अकेलापन दूर कर दिया था


Antarvasna, hindi sex story: कॉलेज में प्लेसमेंट हो जाने के दौरान मेरी जॉब पुणे में लग गई तो मैं इस बात से बहुत ही ज्यादा खुश था और मेरी फैमिली भी इस बात से बहुत खुश थी। मेरे पापा बैंक में जॉब करते हैं और मां स्कूल में टीचर हैं लेकिन उन्होंने कभी भी मेरी परवरिश में कोई कमी नहीं रखी और मैं अपने पापा मम्मी से बहुत ज्यादा प्यार करता हूं। मेरी जॉब लगने की खुशी में पापा ने हमारे सारे रिश्तेदारों को पार्टी के लिए इनवाइट कर दिया। मैंने पापा से कहा कि पापा आप बेवजह ही पार्टी कर रहे हैं लेकिन पापा कहां मानने वाले थे वह मेरी जॉब लगने से बहुत ही खुशी थे और मेरा सैलरी पैकेज भी बहुत अच्छा था। मैं अपनी बहन के साथ बैठा हुआ था वह मुझसे अपनी हर एक बात को शेयर किया करती है उसने मुझे कहा कि निखिल अब तुम भी पुणे चले जाओगे तो घर में हम लोग अकेले के लिए ही रह जाएंगे। मैंने अपनी बहन सुरभि से कहा कि थोड़े समय बाद तो तुम्हारी भी शादी हो जाएगी फिर तो पापा और मम्मी घर में अकेले रह जाएंगे। सुरभि कहने लगी कि मैं भी तो इसी बात से काफी ज्यादा परेशान हो गई हूं और सोचती हूँ की क्या पापा और मम्मी अकेले रह पाएंगे।

मैंने सुरभि से कहा की इस बारे में भी हम लोग सोच लेंगे सुरभि कहने लगी कि यह तो तुम ठीक कह रहे हो। पापा ने मेरी नौकरी लगने की खुशी में अपने दोस्तों को भी इनवाइट किया था और सब लोग उस पार्टी में मिले तो बहुत अच्छा लगा। हमारे लगभग सारे रिश्तेदार उस पार्टी में आए हुए थे और सब लोग मुझे बधाई दे रहे थे पापा को काफी गर्व महसूस हो रहा था कि मेरी जॉब एक अच्छी कंपनी में लगी है। उस दिन की पार्टी तो बड़े ही अच्छे से हुई और उसके कुछ दिनों बाद मैं पुणे चला गया पुणे जाने के बाद मुझे अपनी फैमिली की बड़ी याद आने लगी मैं अपनी मां को हर रोज फोन किया करता। कुछ दिनों तक तो मेरी ट्रेनिंग चली और उसके बाद मैंने ऑफिस ज्वाइन कर लिया था। मैं अपने आपको काफी अकेला महसूस करता था लेकिन मेरे ऑफिस में काम करने वाला आकाश जो कि बेंगलुरु का रहने वाला है उससे मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई।

आकाश से जब मेरी दोस्ती हुई तो उसके बाद हम दोनों एक दूसरे से अपनी बातों को शेयर कर लिया करते थे जिससे कि मुझे भी काफी अच्छा लगता। आकाश भी अपने परिवार से दूर था और वह अपनी फैमिली के बारे में मुझे हमेशा ही बताता। मेरी बहन सुरभि की शादी भी नजदीक आने वाली थी और पापा ने मुझे कहा कि बेटा सुरभि कि शादी होने वाली है तुम्हे कुछ दिनों के लिए घर आना पड़ेगा। मेरी जॉब को करीब 5 महीने हो चुके थे और इन 5 महीनों में मुझे पता ही नहीं चला कि कब समय बीतता गया और मुझे अब अपने घर छुट्टी लेकर जाना था। मैंने आकाश को भी अपनी बहन की शादी में इनवाइट किया था आकाश मुझे कहने लगा कि निखिल हम दोनों साथ में ही चलेंगे मैंने आकाश को कहा ठीक है और आकाश और मैं साथ में ही मेरे घर आये। आकाश मेरे परिवार से मिला तो आकाश बहुत ही खुश था आकाश को मिलकर मेरे पापा मम्मी भी बड़े खुश थे। आकाश ने तो जैसे सबका दिल जीत लिया था पापा मम्मी मुझे कहने लगे कि तुम्हारा दोस्त बहुत ही अच्छा है। आकाश सबके साथ बड़े अच्छे से मैनेज कर रहा था और आकाश ने शादी में भी काफी काम किया इसलिए पापा और मम्मी आकाश की बड़ी तारीफ कर रहे थे। सुरभि की शादी हो जाने के बाद मैंने पापा और मम्मी से कहा कि आप लोग भी मेरे पास कुछ दिनों के लिए चलिये तो वह कहने लगे की निखिल तुम्हें तो पता ही है कि हम लोग तुम्हारे पापा की जॉब की वजह से कहीं भी आ जा नहीं सकते है। पापा मुझे कहने लगे कि बेटा कुछ समय बाद तो मैं रिटायर हो ही जाऊंगा उसके बाद मैं तुम्हारे पास ही रहने के लिए आ जाऊंगा। मुझे मेरे परिवार की भी चिंता सता रही थी मुझे पापा और मम्मी की बहुत चिंता सता रही थी जब मैं वापस पुणे गया तो मैं रोज पापा और मम्मी को फोन किया करता सुरभि से भी मेरी बात हो जाया करती थी। हालांकि उससे मेरी इतनी बात तो नहीं होती थी क्योंकि वह भी घर के कामों में बिजी रहती थी सुरभि ने भी अपनी जॉब से रिजाइन दे दिया था और उसके बाद वह फैमिली का ही सारा काम संभालने लगी थी वह फैमिली का काम संभाल कर बड़ी खुशी थी।

मैं पुणे में ही जॉब कर रहा था एक दिन मैंने पापा से कहा कि आप लोग कुछ दिनों के लिए मेरे पास आ जाइए तो वह कहने लगे कि बेटा हम लोग तुम्हारे पास आकर क्या करेंगे लेकिन मैंने उन्हें किसी प्रकार से मना लिया और वह मेरे पास कुछ दिनों के लिए पुणे आ गए। पापा मम्मी ने कुछ दिनों की छुट्टी ले ली थी और वह लोग मेरे पास आए तो मुझे भी काफी अच्छा लग रहा था। कुछ समय तो वह लोग मेरे पास ही रहे और फिर वह वापस लौट गए। मैं एक दिन आकाश के साथ ही बैठा हुआ था मेरा मूड बिल्कुल भी ठीक नहीं था तो आकाश मुझे कहने लगा कि चलो निखिल आज हम लोग कहीं घूम आते हैं। मैंने आकाश को कहा लेकिन हम लोग आज कहां जाएंगे? मुझे बहुत ही अकेला सा महसूस हो रहा है आकाश कहने लगा आज हम लोग मूवी देख आते हैं। उस दिन हम दोनों ही मूवी देखने के लिए चले गए और हम लोगों ने उस दिन मूवी देखी मूवी खत्म हो गई थी लेकिन मेरा मन बिल्कुल भी लग नहीं रहा था। हम लोग वापस जब लौटे तो मैंने आकाश को कहा आज मेरा बिल्कुल भी मन नहीं लग रहा है। आकाश मुझे कहने लगा निखिल मुझे मालूम है।

मैंने आकाश को कहा आज तुम मेरे पास रुक जाओ और आकाश उस दिन मेरे पास ही रुक गया था।  अगले दिन मैं और आकाश ऑफिस चले गए आकाश और मैं जब उस दिन शाम के वक्त ऑफिस से लौट रहे थे तो मुझे मेरी कॉलेज में पढ़ने वाली फ्रेंड मिली। वह मुझे मिली तो वह मुझे कहने लगी लेकिन मैं तुम्हारे बारे में ही सोच रही थी और देखो आज हम लोगों की मुलाकात हो गई। मैंने उससे कहा तुम यहां क्या कर रही हो तो सुहानी मुझे कहने लगी मैं तो अपने किसी रिलेटिव के यहां आई हुई हूं और यह बड़ा ही अच्छा रहा कि आज तुमसे मुलाकात हो गई। मैंने सुहानी से कहा चलो यह तो बड़ी अच्छी बात है उस दिन सुहानी और मैंने काफी देर तक बात की फिर मैंने सुहानी का नंबर ले लिया था दो दिन तक सुहानी और मैं मिले उसके बाद वह मुझसे मिलने के लिए मेरे फ्लैट में आई। वह मुझसे मिलने के लिए फ्लैट मे आई तो मैं और सुहानी बैठकर अपने पुराने दिनों की बातें कर रहे थे। सुहानी और मैं एक दूसरे से बातें कर रहे थे अब हम लोग एक दूसरे मे इतना खो गए कि हमें कुछ पता ही नहीं चला कि कब हम लोगो मे किस हो गया। अब रात भी बहुत हो चुकी थी मैंने सुहानी को कहा अब रात काफी हो चुकी है वह मुझे कहने लगी हां रात बहुत हो चुकी है। मैंने उसे कहा तुम मेरे पास रुक जाओ वह उस दिन मेरे पास ही रुक गई हम दोनों के अंदर कुछ चल रहा था जब उस दिन सुहानी और मैं एक दूसरे के साथ अंतरंग संबंध बनाने के बारे में सोचने लगे तो मैंने सुहानी को किस कर लिया उसके बाद तो वह मेरी हो चुकी थी। वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए बहुत ही ज्यादा उतावली थी। मैं उसके बदन को महसूस करना चाहता था मैंने सुहानी के बदन से कपड़े उतार दिए थे। मैंने उसके बदन से कपड़े उतारे तो वह पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगी। मैंने उसके गोरे स्तनों को दबाना शुरू किया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था वह भी बहुत ज्यादा खुश हो रही थी। उसने मेरी पैंट की चैन खोल मेरे लंड को खोलकर बाहर निकाला।

वह अपने हाथों से मेरे लंड को हिला रही थी मुझे मजा आ रहा था। जब उसने अपनी जीभ का स्पर्श मेरे लंड पर किया तो मुझे बड़ा ही अच्छा लगने लगा और अब मैंने अपने लंड को उसके मुंह के अंदर घुसा दिया। हम दोनों सिर्फ एक दूसरे के साथ सेक्स का मजा लेना चाहते थे। मैंने सुहानी की पैंटी को उतार कर उसकी चूत को चाटना शुरू किया उसकी गुलाबी चूत पर एक बाल नहीं था। उसकी चूत को चाटकर मुझे अलग ही फील हो रहा था। जब मैं उसकी गोरी चूत को चाट रहा था तो मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी और मुझे बहुत मज़ा भी आ रहा था। वह बडी खुश हो गई थी वह जब मेरे लंड को चूसती तो मेरे लंड से पानी बाहर गिरने लगा था। मैं अपने लंड को उसकी चूत मे घुसाने वाला था मैने जब अपने मोटे लंड को उसकी चूत के अंदर घुसा रहा तो वह खुश हो गई। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर जाते ही वह मुझे कहने लगी मुझे मजा आने लगा है।

मैंने उसके दोनों पैरों को अब आपस में मिला लिया। वह जिस प्रकार की मादक आवाज निकाल रही थी उससे मेरे अंदर एक अलग ही आग पैदा हो रही थी और मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। मेरे अंदर की आग बढ़ती ही जा रही थी मैंने उसे डॉगी स्टाइल पोजीशन में बना दिया। मुझे अब एहसास हो गया था मेरा माल गिरने वाला है वह मेरे साथ सेक्स का अच्छे से मज़ा ले रही थी। मैने उसे तेजी से चोदा मेरा मन हो रहा था कि बस में उसे चोदता ही रहू। मैं उसे बड़ी तेज गति से चोद रहा था मैंने सुहानी को बहुत ही अच्छे से चोदा। जैसे ही मेरे वीर्य की गरमा गरम पिचकारी बाहर की तरफ गिरी तो उसने मेरे वीर्य को अपने अंदर ही ले लिया। मुझे बहुत ही अच्छा लगा जिस प्रकार से मैंने उसके साथ सेक्स का मजा लिया था। सुहानी के साथ सेक्स का कर बड़ा ही मजा आया हो मैं बहुत ही ज्यादा खुश हो गया था।


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