चोदकर सातवे आसमान पर था

Hindi sex stories, antarvasna अपनी पत्नी के तानों से परेशान होकर उसे फिल्म ले जाने का वादा मुझे पूरा करना ही पड़ा काफी समय से वह मुझसे कह रही थी कि तुम मुझे मूवी दिखाने के लिए ले चलो। उसके पसंदीदा हीरो की फिल्म जो लगी थी और वह चाहती थी कि वह रिलीज के…


वीर्य से चूतडो को धो डाला

Antarvasna, kamukta दादा जी ने आवाज लगाते हुए कहा शोभित बेटा तुम क्या मुझे आज शुक्ला अंकल के घर छोड़ दोगे मैंने कहा जी दादा जी ठीक है मैं आपको छोड़ दूंगा। दादा जी तैयार होने लगे और मैंने उन्हें शुक्ला अंकल के घर छोड़ दिया था वह मुझे कहने लगे कि तुम शाम के…


आओ तुम्हे खीर खिलाती हूं

Antarvasna, desi kahani घर में छोटा होने की वजह से हमेशा मुझे मेरी मां का प्यार सबसे अधिक मिला मेरे पिताजी भी मुझसे बहुत प्यार करते थे कभी कबार वह मुझ पर गुस्सा भी हो जाय करते थे। मेरे बड़े भैया अमित मुझसे हमेशा झगड़ते रहते थे वह कहते कि तुम्हारी दोस्ती बिल्कुल भी ठीक…


आपके हाथ और चूत मे जादू है

Antarvasna, hindi sex story मुझे तो आपने घर के काम काजो से फुर्सत ही नहीं मिलती थी और मैं घर के कामों में ही उलझी रहती थी हमारे घर पर हमारे अतिथियों का आना जाना लगा रहता था क्योंकि मेरे पतिदेव और मेरे ससुर जी के दोस्त हमारे घर पर अक्सर आते रहते थे। मेरे…


सिमरन मेरी हो चुकी है

Kamukta, antarvasna जालंधर और लुधियाना के बीच मेरा हर रोज का सफर रहता था मैं लोकल ट्रेन से ही सफर किया करता हूं उस ट्रेन में मैं अब सवारियों को भी पहचानने लगा था क्योंकि ज्यादातर उसमें से कॉलेज के छात्र छात्राएं और निजी संस्थान में काम करने वाले लोग और कुछ मजदूर हुआ करते…


एक रात के पति बन जाओ

Antarvasna, hindi sex story मेरे और मेरे पति मोहन के बीच में हमारे गृहस्थ जीवन और हम दोनों के आपसी सहयोग से हमारा परिवार खुश था। हर रोज सुबह मैं अपने घर के छोटे से बगीचे में पानी डाला करती और मेरे पति मोहन अखबार पढ़ा करते थे हमारे आसपास का माहौल बड़ा ही शांत…


मेरी चूत मारी गई खेत मे

Desi kahani, antarvasna मैं इस बात से बहुत खुश थी कि हमारे गांव में इस वर्ष भी मेला लगने वाला है। मैं एक छोटे से गांव की रहने वाली हूं और हमारा गांव बिहार में है हमारा गांव पटना से 5 घंटे के रास्ते पर है। मैं इस बात से खुश थी कि इस वर्ष…


मेरी चूत मांगे वंस मोर

Antarvasna, kamukta मैं पार्टी में इधर उधर देख रही थी लेकिन मुझे कोई जाना पहचाना चेहरा नजर नहीं आ रहा था मैंने काफी देर तक इधर-उधर नजर मारी परंतु उस पार्टी में मुझे कोई जान पहचान का नजर ना आया। मैं अपने पति के साथ आई हुई थी तो मेरे पति के ही सब परिचित…


ट्रेन की वो यादगार रात

Kamukta, antarvasna मुझे फ्लाइट से बेंगलुरु जाना था लेकिन किसी कारणवश मुझे ट्रेन से जाना पड़ा। मुझे ट्रेन के थर्ड एसी में सिटी मिल चुकी थी और थर्ड एसी के लिए भी बडी मेहनत करनी पड़ी लेकिन आखिरकार ट्रेन में टिकट मिली चुकी थी। मैं जब ट्रेन की सीट में बैठी तो कुछ देर मैंने…


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