ने मुझे कहा कि उसे घर आने में देर हो जाएगी। उसने मां से कह दिया था कि वह अपनी दीदी के घर से खाना खाकर आएगी। वह अपनी दीदी के घर से ही खाना खा चुकी थी उसके बाद मैं ही अंकिता को लेने के लिए गया। जब मैं अंकिता को लेने के लिए गया तो मुझे अंकिता की दीदी के साथ थोड़ी देर तक बैठना पड़ा। मैं और अंकिता एक दूसरे से बातें कर रहे थे तो अंकिता ने मुझे अपनी दीदी के बारे में बताया और कहा कि उसकी दीदी आजकल काफी ज्यादा परेशान है।

मैंने जब अंकिता से उसकी परेशानी का कारण पूछा तो अंकिता ने मुझे कहा कि उसकी दीदी और उसके जीजा जी के बीच बिल्कुल भी नहीं बन रही है इस वजह से वह काफी ज्यादा परेशान है। मैंने अंकिता को कहा कि इसमें भला परेशानी की क्या बात है उन लोगों को आपस में बात करनी चाहिए। अंकिता मुझे कहने लगी कि हां मुझे मालूम है कि उन लोगों को आपस में बात करनी चाहिए लेकिन शायद उन दोनों के बीच कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। अंकिता के जीजा जी जो अपने पापा का बिजनेस संभाल रहे हैं उन्हें शराब की लत है जिस वजह से शायद उन लोगों के बीच में अक्सर झगड़े होते रहते हैं। मेरी और अंकिता की इस बारे में कई बार बातें हो जाया करती थी मैं और अंकिता एक दूसरे के साथ काफी खुश हैं। जिस तरीके से हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी चल रही है उससे हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता है। मैं काफी खुश हूं जिस तरीके से अंकिता और मैं एक दूसरे के साथ अपनी जिंदगी को बिता रहे हैं।

जब भी हम दोनों को समय मिलता है तो हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताने की कोशिश किया करते हैं। एक दिन मैं और अंकिता साथ में बैठे हुए थे उस दिन अंकिता और मैं जब साथ में थे तो मैंने अंकिता से कहा कि मुझे लगता है कि आज हम लोगों को साथ में घूमने के लिए जाना चाहिए। अंकिता मुझे कहने लगी कि हां मुझे भी लगता है और उस दिन हम दोनों ने साथ में घूमने का प्लान बनाया। हम दोनों साथ में घूमने के लिए चले गए उस दिन मैं और अंकिता साथ में मूवी देखने के लिए गए और उसके बाद हम लोगों ने काफी सारी शॉपिंग भी की मैं और अंकिता एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं। जिस तरीके से हम दोनों की शादी शुदा जिंदगी चल रही है और हम दोनों एक दूसरे को समझते हैं उससे मुझे काफी अच्छा लगता है और अंकिता को भी बहुत ही अच्छा लगता है। अंकिता जब भी मेरे साथ होती है तो मैं काफी खुश होता हूं और मैं कोशिश करता हूं कि उसके साथ मैं ज्यादा समय बिताया करूं।

कुछ समय से मैं अपने काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहने लगा था जिस वजह से अंकिता से मेरी कम ही बात हुआ करती थी लेकिन फिर भी हम दोनों को काफी अच्छा लगता जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ में होते। एक दिन मैं और अंकिता साथ में बैठे हुए थे उस दिन रविवार का दिन था, मां ने मुझे कहा कि बेटा मैं चाहती हूं कि आज हम लोग तुम्हारे मामा जी के घर हो आए। मैंने मां से कहा कि ठीक है मां आज अंकिता आप और मैं मामाजी के घर चलते हैं तो मां कहने लगी कि हां बेटा यहां ठीक रहेगा। हम लोग उस दिन मामा जी के घर पर चले गए काफी लंबे अरसे के बाद हम लोग मामा जी के घर पर गए थे। मामा जी ने हमेशा ही मेरी पढ़ाई पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया था शायद इसी वजह से मैं आज एक अच्छी कंपनी में जॉब कर रहा हूं। पापा के देहांत के बाद घर की आर्थिक स्थिति बिल्कुल भी ठीक नहीं थी मामा जी ने हीं हमारी मदद की।

मैं अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अच्छी कंपनी में नौकरी लग गया मेरे लिए यह काफी अच्छा था। हम लोग उस दिन मामा जी से मिले और उनके घर पर ही उस दिन हम लोग रुके अगले दिन सुबह हम लोग घर जल्दी आ गए थे। मुझे अपने ऑफिस भी जाना था तो मैं अपने ऑफिस के लिए तैयार हुआ और अपने ऑफिस के लिए निकल पड़ा। मैं जब अपने ऑफिस के लिए निकला तो उस वक्त सुबह के 9:30 बज रहे थे। मुझे अपने ऑफिस पहुंचने में घर से आधा घंटा लग जाता है। मैं ऑफिस 10:00 बजे के आस पास पहुंच चुका था फिर मैं अपने ऑफिस में काम करने लगा था। मुझे उस दिन अपने ऑफिस में काफी ज्यादा काम था इसलिए मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाया था। अंकिता ने मेरे लिए टिफिन भी पैक किया था लेकिन मैं लंच भी ना कर सका। जब मैं शाम को घर लौटा तो अंकिता मुझे कहने लगी कि आपने आज लंच भी नहीं किया तो मैंने अंकिता से कहा कि हां आज मुझे समय ही नहीं मिल पाया इसलिए मैं लंच भी ना कर सका। अंकिता और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए बाते कर रहे थे। हम लोगों को काफी अच्छा लग रहा था और उस रात मैं और अंकिता एक दूसरे की बाहों में थे।

कहीं ना कहीं मेरे दिल में अंकिता के साथ सेक्स करने की आग लगी हुई थी और मैं चाहता था अंकिता के साथ में शारीरिक सुख का मजा लूं। मैंने जब अंकिता के नरम होठों को चूम कर उसकी गर्मी को बढ़ाना शुरू किया तो वह पूरी तरीके से गर्म होने लगी। उसकी गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी अब वह बिल्कुल भी रह ना सकी और मुझे कहने लगी मुझसे रहा नहीं जा रहा हैं। मैंने अंकिता के कपड़े उतारते हुए उसके स्तनों का रसपान करना शुरू किया। जब मैं अंकिता के स्तनों का रसपान कर रहा था तो मुझे मज़ा आ रहा था। उसे भी काफी अच्छा लग रहा था अब हम दोनों बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे और हमारी तड़प इतनी अधिक बढ़ चुकी थी कि मैंने अंकिता से कहा तुम मेरे लंड को मुंह मे ले लो। उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग करना शुरू किया तो उसे मजा आने लगा। वह जिस तरीके से मेरे लंड का रसपान कर रही थी और मेरे लंड को चूस रही थी उस से मैं काफी खुश था। उसने काफी देर तक मेरे लंड को चूसा।

मैंने भी अंकिता की चूत का रसपान किया तो उसकी चूत से पानी निकल आया था। मैंने उसकी योनि के अंदर लंड को घुसाते हुए अंकिता को तेज गति से धक्के मारने शुरू कर दिए थे। मुझे काफी अच्छा लग रहा था जिस तरीके से मैं अंकिता को धक्के मार रहा था। अब अंकिता को भी काफी मज़ा आ रहा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ अच्छे से दिए जा रहे थे। मेरा धक्के और भी तेज होते जा रहे थे और अंकिता की सिसकारियां भी बढती जा रही थी। वह मुझे अपने पैरों के बीच में जकडने की कोशिश कर रही थी जिससे कि मुझे भी एहसास होने लगा था अंकिता झड चुकी है। जब वह झड गई तो मैंने भी अंकिता की चूत में अपने माल को गिरा दिया। वह खुश हो गई थी और वह बोली मुझे आज मजा आ गया है। मैंने अंकिता से कहा मुझे भी बहुत मजा आ रहा है। हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत गर्म हो चुके थे। अब वह मेरे लंड को चूसकर मेरी गर्मी को दोबारा से बढाया। मैंने दोबारा से उसकी चूत मारकर उसकी गर्मी को शांत कर दिया था।