अदिति की योनि से खून


Antarvasna, hindi sex stories: कॉलेज का आखिरी दिन था और मैं इस बात को लेकर काफी ज्यादा चिंतित था कि आगे फ्यूचर में क्या होगा। मैं अपने भविष्य को लेकर काफी चिंता में था क्योंकि सब लोगों की मुझसे काफी ज्यादा उम्मीदें थी इस वजह से मुझे भी लग रहा था कि क्या मैं अपने भविष्य में कुछ अच्छा कर पाऊंगा या नहीं। इसी कशमकश में मैं कुछ दिनों तक तो यही सोचता रहा कि मुझे क्या करना चाहिए लेकिन अभी तक मेरी नौकरी कहीं लगी नहीं थी और मैं काफी ज्यादा परेशान भी होने लगा था। जब एक दिन मैं सुबह इंटरव्यू के लिए घर से निकला तो मां ने उस दिन मुझे कहा कि बेटा तुम्हारा आज सिलेक्शन जरूर हो जाएगा। मैंने भी मां से कहा कि हां मां मुझे भी यही लगता है।

मैं जब उस दिन इंटरव्यू देने के लिए गया तो वहां पर काफी ज्यादा भीड़ थी मुझे तो बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मेरा वहां पर सिलेक्शन हो भी पाएगा। मैं सुबह के 9:00 बजे घर से निकल चुका था लेकिन जब मेरा इंटरव्यू हुआ तो मैंने यह सोच लिया था कि शायद मेरा सिलेक्शन हो जाएगा और मैं उस कंपनी में सेलेक्ट हो चुका था। मेरे लिए तो यह काफी बड़ी बात थी क्योंकि मैं उस कंपनी में जॉब करने लगा था और हर महीने  मुझे 35000 मिलते हैं जिससे कि मैं काफी ज्यादा खुश हूं और मेरे परिवार वाले भी काफी खुश है। मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छे से चल रहा था और मैं इस बात से बड़ा खुश हूं कि मैं एक अच्छी कंपनी में जॉब करता हूं। काफी दिन हो गए थे हम लोग अपने चाचा जी के घर पर भी नहीं गए थे तो मेरे छोटे भाई ने मुझे कहा कि चलो आज हम लोग चाचा जी के घर पर चलते हैं।

मेरा छोटा भाई जो कि कॉलेज में पढ़ रहा है और हम लोग उस दिन चाचा जी के घर पर चले गए। काफी लंबे समय के बाद हम लोग चाचा जी से मिल रहे थे तो सब लोग काफी खुश थे और उस दिन हम लोगों ने उन्हीं के घर पर डिनर किया। हम लोग डिनर करने के बाद वापस लौट आए थे और जब हम लोग घर वापस लौटे तो घर लौटने में काफी ज्यादा देर हो गई थी। जब हम लोग घर लौटे तो मैंने अपने छोटे भाई से कहा कि मैं अभी आता हूं। हम लोगों ने चाचा जी के घर पर ही डिनर कर लिया था और पापा मम्मी भी सो चुके थे तो मैं छत में टहलने के लिए चला गया। मैं जब छत में टहल रहा था तो मैंने सोचा कि आज मैं अंकित से बात करता हूं और मैंने उस दिन अंकित से फोन पर बात की। अंकित मेरे साथ मेरी क्लास में ही पड़ता था और जब अंकित ने मुझे कहा कि आज तुम मुझे काफी दिनों के बाद फोन कर रहे हो तो मैंने अंकित से कहा कि हां मैं आज तुम्हें काफी दिनों के बाद फोन कर रहा हूं लेकिन तुमने भी तो मुझे काफी दिनों से फोन नहीं किया था। अंकित मुझे कहने लगा कि हां मैं तो अपने काम के चलते बिजी था इस वजह से तुमसे फोन पर बात नहीं कर पाया था। अंकित और मेरी उस दिन फोन पर करीब आधे घंटे तक बात हुई और फिर हमने फोन रख दिया था।

मैं जब अपनी छत से नीचे आ रहा था तो मैंने देखा कि सामने ही एक लड़की छत पर फोन पर बात कर रही थी थोड़ी देर तक मैंने उसे देखा लेकिन अंधेरे में मुझे कुछ दिखाई नहीं दिया इसलिए मैं अपने रूम में आ चला आया। अपने रूम में आने के बाद मैं सो गया अगले दिन मैं अपने ऑफिस के लिए सुबह निकल रहा था तो मैंने देखा कि सामने वाले घर में एक लड़की आई हुई है। उससे पहले मैंने उसे कभी देखा नहीं था लेकिन वह दिखने में बहुत ही सुंदर थी और उसे देखते ही कहीं ना कहीं मैं अपना दिल दे बैठा था लेकिन मैं उसके बारे में कुछ जानता नहीं था। मैं जब भी अपने ऑफिस जाता तो मैं उसे अक्सर देखा करता। जब भी मैं शाम को घर लौटता तो भी वह मुझे दिख जाती थी। मैं उस लड़की के बारे में जानना चाहता था और मुझे उसके बारे में थोड़ा बहुत पता चल चुका था कि वह हमारे पड़ोस में ही रहने आई हुई है लेकिन मुझे उसका नाम अभी तक पता नहीं था। किसी तरीके से मैंने उसका नाम भी पता किया और फिर मैं उससे दोस्ती करने की कोशिश करने लगा लेकिन मैं उससे बात नहीं कर पाया था।

एक दिन जब मैं अपने ऑफिस से वापस लौट रहा था तो उस लड़की से मेरी बात हुई। रास्ते में उसने मुझसे लिपट ली और हम दोनों एक दूसरे से बात करने लगे थे। हालांकि हम दोनों की उस दिन ज्यादा बात तो नहीं हुई लेकिन मुझे उससे बात कर के अच्छा लगा और उस दिन के बाद मैं उस लड़की से अक्सर बातें किया करता। जब भी मैं उससे बात करता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता है और हम दोनों एक दूसरे से बातें करने लगे थे। मेरे लिए तो यह खुशी की बात थी जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे से बातें किया करते और हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिताने की कोशिश भी करते। मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं जिस तरीके से मेरी बात अदिति से होती है। अदिति और मैं एक दूसरे से काफी ज्यादा बातें भी करने लगे थे। हम एक दूसरे से मिलने भी लगे थे। मैं अदिति के साथ ज्यादा समय बिताने की कोशिश करने लगा था। अदिति मेरे साथ जब भी होती तो वह बहुत ज्यादा खुश होती है और मुझे भी काफी अच्छा लगता जिस तरीके से अदिति और मैं एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

मेरे लिए तो यह बड़ी खुशी की बात है कि अदिति और मैं एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने की कोशिश किया करते हैं। अदिति जब भी मेरे साथ होती है तो मुझे काफी अच्छा लगता है अब मुझे भी लगने लगा था  अदिति और मैं एक दूसरे को प्यार करते हैं। अदिति के दिल में भी मेरे लिए कुछ तो चल रहा है। मैंने भी अदिति से इस बारे में बात की तो अदिति को भी मुझसे प्यार था। यह बात मुझे मालूम चल चुकी थी हम दोनों का रिलेशन चल रहा था। मैं अदिति को डेट करने लगा था और अदिति को मेरा साथ अच्छा लगता जब भी हम दोनों एक दूसरे के साथ होते तो हम दोनों बड़े ही खुश होते। मेरे लिए तो यह बड़ी खुशी की बात है कि अदिति और मैं एक दूसरे के साथ अपनी जिंदगी को अच्छे से बिताने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि अदिति का मेरे जीवन में एक अहम योगदान है। जब भी वह मेरे साथ होती तो मुझे अच्छा लगता है और मुझे कभी भी कोई परेशानी होती है तो मैं अदिति से शेयर कर लिया करता हूं। मुझे काफी अच्छा लगता है जब भी मैं और अदिति एक दूसरे के साथ होते हैं।

अदिति और मैं अपने रिलेशन को अच्छे से चला रहे हैं। जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ अपने रिलेशन को चला रहे हैं उससे हम दोनों बड़े खुश है। एक दिन अदिति और मैं साथ में ही थे उस दिन वह मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आई हुई थी और घर पर कोई भी नहीं था। यह हम दोनों के लिए बहुत ही अच्छा था। जब उस दिन हम दोनों घर पर थे मैंने उस दिन अदिति से कहा मैं तुम्हारे होठों को चूमना चाहता हूं। अदिति इस बात पर मुस्कुराने लगी मैंने जब अदिति के होंठों को चूमना शुरू किया तो अब वह तड़पने लगी थी। मैंने जैसे ही अदिति के स्तनों को दबाना शुरू किया तो वह बहुत ही ज्यादा मचलने लगी। वह जिस तरीके से मचल रही थी उससे मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था और वह चाहती थी वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले ले। उसने जिस तरीके से मेरे लंड को अपने मुंह में लेना शुरू किया उससे मुझे काफी अच्छा लगने लगा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तडपने लगे थे। मेरे लंड से पानी बाहर निकालने को था। मैंने अदिति के कपड़ों को खोला तो अदिति का गोरा बदन देखकर मैं अब रह ना सका और मैंने अदिति से कहा मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जाएगा। अदिति ने भी मुझे कहा मुझसे भी रहा नहीं जा रहा है। मैंने अदिति के दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था।

जब मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए उसकी चूत के अंदर अपनी उंगली को घुसाया तो मेरी उंगली उसकी योनि में नहीं जा रही थी। जब मैंने अदिति की चूत में अपने लंड को घुसाया तो मेरा लंड उसकी योनि मे चला गया और उसकी चूत से खून की पिचकारी बाहर की तरफ निकल आई थीँ जैसे ही अदिति की चूत से खून की पिचकारी बाहर की तरफ को निकली तो वह तड़पने लगी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा है। अब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। ना तो मैं अपने आपको रोक पाया और ना ही अदिति। हम दोनों एक दूसरे का साथ अच्छे से दिए जा रहे थे।

मेरा लंड आसानी से अदिति की चूत को चिरता हुआ अंदर बाहर हो रहा था उसकी योनि से खून  बाहर की तरफ को निकलता जा रहा था। अदिति मुझे कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है। जब मैंने अदिति से कहा मैं  चाहता हूं तुम्हें घोड़ी बनाकर चोदा। अदिति इस बात से बड़ी खुश थी और मैंने उसकी चूतडो को अपनी तरफ करते हुए उसे तेजी से धक्के देना शुरू किया। हम दोनों की गर्मी बढ़ रही थी। अदिति मुझे कहने लगी मेरी गर्मी को तुम और ना बढ़ाओ। मैंने अदिति से कहा मुझे बहुत मजा आ रहा है। अदिति मेरा साथ अच्छे से दिए जा रही थी। मैं जब उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था तो वह बहुत ज्यादा खुश थी और मैं भी पूरी तरीके से खुश था। मेरा लंड जिस तरीके से उसकी योनि के अंदर बाहर होता उस से मे खुश हूं। वह मुझसे अपनी चूतड़ों को मिलाए जा रही थी जिससे कि मैं बिल्कुल भी रह ना सका और मैंने अपने माल को उसकी चूत में गिरा दिया था।