आ जाओ प्यास बुझाने


Antarvasna, hindi sex kahani: मैं अपने घर से बाहर निकली ही थी कि मेरे पड़ोस में रहने वाली संगीता मुझे दिखी संगीता मुझसे कहने लगी कि माया तुम बड़ी जल्दी में दिखाई दे रही हो तो मैंने उससे कहा कि मैं अपनी बहन के पास जा रही हूं। संगीता मुझे कहने लगी कि तुम्हारी बहन ठीक तो है ना मैंने उसे बताया हां बस ऐसे ही उससे काफी दिनों से मुलाकात नहीं हो पाई थी तो सोचा कि उससे मुलाकात कर लूं इसलिए मैं उससे मिलने के लिए जा रही हूं। मुझे संगीता ने कहा कि चलो मैं तुमसे बाद में मुलाकात करती हूं संगीता और मेरे बीच अच्छी बातचीत है वह हमारे पड़ोस में ही रहती है कभी भी मुझे कुछ जरूरत होती है तो मैं संगीता से ही मदद ले लिया करती हूं। मैं अपनी बहन के ससुराल में गई और अपनी बहन से मिली, काफी समय बाद उससे मिलकर मुझे अच्छा लग रहा था उसकी शादी को 3 वर्ष ही हुए हैं और वह मुझसे उम्र में 5 वर्ष छोटी है। मैं अपनी बहन के साथ समय बिता कर बहुत खुश थी मैं और मेरी बहन एक दूसरे से काफी नजदीक हैं जब भी मेरी बहन को कोई परेशानी होती तो वह मुझे फोन करती है।

अब मैं घर वापस लौट चुकी थी मैं जब घर वापस लौटी तो उस वक्त मेरे पति भी ऑफिस से लौट रहे थे मैं अपने सोसायटी के गेट पर पहुंची ही थी कि मेरे पति मुझे दिखाई दिये और वह कहने लगे कि माया तुम कहां से आ रही हो। मैंने उन्हें बताया कि मैं अपनी बहन से मिलने के लिए गई थी काफी दिन हो गए थे उससे मेरी मुलाकात नहीं हो पाई थी इसलिए सोचा कि उससे मिला लेती हूं। मेरे पति कहने लगे कि तुमने मुझे इस बारे में क्यों नहीं बताया तो मैंने उन्हें कहा बस अचानक से ही मैंने उससे मिलने के बारे में सोचा और उससे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं घर पर आ गई थी और मेरे पति कहने लगे कि माया मेरे लिए चाय बना दो मैंने उनके लिए गरमा गरम चाय बनाई और वह सोफे पर बैठ कर चाय पी रहे थे उन्होंने मुझे कहा कि क्या तुम पड़ोस के पांडे जी को जानती हो। मैंने उन्हें कहा हां मैं पांडे जी को अच्छे से जानती हूं तो वह कहने लगे कि उनकी बेटी घर से भाग गई है मैंने अपने पति से कहा लेकिन उनकी बेटी तो बहुत ही संस्कारी और अच्छी है वह घर से कैसे भाग सकती है।

मेरे पति कहने लगे कि यह बात सोच कर तो मैं भी बहुत ज्यादा चकित हो गया था कि पांडे जी की लड़की कैसे भाग गई मुझे तो यह बात गोविंद जी ने बताई कि पांडे जी की लड़की घर से भाग गई है। मैंने अपने पति से पूछा क्या उसका किसी लड़के के साथ में कोई अफेयर चल रहा था तो वह कहने लगे मुझे तो इस बारे में कुछ पता नहीं है लेकिन मैंने तो उससे जितनी बार भी बात की है वह बहुत ही अच्छी थी और अब पांडे जी भी इस बात से बहुत दुखी हैं। हम दोनों बातें कर रहे थे कि तभी मेरी बहन का मुझे फोन आया और वह कहने लगी कि दीदी क्या आप घर पहुंच गई थी तो मैंने उसे कहा कि हां मैं घर पहुंच गई थी मैं तुम्हें फोन करना भूल गई। कहने लगी कि ठीक है दीदी मैं आपसे बाद में बात करती हूं अब उसने फोन रख दिया था और मैं अपने पति से बात कर रही थी वह मुझे कहने लगे कि क्या तुम्हारी पापा-मम्मी से बात हुई थी मैंने उन्हें कहा नहीं मेरी तो पापा-मम्मी से कोई भी बात नहीं हुई। मेरे सास ससुर शादी में बेंगलुरु गए हुए थे और वह बेंगलुरु से अभी तक लौटे नहीं थे मेरे पति ने जब उन्हें फोन किया तो वह कहने लगे हमें आने में कुछ दिन और लगेंगे। मेरे पति कहने लगे कि माया मुझे बहुत तेज भूख लग रही है तुम मेरे लिए कुछ बना दो मैंने उन्हें कहा बस अभी आपके लिए मैं कुछ बना देती हूं। मैंने जल्दी से खाना बनाना शुरू किया और एक डेड घंटे के अंदर ही मैंने खाना बना लिया था और अब हम लोग दोनों साथ में बैठकर खाना खा रहे थे। हम दोनों ने जब डिनर खत्म किया तो उसके बाद मेरे पति मुझे कहने लगे कि माया मैं बाहर से टहल कर आता हूं। मेरे पति हर रोज खाना खाने के बाद बाहर टहलने के लिए जाया करते है मैंने उन्हें कहा कि आज मैं भी आपके साथ चलती हूं तो वह कहने लगे कि चलो ठीक है। हमारे घर के पास ही एक पार्क है वहां पर हम दोनों चले गए जब हम दोनों वहां पर एक दूसरे से चलते-चलते बात कर रहे थे तो तभी मुझे संगीता भी दिखाई दी और संगीता मुझे कहने लगी कि माया आज तुम टहलने के लिए कैसे आ गई। मैंने संगीता को कहा बस ऐसे ही सोचा कि आज मैं भी टहल लेती हूं मैं संगीता के साथ पार्क में लगी हुई कुर्सी पर बैठ गई और वहां पर हम दोनों बैठ कर बात कर रहे थे करीब एक घंटा हो गया था मुझे मेरे पति कहने लगे कि माया अब हमें चलना चाहिए।

हम दोनों अब घर लौट आए थे हम दोनों जब घर लौट आए तो उसके बाद हम दोनों सो चुके थे और अगले दिन मेरे पति के लिए मैंने नाश्ता बनाया और सुबह वह ऑफिस के लिए निकल चुके थे मैंने उनका टिफिन बांधकर उन्हें दिया था और वह ऑफिस के लिए निकल चुके थे। मैं घर पर अकेले बोर हो रही थी मैंने सोचा कि क्यों ना मैं संगीता को फोन करके पूछू कि वह क्या कर रही है मैंने संगीता को फोन किया उस वक्त 10:30 बज रहे थे मैंने जब संगीता को फोन किया तो वह मुझे कहने लगी कि मैं तो घर पर अकेली ही हूं तुम घर पर आ जाओ। मैं संगीता के घर पर चली गई और जब मैं संगीता के घर पर गई तो संगीता मुझे कहने लगी कि क्या तुम कल अपनी बहन से मिल आई थी मैंने उससे कहा हां मैं कल अपनी बहन से मिल आई थी। मैं और संगीता आपस में बैठकर बात कर रहे थे कि तभी डोर बेल बजी और संगीता ने जब दरवाजा खोला तो संगीता के कोई परिचित दरवाजे पर खड़े थे संगीता ने उन्हें अंदर आने के लिए कहा। जब वह अंदर आए तो संगीता ने मेरा परिचय करवाया वह संगीता के पति राजेश के दोस्त हैं उनका नाम रोशन है।

संगीता कहने लगी कि राजेश तो आज ऑफिस से देर में लौटेंगे तो रोशन कहने लगे कि अभी मैं चलता हूं लेकिन संगीता ने उन्हें रोक लिया और कहा कि मैं आपके लिए अभी चाय बना देती हूं। संगीता उनके लिए चाय बनाने के लिए रसोई में चली गई मैं रोशन के साथ बात कर रही थी लेकिन इत्तेफाक से वह मेरी बहन के पति को भी जानते थे। मैंने उनसे कहा कि क्या आप उनके घर कभी गए हैं तो वह कहने लगे कि हां मेरा उनके घर पर अक्सर आना-जाना होता रहता है। मैं रोशन के साथ बात कर रही थी कि तभी संगीता चाय लेकर आई और मैंने चाय पी मैंने और रोशन ने साथ में बैठकर चाय पी उसके बाद मैं अपने घर चली आई थी। कुछ दिनो बाद मैं अपनी बहन के घर पर गई तो वहां पर मेरी मुलाकात रोशन के साथ हो गई और रोशन से उस दिन भी मेरी काफी देर तक बात हुई रोशन ने कहीं ना कहीं मेरे दिल पर अपनी छाप तो छोड़ ही दी थी मैं चाहती थी कि उन्हें अपने घर पर इनवाइट करू। एक दिन दोपहर के वक्त मैंने उन्हें घर पर बुलाया और जब वह घर पर आई तो उस वक्त मैं घर पर अकेली थी वह जब घर पर आ गए तो मैंने उन्हें अपने पास बैठने के लिए कहा। वह मुझसे चिपक कर बैठे हुए थे जब मैंने उनकी तरफ देखा तो वह मेरी तरफ देख रहे थे मैं अपनी नशीली आंखों से उनको देख रही थी और वह अपने होंठो को मेरी तरफ बढ़ा रहे थे उन्होंने जैसे ही मेरे होंठों को चूमना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। वह मेरे होठों का रसपान बड़े अच्छे तरीके से कर रहे थे उन्होंने मेरे होंठो को बहुत देर चूसा और मेरे होठों से उन्होंने खून बाहर निकाल कर दिया था। मैंने उन्हे कहा लगता है मैं अब रह नहीं पाऊंगी उन्होंने मुझे कहा कि चलो फिर बेडरूम में चलते हैं। हम दोनों बेडरूम में चले आए थे मैंने अपने कपड़े उतारे उन्होंने मेरी तरफ देखा और कहने लगे कि तुम तो बड़ी ही माल हो।

मैंने उन्हें कहा आप भी अपने कपड़े उतार कर मुझे दिखाइए उन्होंने अपने कपड़ों को उतारा मैंने उनको देखा तो मैं खुश हो गई मुझे इस बात की बड़ी खुशी थी कि वह मेरी चूत के अंदर अपने लंड को उतारने वाले हैं और उन्होंने जैसे ही मेरे सामने अपने लंड को किया तो मैंने भी उनके लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया। उनके लंड को जैसे ही मैंने अपने मुंह के अंदर बाहर करना शुरू किया तो उन्हें बहुत ही मजा आ रहा था उन्होंने मुझे कहा मैं अब रह नहीं पाऊंगा मुझे आपकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाना ही पड़ेगा। उन्होंने मेरे बदन को पूरी तरीके से महसूस किया उन्होंने जब मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसा तो मुझे मजा आता और वह मेरे स्तनों को बहुत देर तक चूसते रहे। काफी देर तक उन्होंने मेरे स्तनों का रसपान किया जब उन्होंने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मेरी चूत पूरी तरीके से गीली हो चुकी थी और उनका लंड मेरी चूत के अंदर घुसने के लिए तैयार था। जैसे ही उन्होंने धक्के देते हुए अपने  लंड को प्रवेश करवाया तो मैंने उन्हें कहा आपका लंड बड़ा ही मोटा है उनका लंड मेरी चूत के अंदर तक जा चुका था। उनका लंड मेरी चूत की दीवार से टकराने लगा था मैं अपने पैरों को खोलने लगी वह मुझे धक्के मार रहे थे और मुझे बहुत ही मजा आ रहा था।

जिस प्रकार से उन्होंने मुझे धक्के दिए उससे मेरी चूत से निकलता हुआ पानी और भी ज्यादा बढ़ने लगा था मेरे शरीर से गर्मी बाहर निकलने लगी थी और मेरी गर्माहट इतनी ज्यादा बढ़ चुकी थी कि मैं उनसे लिपट कर लेटी हुई थी। उन्होंने मुझे कहा कि अब तुम घोड़ी बन जाओ? उन्होंने मुझे घोड़ी बनाया घोडी बनाते ही उन्होंने मेरी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो मुझे बहुत मजा आने लगा जिस प्रकार से वह मेरी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को कर रहा था उससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मेरी गर्मी कहीं ना कहीं बुझ रही थी। उन्होंने कहा कि मुझे तुम ऐसे ही धक्के मारते रहो और काफी देर तक वह मुझे ऐसे ही धक्के मारते रहे मेरी चूत गिली हो चुकी थी मैंने उन्हें कहा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने अपने वीर्य को मेरी चूत के अंदर गिरा ही दिया और मेरी चूत मे उनका वीर्य गिरते ही मै खुश हो गई। उसके बाद हम लोग अक्सर एक-दूसरे को मिलने लगे मैं उन्हें घर पर बुलाने लगी जब वह घर पर आते तो मेरे साथ जमकर सेक्स का मजा लेते।


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