69 पोजीशन का मजा


Antarvasna, hindi sex kahani: एक शाम मैं अपने घर के लिए अपने ऑफिस से लौटा था उस दिन जब मैं अपने ऑफिस से घर लौटा तो मुझे मां ने कहा कि बेटा हम लोग तुम्हारे मामा जी के घर जा रहे हैं। मैंने मां से कहा कि लेकिन मां आपने तो मुझे इस बारे में कुछ नहीं बताया। पापा भी अभी तक आए नहीं थे और जब पापा आए तो उसके बाद वह लोग मामा जी के घर पर चले गए। मैं घर पर उस दिन अकेला ही था तो मैंने सोचा कि क्यों ना अपने दोस्त रोहित को घर पर बुला लूं। मैंने जब रोहित को फोन किया तो रोहित ने मुझे कहा कि मैं बस थोड़ी देर बाद ही घर पर आता हूं और थोड़ी देर बाद ही रोहित घर पर आ गया। जब वह घर पर आया तो उसके बाद मुझे रोहित से मिलकर अच्छा लगा रोहित हमारी कॉलोनी में रहता है और वह मेरा काफी पुराना और अच्छा दोस्त है। मुझे रोहित से मिलकर बड़ा अच्छा लगा  रोहित ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए शिमला जा रहा है तो मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं भी रोहित के साथ कुछ दिनों के लिए शिमला चला जाऊं।

मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी ले ली और हम दोनों शिमला घूमने के लिए चले गए। जब हम लोग शिमला गए तो वहां पर हम लोग एक हफ्ते तक रहे और एक हफ्ते बाद हम लोग शिमला से वापस लौट आये। जब मैं शिमला से वापस लौटा तो उस दिन मुझे अपने दोस्त की शादी के लिए जाना था और मैं अपने दोस्त की शादी में चला गया। जब मैं अपने दोस्त की शादी में गया तो वहां पर मेरे साथ पढ़ने वाली ममता मुझे मिली, जब ममता से मैं मिला तो मुझे काफी अच्छा लगा। ममता और मेरी बिल्कुल भी नहीं बनती थी। हम दोनों का कॉलेज पूरा हो जाने के बाद हम लोग मिल रहे थे और कुछ देर हम दोनों ने बातें की।

यह पहली बार था जब हम दोनों एक दूसरे से  इतनी बातें कर रहे थे कॉलेज के समय में हम दोनों की बिल्कुल भी नहीं बनती थी और अक्सर हम दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे लेकिन उस दिन मुझे ममता से बात कर के अच्छा लगा। उस दिन के बाद मैं ममता से फोन पर बातें करने लगा था लेकिन मैं अपने काम के चलते काफी ज्यादा बिजी रहता जिस वजह से मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था। ममता से मेरी मुलाकात तो नहीं हो पाती थी लेकिन फिर भी मैं कोशिश करता कि उससे मैं फोन पर बात कर लिया करूँ। मैं ममता से फोन पर बातें कर लिया करता था। मेरी जिंदगी में कुछ भी नया नहीं हो रहा था बस मेरा दोस्त रोहित मुझसे मिलने के लिए घर पर आ जाया करता था और जब भी रोहित मुझसे मिलता तो मुझे अच्छा लगता है।

एक दिन मेरी छुट्टी थी उस दिन मैंने रोहित को फोन किया और जब मेरी बात रोहित से हुई तो उसने मुझे अपने साथ मूवी चलने के लिए कहा और हम दोनों उस दिन मूवी देखने के लिए चले गए। जब हम लोग मूवी देखने के लिए गए तो हम दोनों को काफी अच्छा लगा और मूवी देखने के बाद हम दोनों वापस लौट आए थे। जब मैं उस दिन घर लौटा तो ममता से मेरी बात फोन पर हुई और मुझे बहुत अच्छा भी लगा जब उससे मेरी फोन पर बातें हुई। मेरी बात उससे काफी देर तक हुई और फिर मैंने फोन रख दिया था। मुझे काफी गहरी नींद आ रही थी तो मैं सो चुका था अगले दिन मुझे अपने ऑफिस जाना था। सुबह मैं अपने ऑफिस के लिए तैयार हुआ और मां ने मेरे लिए नाश्ता लगा दिया था। मां ने जब मेरे लिए नाश्ता लगाया तो मैंने नाश्ता किया और उसके बाद मैं अपने ऑफिस के लिए निकल गया। नाश्ता करने के बाद मैं जब ऑफिस निकला तो मुझे अपने ऑफिस पहुंचने में थोड़ी देरी हो गई थी और उस दिन मेरे ऑफिस में काफी ज्यादा काम भी था इस वजह से मुझे घर लौटने में भी बड़ी देरी हुई।

मैं उस दिन ममता से मिलना भी चाहता था लेकिन ममता से मेरी मुलाकात हो नहीं पाई थी। मैंने ममता को रात को फोन किया और उससे कहा कि आज मैं तुमसे मिल नहीं पाया उसके लिए मैं तुमसे माफी मांगता हूं लेकिन कल मैं तुमसे जरूर मिलूंगा। अगले दिन हम दोनों एक दूसरे को मिलना चाहते थे अगले दिन मैं और ममता एक दूसरे को मिले और जब हम दोनों एक दूसरे से मिले तो उस दिन हम दोनों ने काफी अच्छा समय साथ में बिताया। ममता ने मुझे बताया कि वह अपनी बहन के साथ अमेरिका जा रही है। मैंने ममता से कहा कि लेकिन तुम अमेरिका क्यों जा रही हो तो ममता ने मुझे बताया कि वहां पर वह अपनी बहन के साथ ही कुछ समय रहना चाहती है। मैंने उसके बाद ममता से इस बारे में कुछ नहीं कहा ममता थोड़े ही दिनों बाद अपनी बहन के साथ अमेरिका चली गई।

मेरी मुलाकात ममता से काफी लंबे समय से नहीं हुई थी क्योंकि मैं अपने ऑफिस के चलते ही बहुत ज्यादा बिजी था इस वजह से मैं ममता से फोन पर बातें भी नहीं कर पाया था। वह अभी भी अमेरिका में ही थी ममता अमेरिका में करीब एक साल रहने के बाद जब वापस लौटी तो उस दिन हम दोनों एक दूसरे को मिले। जब हम दोनों ने एक दूसरे को मिले तो उस दिन हमें बड़ा अच्छा लगा हम दोनों कॉफी शॉप में थे और वहां पर हम दोनों ने एक दूसरे से काफी देर तक बातें की। मुझे पता ही नहीं चला कि कब हम दोनों को 3 घंटे हो चुके है और मुझे घर भी जाना था इसलिए मैंने ममता से कहा कि मुझे अभी घर जाना होगा। ममता ने मुझे कहा कि ठीक है तुम मुझे भी घर छोड़ देना और फिर मैंने ममता को उस दिन उसके घर छोड़ा और वहां से मैं अपने घर चला आया। जब मैं अपने घर पहुंचा तो मुझे घर पहुंचने में काफी देर हो गई थी। मैं जब घर पहुंचा तो मां ने मुझसे कहा कि आज हम लोगों को हमारी फैमिली फ्रेंड के घर पर जाना है तो मुझे भी उन लोगों के साथ जाना था।

मैं पापा मम्मी के साथ उनके फैमिली फ्रेंड के घर पर गया वहां पर हम लोगो ने डिनर किया और देर रात को वहां से हम लोग घर लौट आये। जब हम लोग वहां से लौटे तो हम लोगों को काफी देर हो चुकी थी। मुझे अगले दिन ममता से भी मिलना था मेरी अगले दिन ऑफिस की छुट्टी थी इसलिए उस दिन मैंने ममता को मिला और जब मैं ममता से मिला तो ममता ने मुझे कहा कि क्या आज हम लोग शॉपिंग करने के लिए चले। मैंने उससे कहा कि ठीक है और मैं और ममता उस दिन शॉपिंग करने के लिए चले गए। जब हम दोनों शॉपिंग करने के लिए गए तो वहां से लौटने में हमें काफी देरी हो गई थी। मैंने और ममता ने उस दिन साथ में काफी अच्छा समय बिताया। हम दोनों को बड़ा ही अच्छा लगा जब उस दिन हम दोनों ने साथ में अच्छा टाइम स्पेंड किया और उसके बाद मैं और ममता  घर चले गए थे। जब हम लोग घर गए तो उसके बाद मैंने ममता को फोन किया और ममता से मैंने उस दिन काफी बातें की। मेरी ममता से फोन पर काफी बातें हुई और फिर थोड़ी देर बाद मैंने फोन रख दिया था। ममता से मेरा मिलना हो ही जाता था और हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हमें बड़ा ही अच्छा लगता। ममता और मेरा मिलना तो होता ही रहता था।

जब भी हम दोनों एक दूसरे को मिलते तो हम दोनों को बहुत ही अच्छा लगता। एक दिन हम दोनों साथ में बैठे हुए थे उस दिन मेरे दिल में ममता को लेकर ना जाने क्या चल रहा था। मैंने ममता से कहा आज मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करना है। ममता पहले इस बात पर मुस्कुराने लगी जब मैंने ममता से दोबारा इस बारे में पूछा तो ममता ने मेरा हाथ पकड़ लिया। मैं भी ममता के इशारे समझ चुका था वह मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे हम दोनों उस दिन होटल में चले गए। जब हम लोग होटल में गए तो वहां पर मैं और ममता एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे। अब मैं ममता के होठों को चूम रहा था और ममता भी पूरी तरह से गर्म हो रही थी। जब मैं उसके गुलाबी और रसीले होठों को चूमता तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। जब मैं ऐसा करता तो वह तड़प रही थी और मैं भी बहुत ज्यादा तड़प रहा था। अब हम दोनों ही पूरी तरीके से तड़पने लगे थे। मैंने जब अपने लंड को बाहर निकाला तो उसे ममता ने अपने मुंह में ले लिया वह उसे चूसने लगी।

वह तब तक लंड को चूसती रही जब तक उसने मेरे लंड से पानी नहीं निकाल दिया। अब मेरे लंड से पानी बाहर की तरफ निकल चुका था मैं अब बहुत ज्यादा उत्तेजित हो चुका था। कुछ देर तक हम दोनों ने 69 पोजीशन में एक दूसरे की गर्मी को बढ़ाया और फिर मैंने ममता की चूत में लंड को डालना शुरू किया। मेरा लंड उसकी योनि में घुसा तो वह बहुत जोर से चिल्लाई। अब मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था जब मैं उसे चोद रहा था। हम दोनों गर्म होते जा रहे थे अब हमारी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ती जा रही थी। मैं ममता की चूत के अंदर बाहर लंड को घुसा रहा था। ममता की चूत से बहुत ज्यादा खून बाहर की तरफ को निकल रहा था जिससे कि वह और भी ज्यादा तड़प रही थी और अपने पैरों को खोलकर मेरी गर्मी को बढ़ा रही थी। जब मैं ऐसा कर रहा था तो उसे मजा आने लगा था और मैं उसका साथ बड़े ही अच्छे से दे रहा था। मैंने कुछ देर ममता को अपने नीचे लेटा कर चोदा लेकिन अब मैंने उसे घोड़ी बना दिया था। वह मचलने लगी थी। वह मुझे कहने लगी मुझे और तेजी से धक्के मारते रहो। मैं उसे तेजी से धक्के दिए जा रहा था। मेरी गर्मी बढ़ती जा रही थी अब हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को बढा चुके थे। मैंने जब अपनी माल को गिराया तो मैं बहुत ज्यादा खुश था।