आपका तोहफा मुझे मंजूर है


Antarvasna, sex stories in hindi: पिताजी ने किराने की दुकान शहर के बीचोबीच खोली थी उस वक्त शहर इतना बड़ा नहीं था लेकिन अब धीरे धीरे शहर का विकास होने लगा था और शहर काफी फैल चुका था। हमारी दुकान शहर के बीचोबीच होने के कारण हमारी दुकान पर कई ग्राहक आते थे क्योंकि मेरे पिताजी ने उन सबके साथ एक अच्छा व्यवहार बना रखा था इसलिए वह हमारे पास ही सामान खरीदने के लिए आते थे। मेरी दुकान में 6 7 लोग काम करते हैं पिताजी अब बूढ़े हो चुके हैं इसलिए वह दुकान पर नहीं आते मैं ही दुकान को पिछले 10 वर्षों से संभाल रहा हूं। मैंने दुकान को बखूबी संभाल लिया है और मैं दुकान की पूरी जिम्मेदारी अच्छे से निभा रहा हूं। दोपहर के वक्त मैं कुर्सी पर बैठा हुआ था तभी दुकान में काम करने वाला रामू मेरे पास आया और कहने लगा कि साहब मुझे आपसे कुछ बात करनी थी। मैंने उससे कहा हां रामू कहो क्या कहना था तो वह मुझे कहने लगा कि मुझे कुछ दिनों के लिए अपने घर जाना है।

मैंने रामू को कहा लेकिन तुम घर से कब लौटोगे तो रामू कहने लगा कि मुझे घर से आने में थोड़ा समय लग जाएगा। मुझे मालूम था कि यदि एक व्यक्ति भी छुट्टी पर गया तो दुकान में काम संभालना मुश्किल हो जाता है मैंने रामू से कहा तुम कुछ दिनों बाद चले जाना। रामू मुझे कहने लगा साहब मुझे कुछ जरूरी काम है मैंने रामू से कहा ठीक है तुम घर चले जाना और मैंने रामू को कुछ पैसे दे दिए। रामू को मैंने पैसे दे दिए थे और रामू घर चला गया दुकान में ही काम करने वाला दूसरा लड़का जिसका नाम सोनू है वह भी कुछ दिनों से दुकान पर नहीं आ रहा था मैंने सोनू के नंबर पर फोन किया तो उसका नंबर ही नहीं लग रहा था। मैंने दुकान में काम करने वाले और लोगों से पूछा तो वह कहने लगे साहब सोनू तो पता नहीं तीन-चार दिन से हमें भी नहीं दिखा है। सोनू को मेरे पास काम करते हुए काफी समय हो चुका था लेकिन अब कुछ दिनों से उसका पता नहीं था तभी दुकान में काम करने वाले ही एक लड़के ने कहा कि साहब वह तो अपने गांव चला गया है और मुझे नहीं लगता कि वह अब काम पर आएगा। मैंने दुकान में काम करने वाले राजा से कहा क्या तुम्हारी नजर में कोई लड़का हैं जो दुकान में काम कर पाएं लेकिन वहां ईमानदार होना चाहिए।

राजा कहने लगा साहब मैं देखता हूं लेकिन मुझे थोड़ा समय चाहिए होगा मैंने राजा को कहा कोई बात नहीं तुम देख लेना जैसे ही कोई अच्छा लड़का मिलता है तो तुम मुझे बताना। राजा कुछ दिनों बाद मेरे पास एक नौजवान युवक को ले आया उसकी उम्र 27 वर्ष थी मैंने उससे उसका नाम पूछा वह कहने लगा साहब मेरा नाम कमल है। मैंने उसे कहा क्या तुमने इससे पहले भी कहीं काम किया है तो कमल कहने लगा साहब मैंने इससे पहले तो अपने गांव में ही काम किया था कमल राजा की पहचान का था तो राजा मुझे कहने लगा कि साहब आप कमल से अपने तरीके से बात कर लीजिए। कमल और मेरे बीच में बात हो चुकी थी मैंने कमल को कहा कि मैं तुम्हें इतनी तनख्वाह दे सकता हूं कमल उसमें राजी हो चुका था और कमल दुकान में काम करने लगा। उसे दुकान में काम करते हुए करीब एक महीना हो चुका था और वह बड़ी ईमानदारी और मेहनत से काम कर रहा था लेकिन मुझे क्या पता था कि कुछ दिनों बाद दुकान में चोरी हो जाएगी। मुझे चोरी की कंप्लेंट पुलिस स्टेशन में करवानी पड़ी लेकिन अभी तक चोरी का सुराग नहीं मिल पा रहा था मैं कुछ समझ नहीं पाया क्योंकि दुकान से काफी पैसे भी चोरी हो गए थे और दुकान से काफी सामान भी गायब था। मैंने जब इसकी कंप्लेंट पुलिस में करवाई तो कुछ दिनों बाद मुझे पता चला कि यह सब सोनू ने किया है। सोनू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था क्योंकि सोनू हमारे दुकान में पहले भी काम करता था इसलिए उसे सब कुछ मालूम था परंतु अब वह दुकान छोड़कर जा चुका था इसीलिए उसने चोरी की। कुछ दिनों बाद कमल मुझे कहने लगा कि साहब मुझे आपसे कुछ बात करनी थी तो मैंने कमल को कहा हां कमल कहो तुम्हें क्या कहना था। कमल कहने लगा कि साहब मैं आपसे कहना चाहता था कि मेरी पत्नी को मैं अपने साथ यहां लाना चाहता हूं। कमल की पत्नी बिहार में रहती है कमल ने मुझे अपने घर की परेशानी बताई और कहने लगा कि उसके भैया भाभी ने ही उसे पाला है और वह उसकी पत्नी को बहुत परेशान करते हैं इसलिए कमल चाहता था कि वह अपनी पत्नी को अपने पास बुला ले।

कमल ने मुझसे उसके लिए मदद मांगी मैंने कमल को कुछ पैसे दे दिए कमल कहने लगा कि साहब आपका एहसान जिंदगी भर नहीं भूल पाऊंगा। मैंने कमल को कहा कमल तुम्हारी इमानदारी और तुम्हारे काम को देखते हुए ही मैंने तुम पर भरोसा किया है लेकिन मेरे भरोसे को तुम कभी टूटने मत देना। कमल कहने लगा कि साहब मैं आपके भरोसे को कभी टूटने नहीं दूंगा कमल अपनी पत्नी को लेने के लिए गांव चला गया राजू भी दुकान में लौट चुका था। कमल कुछ दिन बाद लौट आया और जब वह लौटा तो मैंने उसे पूछा अपनी पत्नी को ले आए हो तो वह कहने लगा हैं साहब मैं अपनी पत्नी को लेकर आ चुका हूं। कमल बड़ी ही मेहनत से दुकान में काम कर रहा था और कभी भी मुझे कमल की तरफ से कोई शिकायत का मौका नहीं मिला कमल को काम करते हुए करीब एक वर्ष हो चुका था मैंने कमल की तनख्वाह भी बढ़ा दी थी मेरा काम भी अच्छा ही चल रहा था। पिताजी की तबीयत भी अब ठीक नहीं रहती थी इसलिए उनका इलाज डॉक्टर से चल रहा था उनको भी कभी-कबार मुझे डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ता था।

कमल बहुत ही मेहनत से दुकान में काम कर रहा था इसलिए मुझे उस पर पूरा भरोसा था वह मेरे भरोसे पर भी पूरी तरीके से खरा उतर चुका था। कमल पर मैं कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहता था वह जब भी मुझसे कुछ मांगता तो मैं उसे दे दिया करता। एक दिन उसने अपनी पत्नी को दुकान पर बुलाया जब उसकी पत्नी दुकान पर आई तो उसे देखकर मेरी नियत खराब होने लगी। मैं कमल की पत्नी को अपना बनाना चाहता था मैंने उसके लिए कमल के घर के इर्द-गिर्द डोरे डालने शुरू कर दिया। कमल पर मैं कुछ ज्यादा ही मेहरबान होने लगा था कमल इस बात से अनजान था उसे कुछ भी पता नहीं था लेकिन जब मै कमल के घर पर गया तो उसके 10 बाय 10 के कमरे में बहुत गर्मी हो रही थी। उसकी पत्नी मुझे कहने लगी साहब आप क्या लेंगे? कमल मेरे लिए शरबत बनाकर ले आया मैं कमल के घर को देख चुका था और उसके बाद तो मैं कमल के घर पर अक्सर जाने लगा। कमल की पत्नी का गदराया बदन उसके स्तन और उसकी गांड को देखकर मै अपने आपको रोक नहीं पा रहा था। मैं चाहता था कि उसकी पत्नी को मैं अपनी बाहों में ले लूं कुछ दिनों बाद में उसकी पत्नी के पास गया वह घर पर अकेली थी मैंने उसे साड़ी गिफ्ट कर दी। उसके बाद तो यह सिलसिला चलता रहा मैं उसकी पत्नी को कुछ ना कुछ दे दिया करता था जिससे कि वह खुश हो जाया करती थी वह भी मेरे इशारे समझ चुकी थी। मैंने उसे जब अपने बारे में बताया मैं उसके साथ सेक्स करना चाहता हूं तो वह मेरी बात मान गई और मेरे साथ सोने के लिए तैयार हो गई। कमल दोपहर के वक्त दुकान में ही काम कर रहा था मैंने उसे कहा तुम दुकान को संभाल लेना मैं भी आता हूं। मैं कमल के घर पर चला गया जब मैं कमल के घर पहुंचा तो मैंने कमल की पत्नी को अपनी बाहों में ले लिया मै उसके स्तन को दबाने लगा और उसके होठों को चूमने लगा।

उसके होठों को चूमने मे बड़ा मजा आता वह भी पूरी तरीके से मेरी बाहों में आ चुकी थी जब मैंने अपने लंड को निकाला तो उसने मेरे लंड को हिलाना शुरू किया वह बड़े ही अच्छे तरीके से मेरे लंड को हिला रही थी। मैं पूरी तरीके से जोश मे आ गया जब उसने मेरे लंड को चूसा तो मैंने उसे कहा मैं तुम्हे उसके बदले और भी पैसे दूंगा तो वह खुश हो गई और मेरे लंड से उसने पानी बाहर निकाल कर रख दिया। मैं पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुका था मेरे अंदर की गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी मैं अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रहा था। मैंने जैसे ही उसकी साड़ी को ऊपर उठाते हुए उसके काले रंग की पैंटी को नीचे उतारा तो उसकी चूत गीली हो चुकी थी और उसकी गीली हो चुकी चूत को मै चाटने लगा। मैंने बहुत देर तक उसकी चूत चाटी मुझे बहुत मज़ा भी आया उसकी चूत चाटने में मुझे जितना मजा आ रहा था उस से ज्यादा उसे मज़ा आ रहा था।

मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को धीरे-धीरे घुसाना शुरू किया तो वह चिल्लाने लगी उसके मुंह से चीख निकलने लगी थी मेरा लंड उसकी चूत के अंदर प्रवेश हो चुका था। मुझे उसे चोदने में बड़ा मज़ा आ रहा था मैं बहुत देर तक उसको चोदता रहा वह पूरी तरीके से जोश मे आने लगी मैंने उसे अपनी बाहों में दबोच लिया था। वह मेरी बाहों में थी मैंने जब उसे घोड़ी बनाकर उसकी चूतड़ों को कसकर पकड़ लिया तो वह उत्तेजित होने लगी मैंने अपने लंड को उसकी गांड के अंदर घुसा दिया। मेरा लंड उसकी गांड के अंदर घुसते ही वह चिल्लाने लगी और मुझे कहने लगी साहब आपने तो मेरी गांड फाड कर रख दी है मैंने उसे कहा तुम्हे अब और मजा आएगा। मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था और मुझे उसक गांड मारने मे मजा आता। मैंने उसकी गांड के अंदर से खून बाहर निकाल दिया था पहली बार ही उसने किसी से अपनी गांड मरवाई थी लेकिन उसके टाइट गांड को मैं झेल ना सका मेरा वीर्य बाहर की तरफ गिर गया। मेरा वीर्य जैसे ही गिरा तो मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया। मैं दुकान पर चला गया कमल मुझसे कहने लगा साहब आप कहां चले गए थे? मैंने उसे कहा मैं किसी जरूरी काम से गया था उसके बाद भी मेरे और कमल की पत्नी के बीच नाजायज संबंध ना जाने कितनी बार बनते रहे।


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